पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी का चुनावी गणित: 238 सीटों पर 2012, 2017 और 2022 में किसने कितनी सीटें जीतीं

वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ और पीछे मंदिर व झंडे
Maskaravivek / Wikimedia Commons, लाइसेंस: CC BY-SA 3.0 (दशाश्वमेध घाट, वाराणसी)

संक्षेप में

  • इस लेख में पश्चिमी यूपी के 6 मंडलों की 136 और पूर्वांचल के 5 मंडलों की 102 सीटों का विश्लेषण है।
  • में भाजपा ने पश्चिमी यूपी में 109 और पूर्वांचल में 69 सीटें जीतीं।
  • में पश्चिम में भाजपा 93 और सपा 35 पर रही; रालोद को 8 सीटें मिलीं।
  • में पूर्वांचल में भाजपा 53 और सपा 31 पर रही; आजमगढ़ जिले की सभी 10 सीटें सपा ने जीतीं।

पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी मिलकर प्रदेश की 403 में से 238 विधानसभा सीटें बनाते हैं। इसलिए सत्ता का रास्ता काफी हद तक इन्हीं दो इलाकों से होकर जाता है। इस लेख में चुनाव आयोग के नतीजों के आधार पर पिछले तीन चुनावों का हिसाब है।

पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी में किन जिलों को गिना गया

पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी की कोई आधिकारिक सीमा नहीं है। अलग-अलग विश्लेषण अलग जिलों को गिनते हैं। इस लेख में पश्चिमी यूपी में सहारनपुर, मेरठ, मुरादाबाद, बरेली, अलीगढ़ और आगरा मंडल के 26 जिले शामिल हैं। इनमें 136 सीटें हैं।

पूर्वांचल में वाराणसी, मिर्जापुर, आजमगढ़, गोरखपुर और बस्ती मंडल के 17 जिले गिने गए हैं। इनमें 102 सीटें हैं। जिलों और सीटों का मिलान मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश की सूची से किया गया है। सीटों की गिनती हमारी अपनी है।

पश्चिमी यूपी: 136 सीटें

2012 में सपा ने पश्चिमी यूपी में 58, बसपा ने 39 और भाजपा ने 20 सीटें जीतीं। रालोद को 9 सीटें मिलीं। 2017 में तस्वीर पूरी तरह बदली। भाजपा ने 109 सीटें जीतीं और सपा 21 पर सिमट गई। बसपा को 3 सीटें मिलीं।

2022 में भाजपा 93 सीटों पर रही। सपा ने 35 और उसकी सहयोगी रालोद ने 8 सीटें जीतीं। मुजफ्फरनगर और शामली जिलों में यह बदलाव सबसे साफ दिखा। 2017 में इन 9 सीटों में से 8 भाजपा के पास थीं। 2022 में भाजपा यहां सिर्फ 2 सीटें जीत सकी।

खेत में कटे गन्ने के बीच काम करते किसान और पीछे हरी फसल
गन्ने की कटाई करते किसान। गन्ना पश्चिमी यूपी की प्रमुख फसलों में है। फोटो: Ravityagijiffy / Wikimedia Commons, लाइसेंस: CC BY-SA 4.0

पूर्वांचल: 102 सीटें

2012 में सपा ने पूर्वांचल में 57 सीटें जीतीं। बसपा को 16 और भाजपा को 12 सीटें मिलीं। 2017 में भाजपा 69 सीटों पर पहुंची। उसके सहयोगी अपना दल (एस) ने 5 और सुभासपा ने 4 सीटें जीतीं। सपा को 13 और बसपा को 8 सीटें मिलीं।

2022 में पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी दोनों में सपा की सीटें बढ़ीं। पूर्वांचल में भाजपा 53 और सपा 31 पर रही। सपा की सहयोगी सुभासपा ने 6 सीटें जीतीं। भाजपा के सहयोगी निषाद पार्टी ने 6 और अपना दल (एस) ने 4 सीटें जीतीं।

जिलों में अलग रुझान

2022 में आजमगढ़ जिले की सभी 10 सीटें सपा ने जीतीं। गाजीपुर की 7 में से 5 सपा और 2 सुभासपा के खाते में गईं। दूसरी तरफ गोरखपुर जिले की सभी 9 सीटें भाजपा ने जीतीं। वाराणसी की 8 में से 7 भाजपा और एक अपना दल (एस) को मिली।

बाकी प्रदेश से तुलना

पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के बाहर 165 सीटें हैं। 2022 में यहां भाजपा ने 109 और सपा ने 45 सीटें जीतीं। यानी बाकी प्रदेश और पश्चिमी यूपी में भाजपा ने करीब दो-तिहाई सीटें जीतीं। पूर्वांचल में उसका हिस्सा करीब आधा रहा, जहां मुकाबला सबसे करीबी दिखा।

विश्लेषण: 2027 के लिए संकेत

आंकड़े बताते हैं कि दोनों इलाकों में छोटे सहयोगी दलों की भूमिका अहम है। पश्चिम में रालोद और पूर्वांचल में सुभासपा, निषाद पार्टी और अपना दल (एस) ने नतीजों पर असर डाला। 2022 के बाद रालोद और सुभासपा NDA में आ चुके हैं। इसलिए 2027 में पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी का गणित नए सिरे से बनेगा।

सीट-वार नतीजे चुनाव आयोग की 2022 रिपोर्ट में हैं। इलाकावार रुझानों पर हमारी रिपोर्ट अवध और बुंदेलखंड का गणित और 2027 ओपिनियन पोल भी देखें।

स्रोत

  1. ECI: Uttar Pradesh General Legislative Election 2022 - Detailed Results
  2. ECI: Uttar Pradesh General Legislative Election 2017 - Statistical Reports
  3. ECI: Uttar Pradesh Legislative Assembly 2012 - Statistical Report
  4. Chief Electoral Officer, Uttar Pradesh: District-wise Assembly Constituencies
  5. Wikimedia Commons: Dashashwamedh Ghat's View Varanasi
  6. Wikimedia Commons: Sugarcane Agriculture

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Sudhanshu Tiwari

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी UP Election News (upelectionnews.com) के संस्थापक और संपादक हैं। वे उत्तर प्रदेश की राजनीति, 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों, राज्यसभा और उपचुनावों, चुनाव आयोग से जुड़ी खबरों और ओपिनियन पोल पर लिखते हैं। वेबसाइट पर क्या प्रकाशित होगा, इसका अंतिम फैसला और प्रकाशित खबरों की संपादकीय ज़िम्मेदारी उन्हीं की है। UP Election News का संचालन DB PR Solution करती है; जिन खबरों में DB PR Solution के किसी क्लाइंट या उसके अपने सर्वे का ज़िक्र होता है, उन पर अलग से खुलासा (डिस्क्लोज़र) दिया जाता है। किसी खबर में गलती दिखे तो info@upelectionnews.com पर लिखें।

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