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यूपी राजनीति

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या दीपोत्सव के बाद विपक्ष पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या दीपोत्सव के अवसर पर विपक्ष को लेकर दिए बयान में माफी मांगने को कहा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या दीपोत्सव कार्यक्रम में
फोटो: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office (GODL-India)

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अयोध्या में आयोजित दीपोत्सव के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। इस धार्मिक पर्व के दौरान सरयू नदी के तट पर अद्वितीय उल्लास देखने को मिला जहां बड़ी संख्या में दीये प्रज्वलित किए गए। इस भव्‍य आयोजन की भव्यता के बीच राज्य के मुखिया ने एक सार्वजनिक संबोधन के दौरान विरोधी दलों को कटघरे में खड़ा किया और जनता के सामने अपनी बात रखी। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है और इस कार्यक्रम के कई आयाम सामने आ रहे हैं।

विस्तृत जानकारी के मुताबिक, इस वर्ष का दीपोत्सव बेहद खास रहा क्योंकि सरयू नदी के किनारे कुल छप्पन घाटों को सजाया गया था। इन सभी घाटों पर लगभग तीस लाख दीयों को एक साथ रोशन किया गया जिससे पूरी अयोध्या नगरी रोशनी से जगमगा उठी। इस ऐतिहासिक और भव्य दीयों की रोशनी के बीच मुख्यमंत्री ने सरयू के तट पर पहुंचकर विधिवत रूप से आरती की और राज्य की समृद्धि की कामना की। इस आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रशासन और विभिन्न विभागों ने मिलकर महीनों पहले से तैयारियां शुरू कर दी थीं।

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आरती और दीये जलाने के मुख्य अनुष्ठान के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने मंच से अपने संबोधन की शुरुआत की। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने अपने भाषण में विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार किया और तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया। मुख्यमंत्री ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए जनता के बीच अपनी बात रखी और उनसे माफी मांगने की बात कही। इस बयान के बाद से राज्य की राजनीति में आरोप प्रत्यारोप का दौर तेज होने की पूरी संभावना जताई जा रही है क्योंकि इस तरह के तीखे राजनीतिक बयान अक्सर चुनावी सरगर्मी को बढ़ा देते हैं।

धार्मिक नगरी में राजनीतिक बयानबाजी

इस प्रकार के आयोजनों का मंच जब राजनीतिक बयानों के लिए उपयोग होता है तो उसका असर दूर तक जाता है। विरोधी दलों की तरफ से अभी तक इस मामले में कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और उनके रुख का इंतजार किया जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग और अधिक देखने को मिल सकती है।

इस पूरे प्रकरण से जुड़ी अन्य तमाम प्रशासनिक और राजनीतिक जानकारियों के लिए अभी आधिकारिक बयानों और विस्तृत रिपोर्टों का इंतजार करना होगा। इस वृहद आयोजन में सुरक्षा व्यवस्था से लेकर भीड़ प्रबंधन तक के पुख्ता इंतजाम किए गए थे ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

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स्रोत: आज तक

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