गाजियाबाद विधानसभा सीट दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े शहरी क्षेत्रों में से एक है। 2017 से यहां लगातार भाजपा जीत रही है, जिसमें नवंबर 2024 का उपचुनाव भी शामिल है। इस लेख के आंकड़े चुनाव आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्टों और उपचुनाव के इंडेक्स कार्ड से हैं।
1957 से 1989 तक
1951 के पहले चुनाव में गाजियाबाद क्षेत्र में तीन सीटें थीं: गाजियाबाद उत्तर-पूर्व, उत्तर-पश्चिम और दक्षिण। तीनों पर कांग्रेस जीती थी। गाजियाबाद विधानसभा सीट एक सीट के रूप में 1957 से दर्ज है। 1957 में कांग्रेस के तेजा सिंह जीते और 1962 में भी कांग्रेस ने यह सीट बचाई। 1967 में रिपब्लिकन पार्टी (RPI) और 1969 में संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के प्यारे लाल जीते। 1974 में वे कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने। आयोग के रिकॉर्ड में उनके नाम की वर्तनी अलग-अलग वर्षों में थोड़ी अलग दर्ज है।
1977 में जनता पार्टी के राजेंद्र जीते। 1980 में कांग्रेस (यू) के सुरेंद्र कुमार उर्फ मुन्नी, 1985 में कांग्रेस के कृष्ण कुमार शर्मा और 1989 में फिर सुरेंद्र कुमार उर्फ मुन्नी कांग्रेस से जीते।
बालेश्वर त्यागी का दौर
1991, 1993 और 1996 में भाजपा के बालेश्वर त्यागी लगातार तीन बार जीते। 2002 में कांग्रेस के सुरेंद्र प्रकाश गोयल ने यह सीट जीती। 2007 में भाजपा के सुनील कुमार शर्मा विधायक बने।
परिसीमन के बाद गाजियाबाद विधानसभा सीट
परिसीमन के बाद सीट का क्रमांक 56 है। 2012 में बसपा के सुरेश बंसल ने 64,485 वोट (35.57%) पाकर भाजपा के अतुल गर्ग को 12,121 वोटों से हराया। कांग्रेस के सुरेंद्र प्रकाश गोयल 20.49% वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे। मतदान 54.08% रहा।
2017 में अतुल गर्ग ने 1,24,201 वोट (55.28%) पाकर सुरेश बंसल को 70,505 वोटों से हराया। 2022 में अतुल गर्ग को 1,50,205 वोट (61.37%) मिले और सपा के विशाल वर्मा को 44,668 वोट मिले। अंतर 1,05,537 वोट रहा। मतदान 51.75% रहा।
2024 का उपचुनाव
इंडेक्स कार्ड के अनुसार उपचुनाव अतुल गर्ग के इस्तीफे से हुआ। 2024 में वे गाजियाबाद लोकसभा सीट से 3,36,965 वोटों से सांसद चुने गए थे। 20 नवंबर 2024 के उपचुनाव में भाजपा के संजीव शर्मा को 96,946 वोट (63.32%) मिले। सपा के सिंहराज जाटव को 27,595 और बसपा के परमानंद गर्ग को 10,736 वोट मिले। अंतर 69,351 वोट रहा।
गाजियाबाद विधानसभा सीट पर उपचुनाव में 4,61,884 मतदाता थे, लेकिन सिर्फ 1,53,926 वोट पड़े। मतदान करीब 33.3% रहा, जो नवंबर 2024 के नौ उपचुनावों में सबसे कम था। 14 उम्मीदवार मैदान में थे और 12 की जमानत जब्त हुई।
मतदाता और रुझान
गाजियाबाद विधानसभा सीट पर 2012 में 3,35,260 मतदाता थे, जो 2022 में बढ़कर 4,73,009 हो गए। यानी दस साल में करीब 41% बढ़ोतरी हुई। मतदाता बढ़े, लेकिन मतदान प्रतिशत 2012 के 54.08% से घटकर 2022 में 51.75% रहा। भाजपा का वोट शेयर 2017 के 55.28% से बढ़कर 2022 में 61.37% हुआ। 2027 में गाजियाबाद विधानसभा सीट पर मतदान बढ़ाना सभी दलों के लिए चुनौती रहेगा। पूरे आंकड़े चुनाव आयोग की 2022 रिपोर्ट में हैं।
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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग की उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव सांख्यिकीय रिपोर्टें (1957 से 2022), लोकसभा 2024 की रिपोर्ट और 56 गाजियाबाद उपचुनाव 2024 का इंडेक्स कार्ड।


