यूपी चुनाव 2012 के नतीजे समाजवादी पार्टी के लिए ऐतिहासिक रहे। पार्टी ने 403 में से 224 सीटें जीतकर पहली बार अपने दम पर बहुमत हासिल किया। सत्ताधारी बसपा 80 सीटों पर आ गई। इस लेख में चुनाव आयोग के आंकड़ों के आधार पर पूरे नतीजे हैं।
चुनाव की तस्वीर
2012 का चुनाव 2008 के परिसीमन के बाद यूपी का पहला विधानसभा चुनाव था। उस समय 318 सीटें सामान्य और 85 अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थीं। चुनाव आयोग के मुताबिक, राज्य में 12,74,92,836 मतदाता थे और 6,839 उम्मीदवार मैदान में थे।
यूपी चुनाव 2012 के नतीजे में सबसे बड़ा बदलाव मतदान में दिखा। मतदान 59.40% रहा, जबकि 2007 में यह सिर्फ 45.96% था। यानी पांच साल में मतदान 13 प्रतिशत अंक से ज्यादा बढ़ा।
यूपी चुनाव 2012 के नतीजे: पार्टीवार सीटें
- सपा: 224 सीटें, 29.13% वोट।
- बसपा: 80 सीटें, 25.91% वोट।
- भाजपा: 47 सीटें, 15.00% वोट।
- कांग्रेस: 28 सीटें, 11.65% वोट।
- रालोद: 9 सीटें, 2.33% वोट।
- पीस पार्टी: 4 सीटें।
- कौमी एकता दल: 2 सीटें।
- अपना दल, एनसीपी और इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल: 1-1 सीट।
- निर्दलीय: 6 सीटें।
पूरे आंकड़े चुनाव आयोग की 2012 की सांख्यिकीय रिपोर्ट में हैं।
2007 से तुलना
2007 से तुलना करें तो यूपी चुनाव 2012 के नतीजे बड़ा बदलाव दिखाते हैं। 2007 में बसपा ने 206 सीटें और 30.43% वोट जीतकर बहुमत की सरकार बनाई थी। 2012 में उसका वोट शेयर घटकर 25.91% रहा और सीटें 80 पर आ गईं। सपा 2007 की 97 सीटों से बढ़कर 224 पर पहुंची। उसका वोट शेयर 25.43% से बढ़कर 29.13% हुआ।
यूपी चुनाव 2012 के नतीजे एक अहम बात दिखाते हैं। कुछ प्रतिशत अंक का वोट बदलाव भी सीटों में बड़ा फर्क ला सकता है। सपा और बसपा के बीच वोट का अंतर 3.22 प्रतिशत अंक था, लेकिन सीटों का अंतर 144 रहा।
किसने कितनी सीटों पर लड़ा
सपा ने 401 और बसपा ने सभी 403 सीटों पर उम्मीदवार उतारे। भाजपा 398 और कांग्रेस 355 सीटों पर लड़ी। कांग्रेस का गठबंधन रालोद के साथ था और रालोद 46 सीटों पर लड़ी। पीस पार्टी ने 208 उम्मीदवार उतारे और 4 सीटें जीतीं।
जिन सीटों पर पार्टियां लड़ीं, वहां का औसत वोट शेयर भी अहम है। सपा का यह आंकड़ा 29.29% और बसपा का 25.95% रहा। रालोद को अपनी लड़ी सीटों पर 20.05% वोट मिले।
महिलाओं की भागीदारी
2012 में महिलाओं का मतदान 60.28% रहा, जो पुरुषों के 58.68% से ज्यादा था। 2007 में महिलाओं का मतदान 41.92% और पुरुषों का 49.35% था। 2012 में 583 महिला उम्मीदवारों में से 35 जीतीं। 2007 में यह संख्या 23 थी।
जमानत जब्त
कुल 6,839 उम्मीदवारों में से 5,760 की जमानत जब्त हुई। भाजपा के 229 और कांग्रेस के 240 उम्मीदवार जमानत नहीं बचा सके।
नतीजों के बाद
नतीजों के बाद 15 मार्च 2012 को अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। तब उनकी उम्र 38 साल थी। मायावती की जगह सपा सरकार आई। 2017 में यही सपा 47 सीटों पर सिमट गई।
यूपी चुनाव 2012 के नतीजे सपा और बसपा की आपसी प्रतिद्वंद्विता का अहम पड़ाव माने जाते हैं। दोनों दलों के मौजूदा रिश्तों पर हमारी रिपोर्ट मायावती का सपा के PDA रथ पर सवाल पढ़ें। 2027 के अनुमान के लिए यूपी ओपिनियन पोल 2027 देखें।


