यूपी चुनाव 2007 के नतीजे प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा मोड़ थे। बहुजन समाज पार्टी ने 403 में से 206 सीटें जीतकर अकेले बहुमत हासिल किया। 1991 के बाद पहली बार किसी एक दल को विधानसभा में पूर्ण बहुमत मिला था। इस लेख के सभी आंकड़े चुनाव आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्ट से हैं।
किस दल को कितनी सीटें
- बसपा: 206 सीटें, 30.43% वोट।
- सपा: 97 सीटें, 25.43% वोट।
- भाजपा: 51 सीटें, 16.97% वोट।
- कांग्रेस: 22 सीटें, 8.61% वोट।
- रालोद: 10 सीटें, 3.70% वोट।
- निर्दलीय: 9 सीटें, 6.97% वोट।
बाकी सीटें छोटे दलों के खाते में गईं। जद (यू), जनमोर्चा, राष्ट्रीय स्वाभिमान पार्टी और यूपी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट को एक-एक सीट मिली।
बसपा की जीत का हिसाब
बसपा ने सभी 403 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। उसे कुल 1,58,72,561 वोट मिले। उसके सिर्फ 36 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई। 13 मई 2007 को मायावती ने चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
यूपी चुनाव 2007 के नतीजे दिखाते हैं कि 30% के आसपास वोट भी बहुमत दिला सकता है। बसपा और सपा के वोट शेयर में करीब 5 अंक का अंतर था। सीटों में यह अंतर 109 का हो गया।
2002 से तुलना
2002 में सपा 143 सीटों के साथ सबसे बड़ा दल थी। बसपा को तब 98, भाजपा को 88 और कांग्रेस को 25 सीटें मिली थीं। यूपी चुनाव 2007 के नतीजे में बसपा 108 सीटें बढ़ाकर पहले स्थान पर पहुंची।
सपा 46 सीटें घटकर 97 पर आ गई, हालांकि उसका वोट शेयर लगभग बराबर रहा। 2002 में उसे 25.37% और 2007 में 25.43% वोट मिले। भाजपा का वोट शेयर 20.08% से घटकर 16.97% रह गया। उसकी 51 सीटें 1985 के बाद सबसे कम थीं।
सपा और भाजपा कितनी सीटों पर लड़ीं
सपा ने 393 सीटों पर उम्मीदवार उतारे और 70 की जमानत जब्त हुई। जिन सीटों पर वह लड़ी, वहां उसे औसतन 26.07% वोट मिले। भाजपा 350 सीटों पर लड़ी और उसके 146 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई। लड़ी गई सीटों पर उसका वोट शेयर 19.62% रहा।
कांग्रेस और रालोद
यूपी चुनाव 2007 के नतीजे कांग्रेस के लिए भी निराशाजनक रहे। कांग्रेस ने 393 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन उसके 323 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई। रालोद 254 सीटों पर लड़ी और 10 जीती।
यूपी चुनाव 2007 के नतीजे: मतदान और उम्मीदवार
प्रदेश में 11,35,49,350 मतदाता थे और मतदान 45.96% रहा। यह 2002 के 53.80% से काफी कम था। पुरुषों का मतदान 49.35% और महिलाओं का 41.92% रहा। कुल 1,10,654 मतदान केंद्र बनाए गए थे।
मैदान में 6,086 उम्मीदवार थे, यानी हर सीट पर औसतन 15। इनमें से 5,034 की जमानत जब्त हुई। 370 महिला उम्मीदवारों में से 23 जीतीं। तब 314 सीटें सामान्य और 89 अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थीं।
विश्लेषण
यूपी में ज्यादातर सीटों पर बहुकोणीय मुकाबला होता है। यूपी चुनाव 2007 के नतीजे बताते हैं कि ऐसे में थोड़ा वोट अंतर भी बड़ी जीत में बदल सकता है। 2012 में यही पैटर्न सपा के पक्ष में दिखा। पूरी रिपोर्ट चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
बसपा की मौजूदा रणनीति पर हमारी रिपोर्ट आकाश आनंद की बसपा में वापसी और बसपा के संगठन में बदलाव भी पढ़ें।


