मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार केंद्र सरकार ने देश की समुद्री ताकत में इजाफा करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है जिसके तहत भारतीय नौसेना के वास्ते आठ अगली पीढ़ी के स्टील्थ कार्वेट तैयार किए जाएंगे और इस पूरी योजना पर अनुमानित तौर पर चालीस हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रावधान तय किया गया है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस रक्षा सौदे के अंतर्गत कुल आठ अत्याधुनिक युद्धपोतों का निर्माण किया जाएगा जो भारतीय समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने का काम करेंगे।
यह पूरा रक्षा निर्माण कार्य देश के भीतर ही दो प्रमुख संस्थानों द्वारा संपन्न कराया जाएगा जिनमें गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स यानी जीआरएसई और गोवा शिपयार्ड लिमिटेड की मुख्य रूप से भागीदारी तय की गई है।
इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह बताई गई है कि इसमें उपयोग की जाने वाली सामग्री का सत्तर प्रतिशत से अधिक हिस्सा पूरी तरह से घरेलू स्तर पर निर्मित यानी स्वदेशी होगा जो देश के आत्मनिर्भर भारत अभियान को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।
समुद्री सुरक्षा और विनिर्माण की स्थिति
विस्तृत जानकारी के अनुसार इन नए नौसैनिक जहाजों के बेड़े में शामिल होने से भारतीय महासागर क्षेत्र में देश की सामरिक स्थिति काफी मजबूत होगी और किसी भी प्रकार की चुनौती से निपटने में आसानी होगी।
फिलहाल इस नीतिगत निर्णय के सामने आने के बाद रक्षा क्षेत्र से जुड़े अन्य तकनीकी पहलुओं और समय सीमा को लेकर विस्तृत विवरण सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।
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