मेरठ जिला उत्तर प्रदेश के मेरठ मंडल में आता है और यहां विधानसभा की 7 सीटें हैं: सिवालखास, सरधना, हस्तिनापुर, किठौर, मेरठ कैंट, मेरठ, मेरठ दक्षिण। 2022 के विधानसभा चुनाव में इन सीटों में से सपा को 3, भाजपा को 3, रालोद को 1 सीट मिली। 2017 में भाजपा को 6, सपा को 1 सीट मिली थी। UP Election News की इस रिपोर्ट में जिले की हर सीट का नतीजा, जीत का अंतर और मतदान के आंकड़े भारत निर्वाचन आयोग के रिकॉर्ड से दिए गए हैं।
मेरठ: 2017 और 2022 में किसे कितनी सीटें
| दल | 2017 में सीटें | 2022 में सीटें |
|---|---|---|
| भाजपा | 6 | 3 |
| सपा | 1 | 3 |
| रालोद | 0 | 1 |
मेरठ की हर सीट का नतीजा
| सीट | 2022 विजेता | दल | अंतर (2022) | 2017 में विजेता दल |
|---|---|---|---|---|
| सिवालखास (43) | गुलाम मोहम्मद | रालोद | 9,182 | भाजपा |
| सरधना (44) | अतुल प्रधान | सपा | 18,200 | भाजपा |
| हस्तिनापुर (45) | दिनेश | भाजपा | 7,312 | भाजपा |
| किठौर (46) | शाहिद मंजूर | सपा | 2,180 | भाजपा |
| मेरठ कैंट (47) | अमित अग्रवाल | भाजपा | 1,18,072 | भाजपा |
| मेरठ (48) | रफीक अंसारी | सपा | 26,065 | सपा |
| मेरठ दक्षिण (49) | डॉ. सोमेंद्र सिंह तोमर | भाजपा | 7,942 | भाजपा |
तालिका: UP Election News। आंकड़े भारत निर्वाचन आयोग के विस्तृत परिणाम पर आधारित हैं।
अहम सीटों का ब्योरा
सिवालखास (सीट संख्या 43) पर 2022 में रालोद के गुलाम मोहम्मद ने भाजपा के मनिंदर पाल को 9,182 वोटों से हराया। 2017 में यह सीट भाजपा ने जीती थी। सरधना (सीट संख्या 44) पर 2022 में सपा के अतुल प्रधान ने भाजपा के संगीत सिंह सोम को 18,200 वोटों से हराया। 2017 में यह सीट भाजपा ने जीती थी। हस्तिनापुर (सीट संख्या 45) पर 2022 में भाजपा के दिनेश ने सपा के योगेश वर्मा को 7,312 वोटों से हराया। 2017 में भी यह सीट भाजपा के पास थी। किठौर (सीट संख्या 46) पर 2022 में सपा के शाहिद मंजूर ने भाजपा के सत्यवीर त्यागी को 2,180 वोटों से हराया। 2017 में यह सीट भाजपा ने जीती थी। मेरठ दक्षिण (सीट संख्या 49) पर 2022 में भाजपा के डॉ. सोमेंद्र सिंह तोमर ने सपा के मो. आदिल को 7,942 वोटों से हराया। 2017 में भी यह सीट भाजपा के पास थी। बाकी सीटों के नतीजे ऊपर की तालिका में दिए गए हैं।
उत्तर प्रदेश की मौजूदा 403 विधानसभा सीटों की सीमाएं 2008 के परिसीमन आदेश से तय हुई थीं और 2012 से सभी विधानसभा चुनाव इन्हीं सीमाओं पर हो रहे हैं। इसलिए 2017 और 2022 के आंकड़ों की सीधी तुलना की जा सकती है।
2022 में दूसरे स्थान पर रहने वाले दलों का हिसाब देखें तो भाजपा को 4, सपा को 2, रालोद को 1 सीट पर दूसरा स्थान मिला। 2022 में जिले की किसी सीट से महिला उम्मीदवार नहीं जीतीं।
| सीट | मतदान 2017 | मतदान 2022 | नोटा वोट 2022 |
|---|---|---|---|
| सिवालखास | 70.71% | 68.78% | 929 |
| सरधना | 71.83% | 67.22% | 883 |
| हस्तिनापुर | 67.76% | 66.84% | 671 |
| किठौर | 71.70% | 69.45% | 912 |
| मेरठ कैंट | 58.96% | 56.84% | 1,075 |
| मेरठ | 64.69% | 64.55% | 620 |
| मेरठ दक्षिण | 63.14% | 61.99% | 1,139 |
2022 में दलों का वोट शेयर
जिले की सभी 7 सीटों के कुल 17,05,542 वैध वोटों (नोटा सहित) को जोड़ें तो 2022 में भाजपा को 45.59%, सपा को 32.49%, बसपा को 9.78%, कांग्रेस को 1.15%, रालोद को 8.54% वोट मिले। नोटा का हिस्सा 0.37% रहा।
मतदाता और मतदान
2022 में मेरठ की 7 सीटों पर कुल 26,35,474 मतदाता थे और 17,05,542 वोट पड़े, यानी औसत मतदान करीब 64.71% रहा। 2017 में इन्हीं सीटों पर 24,50,141 मतदाता थे और मतदान करीब 66.61% रहा। पांच साल में मतदाताओं की संख्या 1,85,333 बढ़ी।
विश्लेषण
2022 में जिले का सबसे करीबी मुकाबला किठौर में हुआ, जहां अंतर 2,180 वोट रहा। सबसे बड़ी जीत मेरठ कैंट में दर्ज हुई, जहां अंतर 1,18,072 वोट था। 2017 से 2022 के बीच 3 सीटों पर विजेता दल बदला: सिवालखास, सरधना, किठौर। 2022 में रालोद और सुभासपा सपा गठबंधन में थीं, जबकि अब दोनों भाजपा के नेतृत्व वाले NDA में हैं। इसलिए 2027 में जिले का गठबंधन गणित 2022 से अलग हो सकता है। उत्तर प्रदेश की 18वीं विधानसभा का कार्यकाल 2027 में पूरा होगा, इसलिए अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है। सीटवार आंकड़ों और 2027 की हर अपडेट के लिए UP Election News पढ़ते रहें।
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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश विधानसभा आम चुनाव 2017 और 2022 की सांख्यिकीय रिपोर्ट (विस्तृत परिणाम)। मूल आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्ट।
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