यूपी में कांग्रेस का इतिहास: 1951 में 388 सीटें, 1989 के बाद सत्ता से बाहर और 2022 में 2 विधायक

नई दिल्ली में संसद भवन के पास सुबह के समय गोविंद बल्लभ पंत की प्रतिमा
Daderot / Wikimedia Commons, लाइसेंस: Public domain (नई दिल्ली में गोविंद बल्लभ पंत की प्रतिमा)

संक्षेप में

  • चुनाव आयोग के मुताबिक, 1951 में कांग्रेस ने यूपी में 388 सीटें और 47.93% वोट जीते।
  • में पार्टी ने 309 और 1985 में 269 सीटें जीतीं; 1989 में वह 94 सीटों पर आ गई।
  • से 2022 तक कांग्रेस कभी 50 सीटों तक नहीं पहुंची; 2022 में उसे 2 सीटें और 2.33% वोट मिले।
  • के लोकसभा चुनाव में सपा के साथ गठबंधन में कांग्रेस ने यूपी की 6 सीटें जीतीं।

यूपी में कांग्रेस का इतिहास लंबे शासन से हाशिये तक पहुंचने की कहानी है। आजादी के बाद करीब चार दशक तक राज्य में कांग्रेस का दबदबा रहा। 1989 के बाद पार्टी सत्ता में नहीं लौटी और 2022 में उसके सिर्फ 2 विधायक जीते। इस लेख में चुनाव आयोग के आंकड़ों के साथ यह सफर है।

शुरुआती दबदबा: 1951 से 1974

1951 के पहले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 388 सीटें और 47.93% वोट जीते। गोविंद बल्लभ पंत राज्य के पहले मुख्यमंत्री बने। 1957 में पार्टी को 286 और 1962 में 249 सीटें मिलीं। 1963 में सुचेता कृपलानी यूपी की मुख्यमंत्री बनीं, जो देश की पहली महिला मुख्यमंत्री थीं।

1967 में कांग्रेस 199 सीटों पर रही और बहुमत से पीछे हो गई। इसके बाद चौधरी चरण सिंह के नेतृत्व में पहली गैर-कांग्रेसी सरकार बनी। 1969 में कांग्रेस को 211 और 1974 में 215 सीटें मिलीं। यानी 1951 से 1974 तक यूपी में कांग्रेस का इतिहास ज्यादातर सत्ता में रहने का रहा।

1977 का झटका और वापसी

आपातकाल के बाद 1977 के चुनाव में कांग्रेस सिर्फ 47 सीटें जीत सकी। हालांकि उसका वोट शेयर 31.94% था। 1980 में कांग्रेस (आई) ने 309 सीटें और 37.65% वोट के साथ जोरदार वापसी की। 1985 में पार्टी ने 269 सीटें और 39.25% वोट हासिल किए।

यूपी में कांग्रेस का इतिहास: 1989 के बाद गिरावट

यूपी में कांग्रेस का इतिहास 1989 में बड़ा मोड़ लेता है। उस साल जनता दल ने 208 सीटें जीतीं और कांग्रेस 94 सीटों पर आ गई। नारायण दत्त तिवारी कांग्रेस के आखिरी मुख्यमंत्री रहे। 1991 में पार्टी 46 और 1993 में 28 सीटों पर सिमट गई।

1996 में कांग्रेस ने बसपा के साथ गठबंधन में सिर्फ 126 सीटों पर चुनाव लड़ा और 33 सीटें जीतीं। 2002 में 25 और 2007 में 22 सीटें आईं। 2012 में पार्टी 28 सीटों और 11.65% वोट के साथ थोड़ा संभली। उस चुनाव में उसने 355 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे।

2017 और 2022

2017 में कांग्रेस ने सपा के साथ गठबंधन में 114 सीटों पर चुनाव लड़ा और 7 सीटें जीतीं। 2022 में पार्टी अकेले 399 सीटों पर लड़ी। उसे सिर्फ 2 सीटें और 2.33% वोट मिले। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, उसके 387 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई। ये आंकड़े चुनाव आयोग की 2022 की रिपोर्ट में हैं।

लोकसभा में उतार-चढ़ाव

यूपी में कांग्रेस का इतिहास लोकसभा में थोड़ा अलग दिखता है। यहां पार्टी का प्रदर्शन विधानसभा से कुछ बेहतर रहा। 2009 में उसने यूपी की 21 सीटें जीतीं। 2014 में वह 2 और 2019 में 1 सीट पर आ गई। 2024 में सपा के साथ गठबंधन में पार्टी ने 6 सीटें जीतीं।

विश्लेषण: 2027 से पहले कांग्रेस

यूपी में कांग्रेस का इतिहास दिखाता है कि 1989 के बाद पार्टी का वोट शेयर ज्यादातर चुनावों में 15% से नीचे रहा। 2024 के नतीजों के बाद पार्टी गठबंधन में बेहतर हिस्सेदारी चाहती है। 2027 में पार्टी का प्रदर्शन काफी हद तक सपा के साथ सीट बंटवारे पर निर्भर करेगा।

इस पर हमारी रिपोर्ट कांग्रेस 150 से कम सीटों पर नहीं लड़ेगी पढ़ें। प्रदेश संगठन में बदलाव की चर्चा पर यूपी कांग्रेस अध्यक्ष पद की रिपोर्ट देखें।

स्रोत

  1. ECI: Statistical Reports index (UP assembly elections 1951-2012)
  2. ECI: Uttar Pradesh General Legislative Election 2017 - Statistical Reports
  3. ECI: Uttar Pradesh General Legislative Election 2022 - Statistical Reports
  4. ECI: General Election to Lok Sabha 2024 - Statistical Reports
  5. Wikimedia Commons: Govind Ballabh Pant statue, New Delhi

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Sudhanshu Tiwari

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी UP Election News (upelectionnews.com) के संस्थापक और संपादक हैं। वे उत्तर प्रदेश की राजनीति, 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों, राज्यसभा और उपचुनावों, चुनाव आयोग से जुड़ी खबरों और ओपिनियन पोल पर लिखते हैं। वेबसाइट पर क्या प्रकाशित होगा, इसका अंतिम फैसला और प्रकाशित खबरों की संपादकीय ज़िम्मेदारी उन्हीं की है। UP Election News का संचालन DB PR Solution करती है; जिन खबरों में DB PR Solution के किसी क्लाइंट या उसके अपने सर्वे का ज़िक्र होता है, उन पर अलग से खुलासा (डिस्क्लोज़र) दिया जाता है। किसी खबर में गलती दिखे तो info@upelectionnews.com पर लिखें।

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