बागपत जिला उत्तर प्रदेश के मेरठ मंडल में आता है और यहां विधानसभा की 3 सीटें हैं: छपरौली, बड़ौत, बागपत। 2022 के विधानसभा चुनाव में इन सीटों में से भाजपा को 2, रालोद को 1 सीट मिली। 2017 में भाजपा को 2, रालोद को 1 सीट मिली थी। UP Election News की इस रिपोर्ट में जिले की हर सीट का नतीजा, जीत का अंतर और मतदान के आंकड़े भारत निर्वाचन आयोग के रिकॉर्ड से दिए गए हैं।
बागपत: 2017 और 2022 में किसे कितनी सीटें
| दल | 2017 में सीटें | 2022 में सीटें |
|---|---|---|
| भाजपा | 2 | 2 |
| रालोद | 1 | 1 |
बागपत की हर सीट का नतीजा
| सीट | 2022 विजेता | दल | अंतर (2022) | 2017 में विजेता दल |
|---|---|---|---|---|
| छपरौली (50) | अजय कुमार | रालोद | 29,508 | रालोद |
| बड़ौत (51) | कृष्ण पाल मलिक | भाजपा | 315 | भाजपा |
| बागपत (52) | योगेश धामा | भाजपा | 6,733 | भाजपा |
तालिका: UP Election News। आंकड़े भारत निर्वाचन आयोग के विस्तृत परिणाम पर आधारित हैं।
सीटवार ब्योरा: 2022
छपरौली (सीट संख्या 50) पर 2022 में रालोद के अजय कुमार ने भाजपा के सहेंद्र सिंह रमाला को 29,508 वोटों से हराया। 2017 में भी यह सीट रालोद के पास थी। बड़ौत (सीट संख्या 51) पर 2022 में भाजपा के कृष्ण पाल मलिक ने रालोद के जयवीर को 315 वोटों से हराया। 2017 में भी यह सीट भाजपा के पास थी। बागपत (सीट संख्या 52) पर 2022 में भाजपा के योगेश धामा ने रालोद के मो. अहमद हमीद को 6,733 वोटों से हराया। 2017 में भी यह सीट भाजपा के पास थी।
सीटवार ब्योरा: 2017
2017 में छपरौली पर रालोद के सहेंद्र सिंह रमाला ने भाजपा के सतेंद्र सिंह को 3,842 वोटों से हराया था। 2017 में बड़ौत पर भाजपा के कृष्णपाल मलिक उर्फ कृष्णपाल मलिक ने रालोद के साहब सिंह को 26,486 वोटों से हराया था। 2017 में बागपत पर भाजपा के योगेश धामा ने बसपा के अहमद हमीद को 31,360 वोटों से हराया था। उत्तर प्रदेश की मौजूदा 403 विधानसभा सीटों की सीमाएं 2008 के परिसीमन आदेश से तय हुई थीं और 2012 से सभी विधानसभा चुनाव इन्हीं सीमाओं पर हो रहे हैं। इसलिए 2017 और 2022 के आंकड़ों की सीधी तुलना की जा सकती है।
2022 में दूसरे स्थान पर रहने वाले दलों का हिसाब देखें तो रालोद को 2, भाजपा को 1 सीट पर दूसरा स्थान मिला। 2022 में जिले की किसी सीट से महिला उम्मीदवार नहीं जीतीं।
| सीट | मतदान 2017 | मतदान 2022 | नोटा वोट 2022 |
|---|---|---|---|
| छपरौली | 62.95% | 62.28% | 886 |
| बड़ौत | 64.29% | 64.51% | 579 |
| बागपत | 65.91% | 67.70% | 574 |
2022 में दलों का वोट शेयर
जिले की सभी 3 सीटों के कुल 6,20,242 वैध वोटों (नोटा सहित) को जोड़ें तो 2022 में भाजपा को 44.29%, बसपा को 5.46%, रालोद को 47.91% वोट मिले। नोटा का हिस्सा 0.33% रहा।
मतदाता और मतदान
2022 में बागपत की 3 सीटों पर कुल 9,57,499 मतदाता थे और 6,20,242 वोट पड़े, यानी औसत मतदान करीब 64.78% रहा। 2017 में इन्हीं सीटों पर 9,07,390 मतदाता थे और मतदान करीब 64.35% रहा। पांच साल में मतदाताओं की संख्या 50,109 बढ़ी।
विश्लेषण
2022 में जिले का सबसे करीबी मुकाबला बड़ौत में हुआ, जहां अंतर 315 वोट रहा। सबसे बड़ी जीत छपरौली में दर्ज हुई, जहां अंतर 29,508 वोट था। 2017 और 2022 में जिले की हर सीट पर एक ही दल जीता, यानी किसी सीट पर विजेता दल नहीं बदला। 2022 में रालोद और सुभासपा सपा गठबंधन में थीं, जबकि अब दोनों भाजपा के नेतृत्व वाले NDA में हैं। इसलिए 2027 में जिले का गठबंधन गणित 2022 से अलग हो सकता है। उत्तर प्रदेश की 18वीं विधानसभा का कार्यकाल 2027 में पूरा होगा, इसलिए अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है। सीटवार आंकड़ों और 2027 की हर अपडेट के लिए UP Election News पढ़ते रहें।
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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश विधानसभा आम चुनाव 2017 और 2022 की सांख्यिकीय रिपोर्ट (विस्तृत परिणाम)। मूल आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्ट।
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