CM योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लखनऊ में युवाओं की रील की आदत पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि रील में लाइक्स मिलते हैं, लेकिन खेल के मैदान में लाइफ मिलती है। मौका था यूपी पुलिस में कुशल खिलाड़ी कोटे से चयनित 470 खिलाड़ियों को नियुक्ति-पत्र देने का। इंडिया टीवी और अमर उजाला ने इस कार्यक्रम की रिपोर्ट दी है।
CM योगी ने 470 खिलाड़ियों को सौंपे नियुक्ति-पत्र
अमर उजाला के मुताबिक, कार्यक्रम लखनऊ के लोक भवन सभागार में हुआ। चयनित खिलाड़ियों में 43 उप निरीक्षक (नागरिक पुलिस), 295 आरक्षी (नागरिक पुलिस) और 132 आरक्षी (पीएसी) हैं। यही आंकड़े CM योगी ने सुबह अपनी एक्स पोस्ट में भी दिए थे। शाम को उन्होंने कार्यक्रम की तस्वीरें एक्स पर साझा कीं।
दैनिक भास्कर के अनुसार, मंच पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी मौजूद थे। डीजीपी राजीव कृष्ण और खेल मंत्री गिरीश यादव ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
“जर्सी से वर्दी की” यात्रा
इंडिया टीवी के मुताबिक, CM योगी ने खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा, “आपकी ये यात्रा इस नियुक्ति पत्र के साथ “जर्सी से वर्दी की” यात्रा प्रारंभ हुई है।” इसके बाद CM योगी ने कहा, “जर्सी में जो आप कार्य करते थे और जो परिणाम आपने लाये, उसी की अपेक्षा सरकार आपसे वर्दी में भी करती है।”
अमर उजाला के अनुसार, उन्होंने खिलाड़ियों से पूछा कि क्या किसी ने पैसा मांगा या सिफारिश की जरूरत पड़ी। साथ ही कहा कि यह सरकार का अहसान नहीं, बल्कि उनकी मेहनत का फल है। इसके अलावा, उन्होंने डीजीपी से हर खिलाड़ी को एक गांव गोद देने को कहा, ताकि वहां खेल गतिविधियां हो सकें।
रील पर CM योगी की नसीहत
भाषण का सबसे चर्चित हिस्सा युवाओं को दी गई सलाह रही। CM योगी ने कहा, “मुझे दुख होता है कि हमारे आज के युवा घण्टों रील में बर्बाद करते हैं। याद रखना, रील में लाइक्स मिलते हैं, लेकिन खेल के मैदान में आपको लाइफ मिलती है।”
उन्होंने आगे कहा, “आपको तय करना है कि आपको लाइक्स चाहिए, या जीवन की वास्तविक लाइफ चाहिए।” इंडिया टीवी के मुताबिक, इससे पहले मुख्यमंत्री ने युवाओं के नाम एक पाती भी लिखी थी। उसमें उन्होंने कहा था कि यूपी के युवा रोजगार पाने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें।
खेल कोटे की भर्ती: सरकार के आंकड़े
मुख्यमंत्री की एक्स पोस्ट के मुताबिक, विभिन्न विभागों में अब तक 534 से अधिक खिलाड़ियों की सीधी भर्ती हो चुकी है। वहीं, यूपी पुलिस में 866 अन्य खिलाड़ियों की भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। उन्होंने लिखा कि 2017 से पहले खेल कोटा उपेक्षित था। उनके मुताबिक, तब भर्तियों में प्रतिभा से ज्यादा सिफारिश और पहुंच की चर्चा होती थी।
अमर उजाला के अनुसार, CM योगी ने एक और जानकारी दी। ओलंपिक, कॉमनवेल्थ या एशियाई खेलों के सात पदक विजेता डिप्टी एसपी बनाए जा चुके हैं। पुलिस भर्ती से जुड़ी आधिकारिक सूचनाएं उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की वेबसाइट पर मिलती हैं।
विपक्ष पर निशाना: ‘सैफई या सिफारिश’
मंच से CM योगी ने विपक्ष पर भी तीखा हमला किया। इंडिया टीवी के मुताबिक, उन्होंने राष्ट्रमंडल खेल घोटालों की तुलना आज के मेडल से की। उन्होंने कहा, “यूपी के अंदर पहले “प्रदेश डुबाऊ एलायंस” था।” उनके मुताबिक, यह एलायंस नौजवानों की नौकरी पर डकैती डालता था।
उन्होंने कहा, “उसमें दो ही S थे, या तो सैफई या फिर सिफारिश।” इसके बाद उन्होंने एनडीए को “नौकरी देंगे एलायंस” बताया। मर्डर और मेडल की तुलना करते हुए उन्होंने कहा, “एक पहचान डुबाता है, एक पहचान दिलाता है।” मुख्यमंत्री ने एक्स पर साझा वीडियो में सपा पर ‘मगरमच्छ’ वाला तंज भी दोहराया।
इस खबर के लिखे जाने तक इस भाषण पर सपा की ओर से कोई सीधी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
विश्लेषण: 2027 से पहले रोजगार का मुद्दा
सरकारी कार्यक्रम में विपक्ष पर हमले से साफ है कि रोजगार 2027 के चुनाव में बड़ा मुद्दा रहेगा। भाजपा भर्तियों में पारदर्शिता को अपनी उपलब्धि बता रही है। वहीं, सपा पहले से PDA की राजनीति पर जोर दे रही है। हालांकि, इसका चुनावी असर कितना होगा, यह अभी कहना जल्दबाजी होगी। सरकार की दूसरी योजनाओं पर हमारी मुफ्त स्कूटी वाली रिपोर्ट और UP Election 2027 सर्वे भी पढ़ें।
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