मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस पार्टी ने आईडीबीआई बैंक की बिक्री प्रक्रिया में गंभीर वित्तीय अनियमित्ताओं के आरोप लगाए हैं। इस पूरे मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के वास्ते एक संयुक्त संसदीय समिति के मार्फत गहराई से जांच करवाने की पुरजोर मांग उठाई गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस संगठन ने आईडीबीआई बैंक के इस विनिवेश सौदे के दौरान मूल्यांकन रिपोर्टों को सार्वजनिक करने की भी सख्त मांग रखी है। पार्टी का मुख्य तर्क यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता का पूर्ण अभाव देखा गया है, जिससे सार्वजनिक संपत्ति के उचित आकलन पर बड़े सवाल खड़े होते हैं।
विपक्ष की तरफ से यह भी सवाल उठाया गया है कि अधिग्रहण प्रक्रिया को पूरा करने के लिए किस प्रकार से बैंक के अपने ही आंतरिक फंड का इस्तेमाल किया गया। इस संबंध में वित्तीय लेन देन के तौर तरीकों की गहन छानबीन किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी को बेनकाब किया जा सके।
मूल्यांकन रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
राजनीतिक गलियारों में इस वित्तीय मुद्दे को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है क्योंकि सरकार की विनिवेश नीतियों पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। इस ताजा प्रकरण के बाद बैंकिंग क्षेत्र के निजीकरण और परिसंपत्तियों की बिक्री के तौर तरीकों पर एक बार फिर से बहस छिड़ गई है।
फिलहाल इस पूरे प्रकरण को लेकर संबंधित केंद्रीय विभागों या वित्तीय संस्थाओं की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, और इस मामले से जुड़े सभी पक्षों के आधिकारिक बयानों तथा आगे की विस्तृत जानकारियों का अभी इंतजार किया जा रहा है।
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स्रोत: द हिंदू
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