सुधार (10 अक्टूबर 2026): इस लेख के पहले संस्करण में लिखा था कि “शहरी क्षेत्रों में भाजपा का प्रदर्शन ग्रामीण क्षेत्रों से बेहतर हो सकता है”। सर्वे ने शहरी-ग्रामीण आंकड़े अलग से नहीं दिए, इसलिए यह पंक्ति हटा दी गई है। पहले संस्करण में मुख्यमंत्री की पसंद के आंकड़े (योगी आदित्यनाथ 54%, अखिलेश यादव 35%, मायावती 7%) भी दिए गए थे। ये आंकड़े न्यूज लीडर-मैट्राइज के प्रकाशित सर्वे पेज पर नहीं मिले, इसलिए इन्हें भी हटा दिया गया है। भूपेंद्र चौधरी का पद और उनके बयान का स्रोत जोड़ा गया है, और सर्वे के ग्राफ अब हमने खुद लेख की तालिका के आंकड़ों से बनाए हैं।
UP Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव करीब आ रहे हैं। फरवरी-मार्च 2027 के आसपास राज्य की 403 सीटों पर मतदान होने की संभावना है। सरकार बनाने के लिए 202 सीटों का जादुई आंकड़ा चाहिए। न्यूज लीडर और मैट्राइज के संयुक्त ओपिनियन पोल ने मौजूदा राजनीतिक मूड को समझने की कोशिश की है। यह सर्वे चुनाव का अंतिम नतीजा नहीं है, बल्कि मौजूदा रुझान बताता है। 2017 में भाजपा ने 312 सीटें जीतकर सत्ता संभाली थी और 2022 में सहयोगियों के साथ 273 सीटों पर सरकार बनाई। 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा को झटका लगा था, जिसके बाद विपक्ष खासकर समाजवादी पार्टी की वापसी की चर्चा तेज हुई। अब सवाल ये है कि विधानसभा चुनाव में तस्वीर कैसी दिख रही है।
सर्वे की जानकारी: यह ओपिनियन पोल न्यूज लीडर (News Leader) और मैट्राइज न्यूज कम्युनिकेशंस (Matrize) का है, जिसके आंकड़े 23 से 25 सितंबर 2026 के बीच जारी किए गए। मूल सर्वे यहां देखें। पोल करने वाली संस्थाओं ने अपने प्रकाशित पेज पर सैंपल साइज़, सर्वे की तारीखें और सर्वे का तरीका नहीं बताया है। UP Election News ने यह सर्वे नहीं किया है।
सर्वे में राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों अवध, बुंदेलखंड, पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को कवर किया गया है। पहले चरण में अवध और बुंदेलखंड के आंकड़े सामने आए हैं। ये आंकड़े दिखाते हैं कि भाजपा इन क्षेत्रों में मजबूत स्थिति में है, जबकि समाजवादी पार्टी कुछ सीटों पर चुनौती दे रही है। बहरहाल, चुनाव तक समीकरण बदल सकते हैं।
UP Election 2027 से पहले ओपिनियन पोल क्या कहता है?
न्यूज लीडर-मैट्राइज सर्वे का मकसद यही है कि अगर आज चुनाव हो तो किसकी सरकार बनने के आसार हैं। सर्वे में जनता की राय, स्थानीय मुद्दे और पिछले चुनावों के रुझान को ध्यान में रखा गया है। 2017 में भाजपा ने अकेले 312 सीटें जीती थीं। अपना दल (सोनेलाल) को 9 और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को 4 सीटें मिलीं। विपक्ष में समाजवादी पार्टी 47, कांग्रेस 7 और बसपा 19 सीटों पर सिमट गई। 2022 में भाजपा गठबंधन 273 सीटों पर पहुंचा जबकि समाजवादी पार्टी 111 सीटों के साथ सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी बनी। बसपा एक और कांग्रेस दो सीटों पर रह गई।
2024 लोकसभा चुनाव के बाद कई विश्लेषक मान रहे थे कि विपक्ष भाजपा की हैट्रिक रोक सकता है। लेकिन इस ओपिनियन पोल के शुरुआती आंकड़े उस कयास को चुनौती देते दिख रहे हैं। सर्वे में अवध और बुंदेलखंड दोनों क्षेत्रों में भाजपा आगे नजर आ रही है।
| क्षेत्र / जिला | कुल सीटें | भाजपा+ | सपा+ | बसपा |
|---|---|---|---|---|
| अवध (कुल) | 118 | 76 | 41 | 1 |
| बुंदेलखंड (कुल) | 19 | 17 | 2 | 0 |
| अवध के कुछ जिलों के आंकड़े (ये ऊपर की 118 सीटों में शामिल हैं): | ||||
| लखनऊ | 9 | भाजपा+ क्लीन स्वीप (सीटवार संख्या नहीं दी गई) | ||
| कानपुर नगर | 10 | 8 | 2 | 0 |
| कानपुर देहात | 4 | 3 | 1 | 0 |
| रायबरेली | 6 | 1 | 5 | 0 |
सर्वे करने वाली संस्था के मुताबिक ये आंकड़े मौजूदा मूड को दिखाते हैं।
अवध रीजन में किसकी सरकार बनने के आसार?
