मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आगामी 1 नवंबर को राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ा मार्च आयोजित किया जा रहा है, जिसे चलो दिल्ली मार्च नाम दिया गया है। इस देशव्यापी आंदोलन को लोकतंत्र और संविधान की सुरक्षा के साथ साथ वोट चोरी के विरोध से जोड़ा गया है।
विपक्ष के इस कार्यक्रम को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने जनता से अपील की है कि वे पुलिस से किसी भी तरह का भय न रखें और लाठियों की परवाह किए बिना इस आयोजन में भाग लें। इस देशव्यापी आंदोलन का मुख्य उद्देश्य लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं और संवैधानिक मूल्यों को बचाना बताया गया है।
इस बड़े आयोजन को सफल बनाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहा है। कानून और व्यवस्था बनाए रखने के मोर्चे पर पुलिस प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रामलीला मैदान और उसके आसपास के इलाकों में भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए जाने की योजना है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए कुल 3500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम
प्रशासन ने भीड़भाड़ वाले इस इलाके में सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए तकनीकी मदद का सहारा भी लिया है। रिपोर्ट के अनुसार इस पूरे क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए दो सौ से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं।
आयोजन स्थल और उसके आसपास के मार्गों पर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क रहेंगी। इस रैली में लगभग पचास हजार लोगों के जुटने की संभावना जताई जा रही है, जिसके मद्देनजर यातायात और सुरक्षा के अन्य पहलुओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आगे की विस्तृत जानकारी का अभी इंतजार है।
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स्रोत: इंडिया टीवी; प्रभात खबर
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