यूपी चुनाव 2017 के नतीजे राज्य की राजनीति में बड़ा मोड़ साबित हुए। भाजपा ने अकेले 312 सीटें जीतीं और सहयोगियों के साथ NDA 325 सीटों तक पहुंचा। सत्ताधारी सपा 47 सीटों पर सिमट गई। इस लेख में चुनाव आयोग के आंकड़ों के आधार पर पूरे नतीजे हैं।
चुनाव की तस्वीर
2017 का विधानसभा चुनाव सात चरणों में 11 फरवरी से 8 मार्च तक हुआ। नतीजे 11 मार्च को आए। कुल 403 सीटों में 317 सामान्य, 84 अनुसूचित जाति और 2 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित थीं।
चुनाव आयोग के मुताबिक, राज्य में 14,16,63,528 मतदाता थे। मैदान में 4,853 उम्मीदवार थे, यानी हर सीट पर औसतन 12। मतदान 61.04% रहा।
यूपी चुनाव 2017 के नतीजे: पार्टीवार सीटें
- भाजपा: 312 सीटें, 39.67% वोट (384 सीटों पर लड़ी)
- सपा: 47 सीटें, 21.82% वोट (311 सीटों पर लड़ी)
- बसपा: 19 सीटें, 22.23% वोट (सभी 403 सीटों पर लड़ी)
- अपना दल (सोनेलाल): 9 सीटें
- कांग्रेस: 7 सीटें, 6.25% वोट
- सुभासपा: 4 सीटें
- रालोद और निषाद पार्टी: 1-1 सीट
- निर्दलीय: 3 सीटें
भाजपा, अपना दल (एस) और सुभासपा ने मिलकर 325 सीटें जीतीं। पूरे आंकड़े चुनाव आयोग की 2017 की सांख्यिकीय रिपोर्ट में हैं।
वोट और सीटों का अंतर
यूपी चुनाव 2017 के नतीजे बताते हैं कि वोट प्रतिशत और सीटें हमेशा साथ नहीं चलतीं। बसपा को 1,92,81,340 वोट मिले, जो सपा के 1,89,23,769 वोटों से ज्यादा थे। फिर भी बसपा को 19 और सपा को 47 सीटें मिलीं।
इसकी एक वजह यह है कि सपा ने कांग्रेस के साथ गठबंधन में सिर्फ 311 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। बसपा सभी 403 सीटों पर लड़ी, इसलिए उसके वोट ज्यादा सीटों में बंटे। जिन सीटों पर सपा लड़ी, वहां उसका औसत वोट शेयर 28.32% रहा।
जमानत जब्त होने के आंकड़े
चुनाव आयोग के आंकड़ों में जमानत जब्त होने की संख्या भी दर्ज है। भाजपा के 384 में से सिर्फ 5 उम्मीदवारों की जमानत गई। बसपा के 81 और सपा के 25 उम्मीदवार जमानत नहीं बचा सके। रालोद 277 सीटों पर लड़ा, लेकिन 266 पर उसकी जमानत जब्त हुई। AIMIM ने 38 उम्मीदवार उतारे और कोई सीट नहीं जीती।
कुल 1,462 निर्दलीय उम्मीदवारों में से सिर्फ 3 जीते। यूपी चुनाव 2017 के नतीजे दिखाते हैं कि मुकाबला मुख्य रूप से तीन बड़े दलों और उनके सहयोगियों तक सीमित रहा।
महिलाओं का ज्यादा मतदान
2017 में महिलाओं का मतदान 63.31% रहा, जबकि पुरुषों का 59.15%। चुनाव आयोग के मुताबिक, 4,09,05,867 महिलाओं ने वोट डाला। यूपी चुनाव 2017 के नतीजे में यह आंकड़ा भी अहम माना गया।
नतीजों के बाद
19 मार्च 2017 को योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा उपमुख्यमंत्री बने। अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सपा सरकार की जगह भाजपा सरकार आई।
2022 से तुलना
यूपी चुनाव 2017 के नतीजे की तुलना 2022 से करें तो भाजपा की सीटें 312 से घटकर 255 हुईं, लेकिन वोट शेयर 39.67% से बढ़कर 41.29% हो गया। सपा 47 से बढ़कर 111 सीटों पर पहुंची और उसका वोट शेयर 32.06% हो गया। बसपा 19 से घटकर 1 सीट पर आ गई।
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