2024 के लोकसभा चुनाव में यूपी में भाजपा का प्रदर्शन पूरे देश में चर्चा का विषय रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी से लगातार तीसरी बार जीते। लेकिन प्रदेश में भाजपा 75 सीटों पर लड़कर 33 ही जीत सकी। सपा 37 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी। यह लेख चुनाव आयोग के आंकड़ों पर आधारित है।
यूपी में भाजपा का प्रदर्शन: मुख्य आंकड़े
- लड़ी गई सीटें: 75
- जीती गई सीटें: 33
- वोट शेयर: 41.67%
- दूसरे स्थान पर: 42 सीटें (35 पर सपा, 6 पर कांग्रेस और 1 पर आजाद समाज पार्टी से हार)
भाजपा ने बाकी 5 सीटें सहयोगियों के लिए छोड़ी थीं। रालोद को 2 सीटें मिलीं और अपना दल (एस) ने 1 सीट जीती। यानी NDA को कुल 36 सीटें मिलीं।
कुल वोट
आयोग के सीटवार आंकड़ों के अनुसार भाजपा को यूपी में कुल करीब 3.64 करोड़ वोट मिले। सपा को करीब 2.95 करोड़ वोट मिले। भाजपा की 33 में से 15 जीत ऐसी रहीं, जहां उसके उम्मीदवार को 50% से ज्यादा वोट मिले।
2019 से तुलना
2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने यूपी में 62 सीटें जीती थीं। 2024 में यह संख्या 29 घटकर 33 रह गई। यूपी में भाजपा का प्रदर्शन इसीलिए 2024 के चुनाव की सबसे बड़ी खबरों में रहा, क्योंकि केंद्र में बहुमत के आंकड़े पर भी इसका असर पड़ा।
वाराणसी का नतीजा और यूपी में भाजपा का प्रदर्शन
नरेंद्र मोदी को 6,12,970 वोट (54.65%) मिले। कांग्रेस के अजय राय को 4,60,457 वोट (41.05%) मिले। जीत का अंतर 1,52,513 वोट रहा। पूरा नतीजा नरेंद्र मोदी और वाराणसी लोकसभा सीट लेख में है।
यूपी में भाजपा का प्रदर्शन: सबसे बड़ी जीत और करीबी नतीजे
सबसे बड़ी जीत
भाजपा की सबसे बड़ी जीत गौतम बुद्ध नगर में रही, जहां अंतर 5,59,472 वोट था। इसके बाद गाजियाबाद (3,36,965), मथुरा (2,93,407), बुलंदशहर (2,75,134) और आगरा (2,71,294) रहे। ये सभी पश्चिमी यूपी की सीटें हैं। इनमें से हर सीट पर भाजपा को 50% से ज्यादा वोट मिले।
करीबी जीत
तीन सीटों पर भाजपा 5,000 से कम वोटों से जीती: फर्रुखाबाद (2,678), बांसगांव (3,150) और फूलपुर (4,332)। मेरठ में अंतर 10,585 वोट रहा।
करीबी हार
तीन सीटों पर भाजपा 5,000 से कम वोटों से हारी: हमीरपुर (2,629), सलेमपुर (3,573) और धौरहरा (4,449)। तीनों सीटें सपा ने जीतीं। अमेठी में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को कांग्रेस के किशोरी लाल ने 1,67,196 वोटों से हराया।
विश्लेषण: वोट शेयर बड़ा, सीटें कम
भाजपा का वोट शेयर 41.67% रहा, जो सपा के 33.84% से करीब 8 प्रतिशत अंक ज्यादा था। फिर भी सपा को ज्यादा सीटें मिलीं। इसकी वजह यह है कि भाजपा की कई जीत बहुत बड़े अंतर से हुईं, खासकर पश्चिमी यूपी में। वहीं सपा ने कई सीटें मध्यम अंतर से जीतीं। यानी भाजपा के वोट कुछ इलाकों में केंद्रित रहे। 2027 के विधानसभा चुनाव में यही सवाल अहम होगा कि यूपी में भाजपा का प्रदर्शन 2022 जैसा रहता है या 2024 जैसा। प्रदेश का पूरा नतीजा यूपी लोकसभा चुनाव 2024 लेख में है। आधिकारिक आंकड़े चुनाव आयोग की वेबसाइट पर हैं।
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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग, लोकसभा आम चुनाव 2024 की सांख्यिकीय रिपोर्टें।
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