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राष्ट्रीय राजनीति

लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा: 240 सीटें और 36.93% वोट, राज्यवार पूरा हिसाब

2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 440 सीटों पर चुनाव लड़ा और 240 सीटें जीतीं। देशभर में पार्टी का वोट शेयर 36.93% रहा।

लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा के प्रदर्शन का ग्राफिक
ग्राफिक: UP Election News

2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने भारत निर्वाचन आयोग की विस्तृत रिपोर्ट के मुताबिक 440 सीटों पर उम्मीदवार उतारे (सूरत को छोड़कर, जहां भाजपा उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए) और कुल 240 सीटें जीतीं। पार्टी को देशभर में 23,59,74,144 वोट मिले, जो मतदान वाली 542 सीटों के कुल वैध मतों (नोटा को छोड़कर) का 36.93% है। UP Election News की इस रिपोर्ट में भाजपा के प्रदर्शन को राज्यवार आंकड़ों से समझिए।

भाजपा: राज्यवार सीटें और वोट शेयर

राज्य जीती सीटें कुल वोट राज्य में वोट शेयर
उत्तर प्रदेश 33 3,63,64,011 41.67%
मध्य प्रदेश 29 2,24,90,851 60.13%
गुजरात 25 1,79,90,346 62.78%
ओडिशा 20 1,14,09,985 46.01%
कर्नाटक 17 1,78,79,261 46.35%
राजस्थान 14 1,63,23,452 49.64%
पश्चिम बंगाल 12 2,34,31,081 39.08%
बिहार 12 89,14,266 20.95%
छत्तीसगढ़ 10 79,30,096 53.13%
महाराष्ट्र 9 1,49,66,577 26.37%
असम 9 75,09,104 37.89%
तेलंगाना 8 77,43,947 35.35%
झारखंड 8 76,81,990 45.06%
दिल्ली 7 48,60,924 54.66%
हरियाणा 5 60,19,165 46.26%

तालिका: UP Election News। राज्य में वोट शेयर उस राज्य के कुल वैध मतों (नोटा को छोड़कर) पर आधारित है। 1% से कम वोट वाले राज्य तालिका में शामिल नहीं हैं।

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सबसे करीबी और सबसे बड़ी जीत

भाजपा की सबसे करीबी जीत ओडिशा की जाजपुर सीट पर हुई, जहां अंतर 1,587 वोट रहा। सबसे बड़ी जीत मध्य प्रदेश की इंदौर सीट पर दर्ज हुई, जहां अंतर 11,75,092 वोट था। पार्टी के 31 महिला उम्मीदवार जीतकर सांसद बनीं।

जीत की दर

जिन 440 सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार मैदान में थे, उनमें से 239 पर जीत मिली, यानी करीब 54.3% की जीत दर। 153 सीटों पर पार्टी दूसरे स्थान पर रही।

उम्मीदवार और वोट का ढांचा

भाजपा के 440 उम्मीदवारों में 70 महिलाएं थीं। जिन सीटों पर पार्टी लड़ी, वहां उसका औसत वोट शेयर करीब 44.73% रहा। पार्टी की जीती 239 सीटों में 57 आरक्षित (SC/ST) सीटें थीं और 165 सीटों पर उसके उम्मीदवार को 50% या उससे ज्यादा वोट मिले। जीतने वाले उम्मीदवारों की औसत उम्र करीब 57 साल रही। स्थान के हिसाब से देखें तो पार्टी 239 सीटों पर पहले, 153 पर दूसरे, 41 पर तीसरे और 7 सीटों पर चौथे या उससे नीचे के स्थान पर रही। चुनाव नियमों के मुताबिक जो उम्मीदवार कुल वैध मतों का छठा हिस्सा (करीब 16.67%) भी नहीं पाता, उसकी जमानत जब्त हो जाती है। इस हिसाब से भाजपा के 25 उम्मीदवार इस सीमा से नीचे रहे। जिन सीटों पर पार्टी सबसे कम अंतर से हारी, वे थीं: चंडीगढ़ (चंडीगढ़, 2,504 वोट), हमीरपुर (उत्तर प्रदेश, 2,629 वोट), सलेमपुर (उत्तर प्रदेश, 3,573 वोट)।

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भारत में लोकसभा चुनाव फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट प्रणाली से होते हैं। इसमें हर सीट पर सबसे ज्यादा वोट पाने वाला उम्मीदवार जीतता है, चाहे उसे 50% से कम वोट मिले हों। इसी वजह से किसी दल का वोट शेयर और उसकी सीटों की संख्या हमेशा एक अनुपात में नहीं होती। राज्यों के नतीजों को समझने के लिए सीटें और वोट शेयर दोनों देखना जरूरी है।

विश्लेषण

आंकड़ों के मुताबिक भाजपा का सबसे मजबूत आधार उत्तर प्रदेश में रहा, जहां पार्टी ने 33 सीटें जीतीं। राष्ट्रीय स्तर पर 36.93% वोट शेयर से पार्टी की देशव्यापी पहुंच का अंदाजा मिलता है, जबकि सीटें इस बात पर निर्भर करती हैं कि वोट किन सीटों पर केंद्रित थे। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा 240 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी (इनमें सूरत की वह सीट भी शामिल है जहां भाजपा उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए)। कांग्रेस को 99 और सपा को 37 सीटें मिलीं।

18वीं लोकसभा का कार्यकाल 2029 तक है। राष्ट्रीय और यूपी की राजनीति के आंकड़ों के लिए UP Election News पढ़ते रहें।

यह भी पढ़ें:

स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग, लोकसभा आम चुनाव 2024 की सांख्यिकीय रिपोर्ट (रिपोर्ट 33: निर्वाचन क्षेत्रवार विस्तृत परिणाम)। मूल आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग की लोकसभा 2024 सांख्यिकीय रिपोर्ट।

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