इटावा जिला उत्तर प्रदेश के कानपुर मंडल में आता है और यहां विधानसभा की 3 सीटें हैं: जसवंतनगर, इटावा, भरथना। 2022 के विधानसभा चुनाव में इन सीटों में से सपा को 2, भाजपा को 1 सीट मिली। 2017 में भाजपा को 2, सपा को 1 सीट मिली थी। UP Election News की इस रिपोर्ट में जिले की हर सीट का नतीजा, जीत का अंतर और मतदान के आंकड़े भारत निर्वाचन आयोग के रिकॉर्ड से दिए गए हैं।
इटावा: 2017 और 2022 में किसे कितनी सीटें
| दल | 2017 में सीटें | 2022 में सीटें |
|---|---|---|
| सपा | 1 | 2 |
| भाजपा | 2 | 1 |
इटावा की हर सीट का नतीजा
| सीट | 2022 विजेता | दल | अंतर (2022) | 2017 में विजेता दल |
|---|---|---|---|---|
| जसवंतनगर (199) | शिवपाल सिंह यादव | सपा | 90,979 | सपा |
| इटावा (200) | सरिता भदौरिया | भाजपा | 3,984 | भाजपा |
| भरथना (201) | राघवेंद्र कुमार सिंह | सपा | 7,559 | भाजपा |
तालिका: UP Election News। आंकड़े भारत निर्वाचन आयोग के विस्तृत परिणाम पर आधारित हैं।
सीटवार ब्योरा: 2022
जसवंतनगर (सीट संख्या 199) पर 2022 में सपा के शिवपाल सिंह यादव ने भाजपा के विवेक शाक्य को 90,979 वोटों से हराया। 2017 में भी यह सीट सपा के पास थी। इटावा (सीट संख्या 200) पर 2022 में भाजपा की सरिता भदौरिया ने सपा के सर्वेश कुमार को 3,984 वोटों से हराया। 2017 में भी यह सीट भाजपा के पास थी। भरथना (सीट संख्या 201) पर 2022 में सपा के राघवेंद्र कुमार सिंह ने भाजपा के डॉ. सिद्धार्थ शंकर दोहरे को 7,559 वोटों से हराया। 2017 में यह सीट भाजपा ने जीती थी।
सीटवार ब्योरा: 2017
2017 में जसवंतनगर पर सपा के शिवपाल सिंह यादव ने भाजपा के मनीष यादव पात्रे को 52,616 वोटों से हराया था। 2017 में इटावा पर भाजपा की सरिता भदौरिया ने सपा के कुलदीप गुप्ता को 17,342 वोटों से हराया था। 2017 में भरथना पर भाजपा की सावित्री कठेरिया ने सपा के कमलेश कुमार कठेरिया को 1,968 वोटों से हराया था। उत्तर प्रदेश की मौजूदा 403 विधानसभा सीटों की सीमाएं 2008 के परिसीमन आदेश से तय हुई थीं और 2012 से सभी विधानसभा चुनाव इन्हीं सीमाओं पर हो रहे हैं। इसलिए 2017 और 2022 के आंकड़ों की सीधी तुलना की जा सकती है।
2022 में दूसरे स्थान पर रहने वाले दलों का हिसाब देखें तो भाजपा को 2, सपा को 1 सीट पर दूसरा स्थान मिला। जिले से 2022 में 1 महिला विधायक चुनी गईं: सरिता भदौरिया (इटावा)।
| सीट | मतदान 2017 | मतदान 2022 | नोटा वोट 2022 |
|---|---|---|---|
| जसवंतनगर | 63.60% | 64.69% | 1,180 |
| इटावा | 57.90% | 60.40% | 1,186 |
| भरथना | 59.00% | 60.53% | 1,257 |
2022 में दलों का वोट शेयर
जिले की सभी 3 सीटों के कुल 7,45,906 वैध वोटों (नोटा सहित) को जोड़ें तो 2022 में भाजपा को 35.26%, सपा को 47.94%, बसपा को 13.63% वोट मिले। नोटा का हिस्सा 0.49% रहा।
मतदाता और मतदान
2022 में इटावा की 3 सीटों पर कुल 12,06,223 मतदाता थे और 7,45,906 वोट पड़े, यानी औसत मतदान करीब 61.84% रहा। 2017 में इन्हीं सीटों पर 11,38,203 मतदाता थे और मतदान करीब 60.11% रहा। पांच साल में मतदाताओं की संख्या 68,020 बढ़ी।
विश्लेषण
2022 में जिले का सबसे करीबी मुकाबला इटावा में हुआ, जहां अंतर 3,984 वोट रहा। सबसे बड़ी जीत जसवंतनगर में दर्ज हुई, जहां अंतर 90,979 वोट था। 2017 से 2022 के बीच 1 सीटों पर विजेता दल बदला: भरथना। 2027 के चुनाव में इटावा की ये 3 सीटें कानपुर मंडल के नतीजों पर असर डालेंगी। उत्तर प्रदेश की 18वीं विधानसभा का कार्यकाल 2027 में पूरा होगा, इसलिए अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है। सीटवार आंकड़ों और 2027 की हर अपडेट के लिए UP Election News पढ़ते रहें।
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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश विधानसभा आम चुनाव 2017 और 2022 की सांख्यिकीय रिपोर्ट (विस्तृत परिणाम)। मूल आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्ट।
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