Rahul Gandhi: नई दिल्ली, 5 अक्टूबर 2026 | लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के उस ट्वीट का चुनाव आयोग ने फैक्ट चेक किया है, जिसमें उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर फॉर्म 6 में गैर-कानूनी और एकतरफा बदलाव का आरोप लगाया था। आयोग ने कहा कि पोस्ट में दिया गया बयान गुमराह करने वाला है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि यह बदलाव भाजपा की मदद के लिए पद के दुरुपयोग का सबूत है और इसमें शामिल हर व्यक्ति को जवाबदेह ठहराया जाएगा। उन्होंने आयोग की प्रेस विज्ञप्ति का तीसरा बिंदु भी शेयर किया था।
उस बिंदु में लिखा है कि एसआईआर के लिए फॉर्म 6 के साथ लगे घोषणा-पत्र को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया है। नॉन-एसआईआर अवधि के लिए मतदाता पंजीकरण नियम 1960 के अनुसार लागू फॉर्म का इस्तेमाल होगा। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल एसआईआर और ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग पर प्रदर्शन कर रहे हैं। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। अदालत ने आयोग को नोटिस जारी किया है और अगले हफ्ते सुनवाई होनी है।
Rahul Gandhi ने फॉर्म 6 को लेकर क्या आरोप लगाया?
सोमवार के ट्वीट में राहुल गांधी ने लिखा कि अब बिना शक साबित हो चुका है कि ज्ञानेश कुमार ने गैर-कानूनी और एकतरफा तरीके से फॉर्म 6 में बदलाव किया। उन्होंने इसे भाजपा की मदद के लिए पद के गलत इस्तेमाल का एक और सबूत बताया। ट्वीट में आयोग की प्रेस विज्ञप्ति शेयर कर तीसरे बिंदु को चिह्नित किया गया। उसमें एसआईआर वाले फॉर्म 6 के घोषणा-पत्र को सुप्रीम कोर्ट से सही ठहराए जाने और नॉन-एसआईआर अवधि में 1960 के नियमों वाले फॉर्म के इस्तेमाल की बात है। पिछले कुछ दिनों से वे एसआईआर प्रक्रिया को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त पर लगातार हमला कर रहे हैं। विपक्षी दलों का कहना है किvoter सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया में नाम काटने का तरीका एकतरफा है।
चुनाव आयोग ने किस आधार पर बयान को गुमराह करने वाला कहा?
आयोग के फैक्ट चेक में दो बातें रखी गईं। पहली, बिहार में एसआईआर के लिए 24 जून 2025 को जारी आदेश आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से निकला था। सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 के फैसले में इस आदेश को सही ठहराया। दूसरी, 26 सितंबर 2026 के प्रेस नोट संख्या 120 के बिंदु 1(iii) में आयोग खुद कह चुका है कि एसआईआर के लिए फॉर्म 6 के साथ लगे घोषणा-पत्र को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया है। आयोग का रुख है कि राहुल गांधी की पोस्ट इन तथ्यों को गलत ढंग से पढ़ाती है। विज्ञप्ति में नॉन-एसआईआर अवधि के लिए अलग फॉर्म की बात भी दर्ज है, जिसे राहुल ने अपने ट्वीट में रेखांकित किया था।
Rahul Gandhi: सुप्रीम कोर्ट और सड़क पर यह विवाद किस मोड़ पर है?
एसआईआर और ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर पिछले चार दिनों से प्रदर्शन चल रहे हैं। सोमवार को जंतर-मंतर पर एनएसयूआई समेत कई संगठनों ने प्रदर्शन किया। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल इसी मांग पर मैदान में हैं। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। अगले हफ्ते मामले की सुनवाई होनी है। अदालत अलग टिप्पणी में कह चुकी है कि न्यूज रिपोर्ट के आधार पर आदेश नहीं दिया जाएगा। यानी कानूनी बहस अब अदालत और सड़क दोनों जगह चल रही है। आयोग अपने आदेश को सर्वसम्मत और अदालत से सही ठहराया गया बता रहा है। विपक्ष इसे लोकतंत्र पर हमला बता रहा है।
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सेव डेमोक्रेसी मार्च और 1 नवंबर की रैली का क्या प्लान है?
दिल्ली में मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस की बैठक हुई। इसमें देशभर में सेव डेमोक्रेसी मार्च निकालने का फैसला हुआ। नेता बाइक रैली, साइकिल रैली और पदयात्रा करेंगे। मकसद एसआईआर में कटे मतदाताओं के नाम इकट्ठा करना है। 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली होगी, जिसमें इंडिया गठबंधन के नेता भी शामिल होंगे। 25 और 26 नवंबर को छह अलग जगहों से दिल्ली यात्रा निकलेगी। कांग्रेस मंगलवार को संसद से चुनाव आयोग दफ्तर तक मार्च भी निकालेगी। ये कार्यक्रम फॉर्म 6 वाले ट्वीट और आयोग के फैक्ट चेक के ठीक बाद घोषित हुए हैं।
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Rahul Gandhi: फैक्ट चेक और आगे की सुनवाई से बहस कहां ठहरेगी?
आयोग राहुल गांधी के बयान को गुमराह करने वाला बताकर बिहार एसआईआर आदेश की सर्वसम्मत मंजूरी और 27 मई 2026 के सुप्रीम कोर्ट फैसले का हवाला दे रहा है। राहुल गांधी प्रेस विज्ञप्ति के तीसरे बिंदु को ही अपने आरोप का आधार बना रहे हैं। अगले हफ्ते की सुनवाई में नोटिस का जवाब और फॉर्म 6 वाले घोषणा-पत्र की व्याख्या दोनों पक्ष रख सकते हैं। तब तक कांग्रेस का मार्च और 1 नवंबर की रैली इस मुद्दे को सड़क पर बनाए रखेगी। आधिकारिक स्थिति के लिए चुनाव आयोग की प्रेस नोट और अदालत के आदेश ही आधार माने जा रहे हैं।
| बिंदु | दावा और जवाब |
|---|---|
| राहुल गांधी का ट्वीट | फॉर्म 6 में गैर-कानूनी और एकतरफा बदलाव, पद का दुरुपयोग |
| आयोग का फैक्ट चेक | बयान गुमराह करने वाला |
| बिहार एसआईआर आदेश | 24 जून 2025, सर्वसम्मत मंजूरी |
| सुप्रीम कोर्ट | 27 मई 2026 के फैसले में आदेश सही ठहराया |
| प्रेस नोट 120 | 26 सितंबर 2026, फॉर्म 6 का घोषणा-पत्र अदालत से सही |
| नॉन-एसआईआर अवधि | मतदाता पंजीकरण नियम 1960 वाला फॉर्म |
| कांग्रेस रैली | 1 नवंबर, रामलीला मैदान |
| दिल्ली यात्रा | 25 और 26 नवंबर, छह जगहों से |
फीचर्ड फोटो (फाइल): Rahul Gandhi.png, Himanshu Arya Khowal, Wikimedia Commons, CC BY 4.0 लाइसेंस के तहत; 1280×720 में क्रॉप/रीसाइज़ किया गया।


