IAS Divya Mittal: आईएएस पद से इस्तीफा देने वाली दिव्या मित्तल ने अब राजनीति में आने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा कि उत्तर प्रदेश उनकी कर्मभूमि है और शुरुआत यहीं से होगी। साथ ही उन्होंने साफ किया कि किसी भी राजनीतिक पार्टी के झंडे के नीचे नहीं जाएंगी। उनका नया नारा है- चलिए हिसाब मांगते हैं।
उन्होंने शिक्षकों, डॉक्टरों, किसानों, मजदूरों, वकीलों और छात्रों से जुड़ने की अपील की। कहा कि मुझ पर भरोसा मत कीजिए, अपने आप पर कीजिए। वंचित लोगों की आवाज बनने और इरादे की राजनीति करने की बात कही। पहले उनके आईएएस से इस्तीफे मंजूर होने की खबर आ चुकी थी। अब अगला कदम राजनीति बताया गया है।
IAS Divya Mittal: दिव्या मित्तल ने वीडियो में क्या कहा?
जारी वीडियो में दिव्या मित्तल ने कहा कि उन्हें आवाज बनना है। आवाज उठाकर वंचित लोगों की आवाज बनेंगी। राजनीति बदलनी होगी। इरादे की राजनीति करनी होगी। उन्होंने सिस्टम पर हमला करते हुए कहा कि सत्ता है, शोर है, पर सोच नहीं है। उन्हें उस न सोचने का हिसाब चाहिए।
चुनाव में बहाए जाने वाले पैसे पर भी उन्होंने बात की। कहा कि चुनाव में बहाया जाने वाला पैसा हमारी सड़क, पुल और स्कूल से आता है। यानी चुनावी खर्च को आम सुविधाओं से जोड़कर सवाल खड़ा किया। संदेश यह है कि वे हिसाब मांगने वाली राजनीति करना चाहती हैं, पार्टी की लाइन नहीं।
किस पार्टी में जाएंगी?
दिव्या मित्तल ने साफ ऐलान किया कि किसी राजनीतिक पार्टी के साथ नहीं जाएंगी। केवल लोगों के लिए राजनीति करेंगी। उनका कहना है कि जिन झंडों के नीचे 80 साल में हिसाब नहीं बदला, उनके नीचे खड़े होकर हिसाब नहीं मांगा जा सकता। उन्हें स्कूल, सड़क, पुल और सरकारी जमीनों का हिसाब चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब फिक्र नहीं होती तो मौत हादसा नहीं, फैसला होती है। जाति-धर्म के समीकरण पर बोलीं कि उन्होंने कभी किसी का नाम पूछकर न्याय नहीं किया। 80 साल तक समीकरण बिठाए गए और देश बैठा रह गया। नई राजनीति एक आदमी नहीं बना सकता। सबका साथ लगेगा। अस्सी साल से नेता या मसीहा का इंतजार हो रहा था। जिसका इंतजार था, वो हम खुद हैं।
IAS Divya Mittal: यूपी से शुरुआत क्यों?
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की मिट्टी ही उनकी कर्मभूमि है। शुरुआत यहीं से होगी। यूपी चुनावी दृष्टि से सबसे बड़ा राज्य है। 2027 में विधानसभा चुनाव भी हैं। ऐसे में यूपी से एंट्री का ऐलान ध्यान खींचता है। फिर भी उन्होंने पार्टी का नाम नहीं लिया। स्वतंत्र या लोगों से जुड़कर आगे बढ़ने का दावा किया।
एक्स पर वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा कि कुछ दिन पहले आईएएस से त्यागपत्र दिया था और कई सवाल छोड़ दिए थे। अपनी बात इस वीडियो में कह दी है। अगर लगे कि ये आपकी भी बात है तो 9198956957 पर व्हाट्सएप मैसेज करें। यानी समर्थन और संपर्क के लिए नंबर भी दिया गया है।
पहले इस्तीफे में क्या संकेत थे?
इससे पहले खबर आई थी कि दिव्या मित्तल का आईएएस इस्तीफा मंजूर हो गया। उन्होंने लिखा था- बढ़े चलो, बढ़े चलो। सेवा में अभी 17 साल बाकी बताए गए थे। इस्तीफे के बाद सवाल थे कि आगे क्या करेंगी। अब वीडियो से जवाब आया है। नौकरी छोड़कर राजनीति, वह भी बिना पार्टी के।
यह रास्ता आसान नहीं होता। संगठन, चुनाव चिह्न, धन और कार्यकर्ता पार्टियों के पास होते हैं। स्वतंत्र दावा करने वाले चेहरे अक्सर बाद में किसी दल से जुड़ते भी हैं। फिलहाल दिव्या मित्तल की लाइन साफ है। झंडा नहीं, हिसाब चाहिए। यूपी से शुरुआत। लोगों से सीधे जुड़ाव।
IAS Divya Mittal: आगे क्या देखना होगा?
घोषणा हो गई है। पार्टी नहीं चुनी। यूपी को कर्मभूमि बताया। नारा हिसाब मांगने का है। व्हाट्सएप नंबर सार्वजनिक किया गया है। अब देखना यह होगा कि वे निर्दलीय लड़ती हैं, नया मंच बनाती हैं या बाद में किसी दल से संवाद करती हैं। शिक्षक, किसान, मजदूर और छात्रों से अपील संगठन बनाने की कोशिश लगती है।
आईएएस से राजनीति में आने वाले चेहरे चर्चा तो पाते हैं। टिकना मैदान पर निर्भर करता है। दिव्या मित्तल का दावा है कि वे वंचितों की आवाज बनेंगी और पुराने झंडों के नीचे नहीं खड़ी होंगी। उत्तर प्रदेश से यह प्रयोग शुरू होगा। कितने लोग नंबर पर मैसेज करते हैं और कितनी टीम बनती है, वही अगला अध्याय तय करेगा।
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