मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गृह मंत्रालय ने एक बड़ी योजना की रूपरेखा तैयार की है जिसके तहत देश के सभी राज्यों की राजधानियों में नए कार्यालय बनाए जाएंगे। इन सभी केंद्रों को स्थापित करने का लक्ष्य वर्ष 2027 तक पूरा किया जाना तय किया गया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य आव्रजन और कौंसुलर सेवाओं तक लोगों की पहुंच को अधिक बेहतर बनाना है।
विभिन्न माध्यमों से सामने आई जानकारियों के मुताबिक इस पूरी प्रशासनिक विस्तार योजना का एक बड़ा उद्देश्य विनियामक अनुपालन को पहले से अधिक मजबूत करना भी है। सरकार का यह प्रयास देश में आने वाले अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को सहायता प्रदान करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
वैश्विक पर्यटकों को आकर्षित करने के भारत के प्रयासों को इन नए प्रशासनिक केंद्रों के माध्यम से काफी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद जताई गई है। संबंधित प्राधिकरण इन कार्यालयों के जरिए विदेशी नागरिकों से जुड़े दस्तावेजों और औपचारिकताओं को अधिक व्यवस्थित रूप देने की योजना पर काम कर रहे हैं।
देशभर के बड़े शहरों में इस प्रकार की व्यवस्था होने से विदेशी मेहमानों को शासकीय प्रक्रियाओं को पूरा करने में किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
योजना के आगामी चरण
इस परियोजना से जुड़े प्रशासनिक अमले द्वारा आगामी समय में ढांचागत तैयारियों को तेजी से पूरा किए जाने की संभावना है। हालांकि इस पूरी व्यवस्था के सुचारू संचालन और बजट से जुड़ी अन्य विस्तृत जानकारियों का आधिकारिक तौर पर अभी इंतजार किया जा रहा है।
विस्तृत विवरण सामने आने के बाद ही यह पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगा कि किस राज्य में इन नए केंद्रों का ढांचा किस प्रकार से कार्य करेगा।
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स्रोत: द हिंदू
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