मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एसआईआर की ऑनलाइन आवेदन प्रणाली में बड़े बदलाव किए गए हैं और इसके समर्थन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ खुलकर सामने आ गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक मतदाता बनने के नियमों में बदलाव करते हुए फॉर्म छह और घोषणा पत्र को एक दूसरे से अलग कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत अब ऑनलाइन आवेदन करते समय अलग से ओटीपी और डिजिटल हस्ताक्षर की अनिवार्यता लागू की गई है ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। इन तकनीकी बदलावों के जरिए नागरिकों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए अब नए चरणों से गुजरना होगा।
दूसरी ओर राजनीतिक और वैचारिक मोर्चे पर इस पूरी कवायद को लेकर बयानबाजी भी तेज हो गई है। संघ के शीर्ष पदाधिकारी दत्तात्रेय होसबाले ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए एक सवाल खड़ा किया है। उन्होंने विपक्ष से यह जानने की कोशिश की कि आखिर मतदाता सूची में सुधार लाने के इस अभियान में क्या गलत है। उनके इस बयान से राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे पर सरगर्मी काफी बढ़ गई है।
मतदाता सूची सुधार पर आगे की सियासत
विपक्ष की तरफ से इस पूरी प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे थे जिसके जवाब में संघ का यह समर्थन काफी अहम माना जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर ऑनलाइन आवेदन के तौर तरीकों में फेरबदल से आम नागरिकों को मतदाता सूची से जुड़ने में किस तरह की सहूलियत मिलेगी इस पर अभी विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
चुनावी तैयारियों के मद्देनजर मतदाता सूचियों को दुरुस्त करने का यह अभियान प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों दृष्टियों से बेहद महत्वपूर्ण बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में इन तकनीकी बदलावों और राजनीतिक बयानों के आधार पर चुनावी मैदान की सरगर्मी और अधिक तेज होने के पूरे आसार हैं।
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स्रोत: अमर उजाला
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