यूपी में 50 हजार मेधावी बेटियों को मुफ्त स्कूटी, योगी सरकार ने अगले महीने वितरण का ऐलान किया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
फाइल फोटो: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। फोटो: Prime Minister's Office / Wikimedia Commons, GODL-India (क्रॉप/रीसाइज़ किया गया)

संक्षेप में

  • CM Yogi: उत्तर प्रदेश में रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत 50 हजार मेधावी छात्राओं को मुफ्त पेट्रोल स्कूटी देने की घोषणा की गई है। लेख के अनुसार, इसका लाभ 2025-26 सत्र में स्नातक पूरा करने वाली चयनित छात्राओं को मिलेगा और वितरण नवंबर 2026 में शुरू होगा। योजना का उद्देश्य छात्राओं का आवागमन आसान बनाकर आगे की पढ़ाई और रोजगार के अवसरों तक उनकी पहुंच बढ़ाना है।

सुधार (10 अक्टूबर 2026): इस खबर की डेटलाइन पहले “5 अक्टूबर 2026” लिखी थी, जबकि यह घोषणा 3 अक्टूबर 2026 को हुई थी। डेटलाइन ठीक कर दी गई है।

CM Yogi: लखनऊ, 3 अक्टूबर 2026 | उत्तर प्रदेश सरकार ने छात्राओं की उच्च शिक्षा को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित छात्रवृत्ति वितरण समारोह में घोषणा की कि रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत 2025-26 शैक्षणिक सत्र में स्नातक पूरा करने वाली 50 हजार मेधावी छात्राओं को अगले महीने मुफ्त पेट्रोल स्कूटी दी जाएगी। यह ऐलान 3 अक्टूबर को हुए कार्यक्रम के दौरान किया गया, जहां छात्रवृत्ति और फीस प्रतिपूर्ति की राशि भी सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी गई।

सरकार का कहना है कि इस योजना का मकसद उन छात्राओं को आगे बढ़ने का साधन देना है, जिन्होंने मेधा के आधार पर ग्रेजुएशन पूरा किया है। स्कूटी वितरण से उनकी आवाजाही आसान होगी और पढ़ाई या रोजगार से जुड़े कामों में समय की बचत होगी। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि छात्रों के लिए धन की कमी नहीं है और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर की व्यवस्था से प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी हुई है।

CM Yogi: रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत किसे मिलेगी स्कूटी?

योजना के तहत लाभ उन्हीं छात्राओं को मिलेगा, जिन्होंने 2025-26 सत्र में ग्रेजुएशन पूरा किया है और मेधा सूची में स्थान बनाया है। कुल 50 हजार छात्राओं का चयन किया गया है। वितरण अगले महीने शुरू होने की बात कही गई है। पेट्रोल वाली स्कूटी दी जाएगी, ताकि छात्राएं अपने कॉलेज, कोचिंग या कार्यस्थल तक आसानी से पहुंच सकें।

मुख्यमंत्री के अनुसार, यह सौगात बेटियों की शिक्षा को केंद्र में रखकर दी जा रही है। कार्यक्रम में कक्षा 9वीं-10वीं और पोस्ट-मैट्रिक श्रेणी के 4.6 लाख से अधिक छात्रों के खातों में 148 करोड़ रुपये से ज्यादा की छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की राशि ट्रांसफर की गई। साथ ही 11 छात्रों को छात्रवृत्ति प्रमाणपत्र भी सौंपे गए।

छात्रवृत्ति वितरण में योगी सरकार ने क्या आंकड़े दिए?

