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चुनाव

UP Election Opinion Poll: भास्कर ऐप सर्वे में 256 सीटों पर भाजपा पहली पसंद, सपा 135 पर, सहयोगी दल पीछे

मतदान केंद्र के बाहर कतार में खड़े मतदाता और सुरक्षाकर्मी
फाइल फोटो: मतदान केंद्र के बाहर कतार में खड़े मतदाता और सुरक्षाकर्मी। फोटो: Election Commission of India / Wikimedia Commons, GODL-India (क्रॉप/रीसाइज़ किया गया)

UP Election Opinion Poll: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले दैनिक भास्कर ऐप के अप्रैल 2026 में प्रकाशित सर्वे ने मौजूदा राजनीतिक तस्वीर साफ की है। 403 सीटों पर भाजपा पहली पसंद 256 सीटों पर है। समाजवादी पार्टी 135 सीटों पर आगे दिख रही है। सबसे बड़ा नुकसान एनडीए के सहयोगी दलों का बताया गया है।

सर्वे की जानकारी: यह सर्वे दैनिक भास्कर ने अपने ऐप पर 25 मार्च से 10 अप्रैल 2026 के बीच किया था और इसके नतीजे 24 अप्रैल 2026 को प्रकाशित हुए। भास्कर के मुताबिक इसमें 6 लाख से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। यह ऐप पर किया गया सर्वे है, जिसमें लोगों ने खुद हिस्सा लिया, इसलिए इसे रैंडम सैंपल वाला ओपिनियन पोल नहीं माना जा सकता। मूल रिपोर्ट | सर्वे का तरीका। UP Election News ने यह सर्वे नहीं किया है।

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सर्वे मौजूदा सीटों से तुलना भी करता है। भाजपा के पास अभी 258 सीटें हैं। सर्वे में दो सीटें कम यानी 256 बताई गई हैं। सपा के पास अभी 107 सीटें हैं। सर्वे में 135 सीटें यानी 28 सीटों का फायदा दिखाया गया है। बाकी दल या तो थमे हैं या पीछे हैं। यह आंकड़ा अंतिम नतीजा नहीं है। यह सर्वे के समय की पहली पसंद है।

पार्टी / पक्ष मौजूदा सीटें सर्वे में पहली पसंद अंतर
भाजपा 258 256 -2
समाजवादी पार्टी 107 135 +28
एनडीए सहयोगी कई सीटें ज्यादातर सीटों पर पीछे नुकसान
सुहेलदेव बसपा 6 सभी पर पीछे सबसे कमजोर

UP Election Opinion Poll: भास्कर सर्वे यूपी में क्या कहता है?

सर्वे राज्य की सभी 403 विधानसभा सीटों पर किया गया। हर सीट पर जिस पार्टी को सबसे ज्यादा लोग पहली पसंद बताते हैं, उसे उस सीट का लीडर माना गया। ऊपर से तस्वीर स्थिर दिखती है। भाजपा अभी भी सबसे बड़ी पार्टी है। सरकार बनाने का आंकड़ा 202 है। 256 सीटें उस रेखा से काफी ऊपर हैं।

अंदर झांकें तो बदलाव दिखता है। सपा सीटें बढ़ा रही है। एनडीए के छोटे सहयोगी दलों की जमीन खिसकती दिख रही है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी अपनी मौजूदा सभी छह सीटों पर पीछे है। ओम प्रकाश राजभर की पार्टी के लिए यह सबसे खराब संकेत है।

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भाजपा को दो सीटों का मामूली नुकसान दिखाया गया है। सपा को 28 सीटों का फायदा। यानी मुकाबला द्विपक्षीय ज्यादा हो रहा है। छोटे दल किनारे होते दिख रहे हैं।

UP Election Opinion Poll: किस क्षेत्र में किसकी बढ़त है?

राज्य को पांच हिस्सों में बांटा गया। पूर्वांचल 133 सीटें, अवध 82, पश्चिमी उत्तर प्रदेश 79, ब्रज 56 और बुंदेलखंड 53 सीटें।

भाजपा पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फायदे में है। अवध, ब्रज और बुंदेलखंड में उसे नुकसान दिखाया गया है। सपा का पैटर्न उलटा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वह पीछे है। पूर्वांचल, अवध, ब्रज और बुंदेलखंड में वह जगह बना रही है।

यह बंटवारा महत्वपूर्ण है। पश्चिम में भाजपा की पकड़ बनी हुई है। अवध और बुंदेलखंड में सपा कुछ सीटें काट रही है। पूर्वांचल दोनों के लिए बड़ा अखाड़ा है। वहां भाजपा बढ़त में बताई गई है, लेकिन सपा भी विस्तार कर रही है।

क्षेत्रीय रुझान बताते हैं कि एक लहर पूरे राज्य में एक जैसी नहीं है। हर इलाके का मूड अलग है। इसलिए एक पार्टी का कुल आंकड़ा देखकर बाकी कहानी छोड़ देना ठीक नहीं।

मंत्रियों और सहयोगियों की सीटों पर क्या हाल है?

