फैक्ट-चेकिंग नीति
UP Election News किसी भी अहम दावे को प्रकाशित करने से पहले मूल रिकॉर्ड, भरोसेमंद स्रोतों और ऑन-रिकॉर्ड बयानों से जांचती है। जो बात पक्की नहीं है, उसे हम साफ तौर पर अनिश्चित बताते हैं। जहां संभव हो, सबूत का लिंक देते हैं और प्रकाशित गलतियों को जल्दी सुधारते हैं।
हर खबर में जांच कैसे होती है
- प्राथमिक स्रोत पहले: चुनाव कार्यक्रम, नतीजे और उम्मीदवारों की जानकारी भारत निर्वाचन आयोग, मुख्य निर्वाचन अधिकारी (उत्तर प्रदेश) या रिटर्निंग अधिकारी के आधिकारिक दस्तावेज़ों से ली जाती है। सरकारी फैसलों के लिए सरकारी आदेश, प्रेस विज्ञप्ति या गजट देखा जाता है।
- बयान: नेताओं और दलों के बयान उनके आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट, प्रेस कॉन्फ्रेंस या प्रेस नोट से लिए जाते हैं, और लिखा जाता है कि बयान कहां दिया गया।
- दूसरे मीडिया की रिपोर्ट: अगर कोई जानकारी दूसरे मीडिया संस्थान की रिपोर्ट पर आधारित है, तो उस संस्थान का नाम लिखा जाता है और जहां संभव हो लिंक दिया जाता है।
- आंकड़े और गणित: सीटों, वोटों और प्रतिशत का जोड़-घटाव प्रकाशित करने से पहले दोबारा जांचा जाता है।
- अनुवाद: अंग्रेज़ी या किसी और भाषा के बयान का हिंदी अनुवाद देने पर “(अनुवाद)” लिखा जाता है।
ओपिनियन पोल और सर्वे
हम खुद ओपिनियन पोल नहीं करते। किसी दूसरी संस्था के पोल की खबर में संस्था का नाम, मूल पोल का लिंक, सर्वे की तारीख और सैंपल साइज़ (जितना संस्था ने प्रकाशित किया हो) दिया जाता है। अगर संस्था ने ये जानकारी प्रकाशित नहीं की है, तो खबर में यह बात साफ लिखी जाती है। जिस लेख में कोई पोल नहीं है, उसे “ओपिनियन पोल” नहीं कहा जाता।
फैक्ट-चेक लेख
“फैक्ट चेक” श्रेणी में सिर्फ वही लेख रखे जाते हैं जिनमें किसी खास वायरल दावे या बयान की जांच हो। हर फैक्ट-चेक में ये बातें होती हैं: दावा क्या है और किसने किया, हमने कौन से सबूत देखे, नतीजा (सही, गलत, भ्रामक या अपुष्ट), स्रोतों के लिंक, प्रकाशन की तारीख और लेखक का नाम।
राय और तथ्य अलग
विश्लेषण या राय वाले हिस्से को खबर के तथ्यों से अलग रखा जाता है और “विश्लेषण” लिखकर दिखाया जाता है। किसी दल या नेता के पक्ष या विपक्ष में बिना स्रोत वाला दावा खबर में नहीं लिखा जाता।
पीआर ग्राहकों से जुड़ी खबरें
DB PR Solution के ग्राहकों से जुड़ी खबरों में भी यही जांच लागू होती है, और ऐसी खबरों पर “पारदर्शिता सूचना” लगाई जाती है। विस्तार से स्वामित्व और फंडिंग पेज पर पढ़ें।
गलती दिखे तो
किसी खबर में गलती दिखे तो info@upelectionnews.com पर लेख का लिंक, सही जानकारी और उसका स्रोत भेजें, या +91 88589 86989 पर संपर्क करें। पूरी प्रक्रिया हमारी गलती सुधार नीति में है।