मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले की जेल से बाहर आते ही समाजवादी पार्टी के प्रमुख नेता आजम खान और उनके पुत्र अब्दुल्ला आजम को प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है। इस घटनाक्रम से जेल के बाहर खड़े उनके समर्थकों के बीच काफी गहमागहमी और हंगामा देखने को मिला, जिससे वहां की स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने दो पैन कार्ड से जुड़े इस कानूनी प्रकरण में इन दोनों पिता और पुत्र की जमानत अर्जी को स्वीकार कर लिया था। इसके साथ ही अदालत ने उनकी दी गई सजा पर भी रोक लगाते हुए उसे निलंबित कर दिया था, जिसके बाद उनकी जेल से रिहाई की प्रबल संभावनाएं जताई जा रही थीं।
हालांकि, न्यायिक अदालत ने इनकी दोषसिद्धि पर पूर्ण विराम लगाने की मांग को स्वीकार करने से स्पष्ट इनकार कर दिया था। रिहाई की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद के बीच ही प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी रामपुर जेल परिसर के बाहर पहले से ही सक्रिय हो चुके थे, जिससे उनकी स्वतंत्रता को लेकर संशय की स्थिति बन गई थी।
गाजियाबाद अदालत में पेशी की तैयारी
मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर, प्रवर्तन निदेशालय की टीम अब इन दोनों को अपने साथ ले जाकर गाजियाबाद की विशेष अदालत में प्रस्तुत करने की पूरी तैयारी कर चुकी है। इस नई कानूनी कार्रवाई के कारण जेल के मुख्य द्वार पर रिहाई का इंतजार कर रहे समर्थकों की उम्मीदें अचानक धरी रह गईं और प्रशासनिक अमले को भी स्थिति संभालने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पड़े।
इस पूरे घटनाक्रम के संबंध में अभी तक अन्य कोई आधिकारिक विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है, और आगे की कानूनी प्रक्रियाओं से जुड़ी हर नई जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
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स्रोत: इंडिया टीवी; आज तक
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