मुख्यमंत्री ने पिछले एक साल के छात्रवृत्ति आंकड़े भी साझा किए। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के 26.26 लाख छात्रों को 2,750 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप दी गई। अल्पसंख्यक समुदाय के 5.89 लाख छात्रों को 360 करोड़ रुपये मिले। पिछड़ा वर्ग के 37 लाख छात्रों के खातों में 3,072 करोड़ रुपये पहुंचे। कम आय वाले परिवारों के 9.40 लाख छात्रों को भी छात्रवृत्ति का लाभ मिला।

सरकार का दावा है कि एडमिशन प्रक्रिया पूरी होते ही निर्धारित समयसीमा में राशि बैंक खाते में भेज दी जाती है। इससे छात्रों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कई मामलों में छात्रवृत्ति लेने के आने-जाने का खर्च ही मिलने वाली राशि से ज्यादा हो जाता था।

CM Yogi: पिछली सरकार पर मुख्यमंत्री ने क्या टिप्पणी की?

योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय 100 में से केवल 60 से 70 बच्चों को ही छात्रवृत्ति का लाभ मिल पाता था। उनके अनुसार, क्लर्क और अन्य कर्मचारियों की गड़बड़ी से छात्रों के साथ धोखा होता था। अब डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए राशि सीधे लाभार्थी के खाते में जाती है, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके कार्यकाल में स्कॉलरशिप व्यवस्था को पारदर्शी बनाया गया है और हर पात्र छात्र तक लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। यह बयान कार्यक्रम में मौजूद छात्रों और अभिभावकों के बीच दिया गया।

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मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग का क्या जिक्र हुआ?

शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जेईई और नीट जैसी परीक्षाओं के लिए युवाओं को दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने इसका श्रेय मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग योजना को दिया। उनके मुताबिक, पहले बड़ी संख्या में छात्र तैयारी के लिए बाहर जाते थे, अब राज्य में ही कोचिंग की सुविधा उपलब्ध है।

इस योजना को छात्रवृत्ति और स्कूटी वितरण के साथ जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार का तर्क है कि आर्थिक सहायता, आवागमन का साधन और परीक्षा तैयारी की सुविधा तीनों मिलकर छात्राओं और छात्रों को आगे बढ़ने में मदद करेंगे।

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CM Yogi: इस ऐलान का छात्राओं की शिक्षा पर क्या असर पड़ सकता है?

राजनीतिक और शैक्षिक हलकों में इस फैसले को बेटियों की उच्च शिक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है। स्नातक पूरा करने वाली मेधावी छात्राओं को स्कूटी मिलने से ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में आवाजाही की दिक्कत कम होने की उम्मीद है। कई परिवारों में लड़कियों की पढ़ाई बीच में रुक जाने का एक कारण यात्रा का खर्च और साधन की कमी बताया जाता है।

विपक्षी दलों की ओर से अब तक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सरकार इसे अपनी छात्र कल्याण योजनाओं की कड़ी बता रही है। वितरण की प्रक्रिया और चयन सूची सार्वजनिक होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि लाभ कितने व्यापक स्तर पर पहुंचता है। अगले महीने शुरू होने वाला स्कूटी वितरण यूपी की शिक्षा योजनाओं में चर्चा का विषय बना रहेगा।

फीचर्ड फोटो (फाइल): Yogi Adithyanath in Uttar Pradesh 2023.jpg, Prime Minister's Office, Wikimedia Commons, GODL-India लाइसेंस के तहत; 1280×720 में क्रॉप/रीसाइज़ किया गया।

स्रोत

  1. x.com

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Sudhanshu Tiwari

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी UP Election News (upelectionnews.com) के संस्थापक और संपादक हैं। वे उत्तर प्रदेश की राजनीति, 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों, राज्यसभा और उपचुनावों, चुनाव आयोग से जुड़ी खबरों और ओपिनियन पोल पर लिखते हैं। वेबसाइट पर क्या प्रकाशित होगा, इसका अंतिम फैसला और प्रकाशित खबरों की संपादकीय ज़िम्मेदारी उन्हीं की है। UP Election News का संचालन DB PR Solution करती है; जिन खबरों में DB PR Solution के किसी क्लाइंट या उसके अपने सर्वे का ज़िक्र होता है, उन पर अलग से खुलासा (डिस्क्लोज़र) दिया जाता है। किसी खबर में गलती दिखे तो info@upelectionnews.com पर लिखें।

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