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राष्ट्रीय राजनीति

तमिलनाडु के मंत्री राजमोहन पर रिश्वत की पेशकश मामले में बढ़ा सियासी विवाद

रिश्वत की पेशकश के दावे पर तमिलनाडु में राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है, जहां भारतीय जनता पार्टी और द्रमुक ने सवाल खड़े किए हैं।

रिश्वत की पेशकश मामले पर तमिलनाडु राजनीति का ग्राफिक कार्ड
ग्राफिक: UP Election News

तमिलनाडु सरकार के मंत्री राजमोहन द्वारा पद के लिए रिश्वत की पेशकश की बात उजागर करने के बाद राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मंत्री ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान दावा किया कि उन्हें इयाल इसई नाटक मन्म का अध्यक्ष पद दिलाने के एवज में पांच करोड़ रुपये देने की पेशकश की गई थी। इस खुलासे के बाद भारतीय जनता पार्टी और सत्ताधारी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के नेताओं ने उनके बयान पर सवाल उठाते हुए औपचारिक शिकायत न दर्ज कराने पर जवाब मांगा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मंत्री राजमोहन ने एक नवंबर को अपने बयान में कहा था कि तमिलनाडु के प्रशासनिक इतिहास में पहली बार मंत्रिमंडल का प्रत्येक सदस्य भ्रष्टाचार से दूर रहना चाहता है। हालांकि, उन्होंने इस बात का खुलासा नहीं किया कि रिश्वत देने की कोशिश करने वाला व्यक्ति कौन था। मंत्री के इस सार्वजनिक बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक हलचल काफी तेज हो गई है।

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इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी ने मंत्री के रवैये पर सवाल खड़े किए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाजपा ने पूछा है कि इतनी बड़ी राशि की पेशकश के बावजूद मंत्री राजमोहन ने तुरंत पुलिस या संबंधित अधिकारियों के पास आधिकारिक शिकायत क्यों दर्ज नहीं कराई। पार्टी का कहना है कि ऐसे मामलों में केवल बयान देने के बजाय कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाना आवश्यक था।

मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रिया

दूसरी तरफ, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के विधायक आई परांथामेन ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने भ्रष्टाचार निरोधक और सतर्कता निदेशालय से इस पूरे मामले की गहन जांच कराने की मांग की है। द्रमुक विधायक का कहना है कि मंत्री ने रिश्वत की बात सामने आने के बाद सतर्कता विभाग या किसी अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसी को इसकी सूचना नहीं दी और बिना पहचान बताए इसे सार्वजनिक किया।

इस प्रकरण के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में विभिन्न तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रिश्वत देने की कोशिश करने वाले अज्ञात व्यक्ति की पहचान और मामले में आधिकारिक कानूनी कदम न उठाए जाने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। फिलहाल संबंधित विभागों और शासन की ओर से इस विषय पर किसी नए आधिकारिक बयान या विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

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स्रोत: द हिंदू

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