चुनाव आयोग को सौंपी गई नवीनतम अंशदान रिपोर्ट के अनुसार पिछले एक दशक में कांग्रेस का चंदा लगभग 75 प्रतिशत घट गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राजनीतिक दलों द्वारा दिए गए ब्यौरे में सामने आया है कि वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को कुल 517.39 करोड़ रुपये का अंशदान प्राप्त हुआ। निर्वाचन आयोग के पास जमा कराई गई इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि पार्टी के आर्थिक सहयोग में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक यह गिरावट पिछले दस वर्षों की अवधि में दर्ज की गई सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। राजनीतिक अंशदान में 75 फीसदी के इस बड़े अंतर ने चुनावी फंडिंग के आंकड़ों को नया मोड़ दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 2024-25 की समयावधि के दौरान कुल जमा हुआ 517.39 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार्टी के खातों की वर्तमान स्थिति को दर्शाता है।
भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा सार्वजनिक किए गए इन आंकड़ों के तहत वित्तीय विवरण की प्रक्रिया पूरी की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक राजनीतिक दलों को हर वर्ष मिलने वाले दान और अंशदान की पूरी जानकारी आयोग के समक्ष प्रस्तुत करनी अनिवार्य होती है। इसी व्यवस्था के तहत कांग्रेस पार्टी ने अपनी 2024-25 की आधिकारिक वार्षिक अंशदान रिपोर्ट तैयार करके आयोग को सौंपी है।
मामले की पृष्ठभूमि और विस्तृत ब्यौरा
वित्तीय आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि एक दशक में यह पहला अवसर है जब इस स्तर का आर्थिक घाटा देखा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रिपोर्ट में प्रस्तुत 517.39 करोड़ रुपये की कुल राशि में विभिन्न अंशदानों का समावेश किया गया है। हालांकि पिछले वर्षों की तुलना में यह गिरावट किस प्रकार प्रभावी हुई, इसके विस्तृत ब्यौरे का अभी इंतजार किया जा रहा है।
निर्वाचन आयोग के पास दायर इस दस्तावेज से संबंधित अन्य विवरणों के सार्वजनिक होने की प्रतीक्षा है। रिपोर्ट के मुताबिक दान देने वाली संस्थाओं और व्यक्तिगत चंदादाताओं की अलग-अलग सूची के संबंध में विस्तृत जानकारी का इंतजार है। इसके साथ ही अन्य राजनीतिक दलों को प्राप्त अंशदान और उनके तुलनात्मक अध्ययन से जुड़ी और अधिक आधिकारिक जानकारियों का भी इंतजार किया जा रहा है।
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स्रोत: द हिंदू
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