मंत्रिपरिषद में 54 सदस्य हैं। इनमें 41 विधायक और 13 विधान परिषद सदस्य हैं। सर्वे में 41 मंत्री सीटों में से 32 पर भाजपा पहली पसंद है। सपा आठ पर आगे है। राष्ट्रीय लोक दल एक सीट पर आगे है। यानी ज्यादातर मंत्री सीटों पर भाजपा अभी मजबूत दिख रही है।

सहयोगियों की सीटों पर तस्वीर और साफ है। एनडीए सहयोगियों की जितनी मौजूदा सीटें सर्वे में आईं, उन सभी नौ पर भाजपा खुद आगे है। अपना दल सोनेलाल की चार सीटें बिंदकी, नानपारा, विश्वनाथगंज और शोहरतगढ़ हैं। यहां भी भाजपा पसंद बताई गई। राष्ट्रीय लोक दल की खतौली, थानाभवन और सिवालखास पर भी भाजपा आगे है। सुहेलदेव बसपा की महादेवा और मऊ सहित सीटों पर भी भाजपा लीड में है। मऊ पर अब्बास अंसारी विधायक हैं।

इसका मतलब सहयोगी दल अपनी सीट बचाने में कमजोर दिख रहे हैं। अगर यह रुझान चुनाव तक रहा तो गठबंधन के अंदर सीट बंटवारे पर दबाव बढ़ सकता है।

UP Election Opinion Poll: सपा एनडीए की कितनी सीटें काट रही है?

एनडीए के पास कुल 290 सीटें बताई गई हैं। इनमें भाजपा 257 और सहयोगी 33। इन्हीं में से 75 सीटों पर सपा पहली पसंद है। भाजपा की अपनी सीटों में सपा 59 पर आगे है। कांग्रेस एक सीट पर आगे है। उलटी तरफ भाजपा सपा की मौजूदा करीब 105 सीटों में से 47 पर आगे है।

यानी लड़ाई सीधी है। भाजपा सपा के इलाके में घुस रही है। सपा भाजपा के इलाके में सेंध लगा रही है। मुस्लिम विधायकों वाली 31 सीटों पर बंटवारा है। इनमें 27 सपा, दो आरएलडी, एक-एक अपना दल और सुहेलदेव बसपा के हैं। सर्वे में इन सीटों पर भाजपा 15 और सपा 16 पर आगे है। थानाभवन, सिवालखास और मऊ जैसी सीटों पर भाजपा पहली पसंद बताई गई। सुआर सीट पर सपा आगे है। यह सीट पहले आजम खान से जुड़ी रही, बाद में अपना दल सोनेलाल ने जीती।

पहली बार चुने गए 137 विधायकों में भाजपा 86 सीटों पर आगे है। सपा 46 पर। महिला विधायकों की 51 सीटों पर बदलाव कम है। भाजपा 31, सपा 18, अपना दल और कांग्रेस एक-एक सीट पर आगे हैं।

UP Election Opinion Poll: क्या यह सर्वे चुनाव का नतीजा है?

नहीं। सर्वे सिर्फ यह बताता है कि पूछने के समय कौन पार्टी किस सीट पर सबसे ऊपर थी। अंतिम नतीजा प्रत्याशी, गठबंधन, स्थानीय मुद्दे और मतदान प्रतिशत से तय होता है। सहयोगी दलों का नुकसान सबसे तेज संकेत है। सपा की 28 सीटों की बढ़त दूसरा बड़ा संकेत है। भाजपा की कुल बढ़त बनी हुई है, लेकिन दो सीटों की कमी और कुछ क्षेत्रों में नुकसान चेतावनी है।

यूपी में 202 सीटें सरकार के लिए चाहिए। 256 का आंकड़ा भाजपा के लिए आरामदायक दिखता है। फिर भी अवध, ब्रज, बुंदेलखंड और सहयोगी सीटें अगर और खिसकीं तो अंतर घट सकता है। सपा के लिए चुनौती पश्चिमी उत्तर प्रदेश है। वहां वह पीछे बताई गई है। दोनों दल एक-दूसरे की सीटों पर हमला कर रहे हैं। छोटी पार्टियां इस सर्वे में सबसे कमजोर कड़ी लगती हैं। चुनाव तक समीकरण बदल सकते हैं। फिलहाल भास्कर सर्वे की पहली पसंद भाजपा को आगे और सपा को सुधार की ओर दिखाती है।

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फीचर्ड फोटो (फाइल): The voters standing in a queue for casting their votes at a polling booth Agatti Island Lakshadweep during General Elections-2009 on April 16, 2009.jpg, Election Commission of India, Wikimedia Commons, GODL-India लाइसेंस के तहत; 1280×720 में क्रॉप/रीसाइज़ किया गया।

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