मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मध्य प्रदेश में हो रहे राज्यसभा उपचुनाव के दौरान राजनीतिक हलचल तेज हो गई है जहां भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का निर्विरोध निर्वाचित होना लगभग तय नजर आ रहा है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान विपक्षी खेमे को बड़ा झटका लगा है क्योंकि विपक्षी समर्थन प्राप्त एक नाम समेत कुल दो लोगों के पर्चे रद्द कर दिए गए हैं।
प्राप्त जानकारियों के अनुसार इस निर्वाचन क्षेत्र में चुनावी मैदान अब पूरी तरह साफ हो चुका है जिससे सत्ताधारी दल के प्रत्याशी के लिए रास्ता बेहद सुगम बन गया है। निर्वाचन अधिकारियों द्वारा की गई जांच के बाद ये नामांकन पत्र खारिज किए गए हैं।
इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस पार्टी ने कानूनी रास्ता अपनाने का मन बना लिया है और पार्टी इस मामले को लेकर अदालत जाने की तैयारी कर रही है। हालांकि चुनाव प्रक्रिया और परिणामों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा इस बारे में अभी विस्तृत विवरण सामने आना शेष है।
कांग्रेस की अगली कानूनी रणनीति
विपक्षी दल कांग्रेस की ओर से यह कदम तब उठाया गया जब उनके समर्थित उम्मीदवार का पर्चा तकनीकी या अन्य कारणों से वैध नहीं पाया गया। इस फैसले के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाने के संकेत दिए गए हैं ताकि चुनावी प्रक्रिया में अपनी बात रखी जा सके।
दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्री की जीत की औपचारिक घोषणा को लेकर प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के अन्य पहलुओं और कानूनी कार्रवाई से जुड़ी विस्तृत जानकारी का अभी इंतजार किया जा रहा है।
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स्रोत: इंडिया टीवी; आज तक
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