अलीगढ़ विधानसभा सीट: 2017 से भाजपा, जफर आलम लगातार तीन चुनावों में मुख्य दावेदार

अलीगढ़ के घंटाघर का मुख्य द्वार
Whispyhistory / Wikimedia Commons, लाइसेंस: CC BY-SA 4.0

संक्षेप में

  • , 1991 और 1993 में भाजपा के कृष्ण कुमार नवमान जीते।
  • में सपा के जफर आलम 23,086 वोटों से जीते।
  • में भाजपा के संजीव राजा 15,440 वोटों से जीते।
  • में भाजपा की मुक्ता राजा 12,786 वोटों से जीतीं।

अलीगढ़ विधानसभा सीट पर पिछले छह दशक में लगभग हर बड़े दल ने जीत दर्ज की है। 2017 और 2022 में यहां भाजपा जीती। सपा के जफर आलम 2012 से 2022 तक हर चुनाव में पहले या दूसरे स्थान पर रहे। इस लेख के आंकड़े चुनाव आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्टों से हैं।

1957 से 1985 तक

1957 में कांग्रेस के अनंत राम वर्मा जीते। 1962 में रिपब्लिकन पार्टी के अब्दुल बसीर खान विधायक बने। 1967 में भारतीय जनसंघ, 1969 में कांग्रेस और 1974 में फिर जनसंघ के इंद्र पाल सिंह जीते।

1977 में जनता पार्टी और 1980 में जनता पार्टी (एससी) ने यह सीट जीती। 1985 में कांग्रेस के बलदेव सिंह विधायक बने।

कृष्ण कुमार नवमान और अब्दुल खालिक

1989, 1991 और 1993 में भाजपा के कृष्ण कुमार नवमान लगातार तीन बार जीते। आयोग के रिकॉर्ड में उनके नाम की वर्तनी अलग-अलग वर्षों में थोड़ी अलग है। 1991 में उन्हें 52,670 वोट (47.30%) मिले और जनता दल के मोहम्मद सुफियान 5,421 वोट पीछे रहे।

1993 में मुकाबला बेहद करीबी रहा। नवमान को 58,027 और बसपा के अब्दुल खालिक को 56,005 वोट मिले। अंतर सिर्फ 2,022 वोट रहा। 1996 में सपा के अब्दुल खालिक जीते, जिन्होंने भाजपा के कृष्ण कुमार नौमान को हराया। उन्हें 86,570 वोट (53.10%) मिले और अंतर 35,143 वोट रहा।

अलीगढ़ विधानसभा सीट: 2002 और 2007

2002 में कांग्रेस के विवेक बंसल ने 47,801 वोट (41.87%) पाकर भाजपा के दीपक मित्तल को 24,444 वोट से हराया। नेशनल लोकतांत्रिक पार्टी (NLP) के टिकट पर लड़े अब्दुल खालिक 18.04% वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे। 2007 में सपा के जमीर उल्लाह ने 44,541 वोट पाकर भाजपा के संजीव राजा को 7,852 वोट से हराया।

परिसीमन के बाद अलीगढ़ विधानसभा सीट

परिसीमन के बाद इस सीट का क्रमांक 76 है। 2012 में सपा के जफर आलम को 68,291 वोट (36.95%) मिले। भाजपा के आशुतोष वार्ष्णेय 45,205 वोट (24.46%) पर रहे। अंतर 23,086 वोट रहा। बसपा के संजय शर्मा को 14.83% वोट मिले। उस चुनाव में प्रदेश में सपा को बहुमत मिला था।

2017 में भाजपा के संजीव राजा ने 1,13,752 वोट (46.48%) पाकर जफर आलम को 15,440 वोट से हराया। बसपा के मोहम्मद आरिफ को 10.50% वोट मिले।

अलीगढ़ विधानसभा सीट पर 2022 का नतीजा

2022 में भाजपा की मुक्ता राजा को 1,20,389 वोट (47.66%) मिले। सपा के जफर आलम को 1,07,603 वोट (42.60%) मिले। अंतर 12,786 वोट रहा। बसपा की रजिया खान 7.23% पर रहीं। पूरे आंकड़े चुनाव आयोग की 2022 रिपोर्ट में हैं।

मतदाता और मतदान

अलीगढ़ विधानसभा सीट पर 2012 में 2,94,190 मतदाता थे और 62.82% मतदान हुआ। 2017 में 3,70,237 मतदाता और 66.47% मतदान रहा। 2022 में 3,95,352 मतदाता थे और 63.89% मतदान हुआ।

जफर आलम का वोट शेयर 2012 के 36.95% से बढ़कर 2022 में 42.60% हुआ, फिर भी वे दो बार हारे। भाजपा का अंतर 2017 के 15,440 से घटकर 2022 में 12,786 रह गया। 2027 में अलीगढ़ विधानसभा सीट पर भी दो-तरफा मुकाबले की संभावना है।

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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग की उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव सांख्यिकीय रिपोर्टें (1957 से 2022)।

स्रोत

  1. ECI: Uttar Pradesh General Legislative Election 2022 - Statistical Reports
  2. ECI: Statistical Reports, Uttar Pradesh Legislative Assembly (1957-2017)
  3. Wikimedia Commons: Aligarh Clock Tower front gate

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Sudhanshu Tiwari

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी UP Election News (upelectionnews.com) के संस्थापक और संपादक हैं। वे उत्तर प्रदेश की राजनीति, 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों, राज्यसभा और उपचुनावों, चुनाव आयोग से जुड़ी खबरों और ओपिनियन पोल पर लिखते हैं। वेबसाइट पर क्या प्रकाशित होगा, इसका अंतिम फैसला और प्रकाशित खबरों की संपादकीय ज़िम्मेदारी उन्हीं की है। UP Election News का संचालन DB PR Solution करती है; जिन खबरों में DB PR Solution के किसी क्लाइंट या उसके अपने सर्वे का ज़िक्र होता है, उन पर अलग से खुलासा (डिस्क्लोज़र) दिया जाता है। किसी खबर में गलती दिखे तो info@upelectionnews.com पर लिखें।

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