दिल्ली के कनॉट प्लेस में गुरुवार दोपहर एक युवक से कथित मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लगा है। घटना उस रेस्टोरेंट के बाहर हुई, जहां INDIA गठबंधन के सांसदों का लंच था। युवक ने खुद को श्रीनगर का रहने वाला फहीम नजीर बताया है। वहीं, बीजेपी ने इस घटना पर कांग्रेस को घेरा है।
कनॉट प्लेस में लंच से पहले क्या हुआ?
PTI के मुताबिक, कनॉट प्लेस के मोएट्स रेस्टोरेंट के बाहर कांग्रेस समर्थकों ने कथित तौर पर एक व्यक्ति को पीटा। इसी रेस्टोरेंट में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्षी नेताओं को लंच पर बुलाया था। यह लगातार दूसरे दिन का लंच कार्यक्रम था। इसकी पृष्ठभूमि आप हमारी INDIA गठबंधन के लंच वाली रिपोर्ट में पढ़ सकते हैं।
एबीपी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, युवक पर राहुल गांधी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा। इसके बाद वहां मौजूद कुछ कार्यकर्ता भड़क गए। आरोप है कि इसी दौरान उसके साथ मारपीट हुई। कुछ देर तक कनॉट प्लेस के उस हिस्से में हंगामा रहा। आजतक ने इसे बीजेपी और कांग्रेस समर्थकों के बीच झड़प बताया है।
युवक का दावा: “मैंने राहुल गांधी को गाली नहीं दी”
फहीम नजीर ने गाली देने के आरोप से साफ इनकार किया है। आजतक से बातचीत में उसने कहा, “मैंने राहुल गांधी को गाली नहीं दी, लेकिन आप देख सकते हैं कि मुझे किस तरीके से मारा गया।” उसका कहना है कि वह पोस्टर लेकर आया था। उसके मुताबिक, उसका पोस्टर भी फाड़ दिया गया।
एबीपी की वीडियो रिपोर्ट में उसने घटना का फुटेज दिखाने की मांग की। उसने कहा कि गाली देने की बात फुटेज में दिखी, तो वह सार्वजनिक माफी मांगेगा। युवक ने खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रशंसक बताया। हालांकि, उसने कहा कि उसका किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है।
उसने विपक्ष के ‘वोट चोरी’ वाले आरोप पर भी सवाल उठाया। एबीपी के मुताबिक, उसने पूछा कि विपक्ष चुनाव जीतता है, तब वोट चोरी क्यों नहीं होती? इसके अलावा उसने ईवीएम और देश के हालात को लेकर कुछ दावे किए। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
कनॉट प्लेस की घटना पर बीजेपी का हमला
दूसरी ओर, बीजेपी ने इस मामले को बड़ा मुद्दा बना दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया सह-संयोजक सिद्धार्थ यादव ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इंडिया टीवी के अनुसार, उन्होंने एक कश्मीरी युवा की पिटाई का आरोप कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लगाया। यादव के मुताबिक, यह घटना वहीं हुई, जहां राहुल गांधी भोजन करने पहुंचे थे।
यादव ने सवाल किया, “क्या इस देश में नेहरू-गांधी-वाड्रा परिवार के अलावा किसी और के पास मानवाधिकार हैं?” उन्होंने यह भी पूछा, “आप ‘मोहब्बत की दुकान’ में कब तक नफरत बेचते रहेंगे?” उनके मुताबिक, किसी भी राजनीतिक दल को ऐसी हरकत का अधिकार नहीं है।
इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी ने एक और आरोप लगाया। पार्टी ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर बुधवार के मार्च में महिला पुलिसकर्मियों से दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। एबीपी के अनुसार, यादव ने इसके समर्थन में कुछ वीडियो और तस्वीरें दिखाईं।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया और पुलिस कार्रवाई
इस खबर के लिखे जाने तक कनॉट प्लेस की इस घटना पर कांग्रेस की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। इस मामले में किसी पुलिस शिकायत या FIR की जानकारी भी अभी तक नहीं मिली है। प्रतिक्रिया या पुलिस कार्रवाई की जानकारी आने पर यह खबर अपडेट की जाएगी।
हालांकि, बुधवार के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस अलग से FIR दर्ज कर चुकी है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर पुलिसकर्मियों से कथित मारपीट का आरोप है। सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप भी लगाया गया है।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का अभियान जारी
यह विवाद ऐसे वक्त सामने आया है, जब विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़ा है। राहुल गांधी पहले ही CEC के इस्तीफे की मांग कर चुके हैं। कनॉट प्लेस में लंच के बाद विपक्षी सांसदों का राजघाट तक मार्च का कार्यक्रम था। इसके अलावा, शुक्रवार को INDIA गठबंधन का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने वाला है।
आगे क्या?
कनॉट प्लेस की इस घटना ने विपक्ष के आंदोलन के बीच नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। बीजेपी इसे लेकर कांग्रेस के ‘मोहब्बत की दुकान’ वाले नारे पर सवाल उठा रही है। लेकिन युवक के आरोपों और कार्यकर्ताओं के पक्ष की पुष्टि अभी बाकी है। इसलिए पूरी तस्वीर पुलिस जांच या आधिकारिक बयान के बाद ही साफ होगी।
फीचर्ड फोटो (फाइल): Connaught High Street, Connaught Place, New Delhi.jpg, Dgp4004, Wikimedia Commons, CC0 लाइसेंस के तहत; 1280×720 में क्रॉप किया गया।