अवध क्षेत्र उत्तर प्रदेश की राजनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें लखनऊ, रायबरेली, कानपुर और आसपास के जिले शामिल हैं। सर्वे के मुताबिक अगर आज चुनाव होते हैं तो अवध में भाजपा को 76 सीटें मिलने का अनुमान है। समाजवादी पार्टी के खाते में 41 सीटें जा सकती हैं जबकि बसपा को एक सीट मिलने की संभावना जताई गई है।
लखनऊ में भाजपा प्लस क्लीन स्वीप कर सकता है। कानपुर नगर में भाजपा को 8 और समाजवादी पार्टी को 2 सीटें मिलने का अनुमान है। कानपुर देहात की 4 सीटों में से 3 भाजपा और 1 समाजवादी पार्टी को जा सकती हैं। वहीं रायबरेली में तस्वीर उलट है। यहां की 6 विधानसभा सीटों में से समाजवादी पार्टी को 5 और भाजपा को सिर्फ एक सीट मिलने का अनुमान लगाया गया है।
अवध में भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच अंतर बुंदेलखंड की तुलना में कम है। स्थानीय मुद्दे जैसे रोजगार, किसान समस्याएं और शहरी विकास यहां चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं।
UP Election 2027: बुंदेलखंड में BJP का दबदबा क्यों?
बुंदेलखंड की 19 विधानसभा सीटें हमेशा से चर्चा में रहती हैं। पानी की समस्या, पलायन और विकास के मुद्दे यहां प्रमुख रहते हैं। सर्वे के अनुसार इस क्षेत्र में भाजपा को 17 सीटें मिलने का अनुमान है जबकि समाजवादी पार्टी और उसके संभावित गठबंधन को सिर्फ 2 सीटें मिल सकती हैं।
बुंदेलखंड में भाजपा का दबदबा पिछले दो चुनावों से बना हुआ है। भाजपा का कहना है कि विकास और कानून-व्यवस्था उसके मुख्य मुद्दे हैं। न्यूज लीडर से बातचीत में प्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी (मई 2026 से कैबिनेट मंत्री) ने कहा कि प्रदेश की जनता का आशीर्वाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ है।
नीचे दिए ग्राफ से दोनों क्षेत्रों का तुलनात्मक रुझान साफ दिखता है।

बुंदेलखंड की सीटें संख्या में कम होने के बावजूद प्रतीकात्मक महत्व रखती हैं। अगर भाजपा यहां अच्छा प्रदर्शन करती है तो पूरे राज्य में आत्मविश्वास बढ़ेगा।
UP Election 2027: लखनऊ और कानपुर में क्या है जनता का मूड?
लखनऊ और कानपुर अवध के दो बड़े शहरी केंद्र हैं। सर्वे के अनुसार लखनऊ में भाजपा गठबंधन क्लीन स्वीप की ओर बढ़ रहा है। राजधानी होने के नाते यहां विकास परियोजनाएं, मेट्रो और इंफ्रास्ट्रक्चर के मुद्दे प्रमुख हैं। कानपुर नगर में भाजपा 8 सीटें और समाजवादी पार्टी 2 सीटें जीत सकती है। कानपुर देहात में भी भाजपा 3 बनाम 1 से आगे है।

सर्वे ने शहरी और ग्रामीण सीटों के आंकड़े अलग से जारी नहीं किए हैं, इसलिए इनके आधार पर शहर और गांव की तुलना नहीं की जा सकती। रायबरेली जैसे जिलों में सर्वे विपक्ष को आगे दिखाता है। बसपा के लिए यह चुनाव अहम माना जा रहा है। सर्वे में बसपा की उपस्थिति बहुत सीमित दिख रही है।
भाजपा कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों को अपनी उपलब्धि बताती है। वहीं विपक्ष बेरोजगारी, महंगाई और किसान मुद्दों पर हमला कर रहा है। चुनाव तक ये मुद्दे कितना असर डालेंगे, यह देखना दिलचस्प होगा।
कुल मिलाकर न्यूज लीडर-मैट्राइज ओपिनियन पोल के शुरुआती आंकड़े भाजपा को अवध और बुंदेलखंड में बढ़त देते हैं। अवध में 76 बनाम 41 और बुंदेलखंड में 17 बनाम 2 का अंतर साफ है। हालांकि पूरे राज्य के आंकड़े अभी बाकी हैं। पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के रुझान आने के बाद पूरी तस्वीर साफ होगी। ओपिनियन पोल सिर्फ रुझान बताते हैं। अंतिम फैसला जनता के हाथ में है जब वो वोट डालेगी।
फीचर्ड फोटो (फाइल): Vidhan Bhawan Lucknow.jpg, Mohammad Azahar, Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0 लाइसेंस के तहत; 1280×720 में क्रॉप/रीसाइज़ किया गया।
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