मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मोकामा विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं क्योंकि शीर्ष अदालत ने उनकी जमानत को खारिज कर दिया है। दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में यह बड़ा न्यायिक फैसला आया है, जिसके तहत उन्हें तय समय सीमा के भीतर दोबारा जेल लौटना होगा। इस घटनाक्रम से जुड़ी अन्य तमाम कानूनी और प्रशासनिक जानकारियों का अभी विस्तृत इंतजार किया जा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक बीते वर्ष तीस अक्टूबर को चुनावी संघर्ष के दौरान दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई थी। इस आपराधिक मामले में विधायक अनंत सिंह मुख्य अभियुक्त के रूप में नामजद किए गए थे। निचली अदालत और बाद में पटना उच्च न्यायालय से राहत मिलने के बाद उन्हें जमानत मिल गई थी, जिसे अब चुनौती दी गई थी।
शिकायतकर्ता पीड़ित परिवार ने उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने निचली अदालत के उस पुराने आदेश को पलट दिया है। इस प्रकार उन्हें मिली कानूनी राहत समाप्त हो गई है।
कानूनी प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई
न्यायालय के ताजा आदेश के अनुसार विधायक को आगामी एक दिसंबर की समय सीमा से पहले आत्मसमर्पण करना होगा। इस संबंध में उन्होंने अदालत के हर निर्देश का पालन करने की बात कही है और देश की न्याय व्यवस्था पर पूर्ण आस्था जताई है।
दूसरी ओर इस पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक हलकों में भी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। जनता दल यूनाइटेड के विधान पार्षद नीरज कुमार ने भी इस मामले में अपनी बात रखी है।
शीर्ष अदालत ने संबंधित राज्य की पुलिस को इस आपराधिक प्रकरण की जांच चार महीनों के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की न्यायिक कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।
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स्रोत: इंडिया टीवी; आज तक; द हिंदू
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