मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। पार्टी का आरोप है कि पूर्व में की गई नोटबंदी ने अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाया था, और अब वर्तमान समय में लाई गई वोटबंदी हमारी राजनीतिक व्यवस्था को तबाह कर रही है। यह बयान ऐसे समय सामने आया जब देश में मुद्रा विनिमय के उस फैसले की बरसी मनाई जा रही है जिसका उद्देश्य उच्च मूल्य के नोटों को चलन से बाहर करना था।
विपक्ष की ओर से यह मुखर प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री के उस पुराने संबोधन की याद दिलाते हुए आई है, जिसमें उन्होंने देश को संबोधित करते हुए पांच सौ और एक हजार रुपये के बड़े करेंसी नोटों को अचानक अमान्य करने का बड़ा ऐलान किया था। इस ऐतिहासिक निर्णय को लेकर राजनीतिक गलियारों में उस समय से लेकर आज तक लगातार बहस छिड़ी हुई है और विभिन्न राजनीतिक दल इसके आर्थिक परिणामों का अपने अपने नजरिए से आकलन करते आए हैं।
कांग्रेस संगठन का यह नया बयान मौजूदा राजनैतिक हालातों और चुनावी प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पार्टी नेताओं का तर्क है कि जिस तरह से अतीत के आर्थिक कदमों ने बाजार और आम नागरिकों के जीवन को गहरे संकट में डाला था, उसी प्रकार वर्तमान नीतियों के माध्यम से लोकतांत्रिक ताने बाने और राजनीतिक गतिविधियों को कमजोर किया जा रहा है, जिससे देश के बुनियादी ढांचे पर बुरा असर पड़ रहा है।
आगे क्या
इस विषय पर सत्तारूढ़ दल की ओर से अभी तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, और इस मामले से जुड़ी अधिक जानकारियों का इंतजार किया जा रहा है। आने वाले दिनों में इस बयान के बाद राजनीतिक सरगर्मी और अधिक तेज होने के पूरे आसार जताए जा रहे हैं, क्योंकि विभिन्न दलों के नेता इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रियाएं देने की तैयारी कर रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार के तीखे जुबानी हमले आने वाले चुनावी महीनों में और अधिक व्यापक रूप ले सकते हैं। देश के राजनीतिक पटल पर नीतिगत फैसलों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप प्रत्यारोप का यह दौर आगे भी जारी रहने की पूरी संभावना बनी हुई है।
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स्रोत: द हिंदू
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