जसवंतनगर विधानसभा सीट समाजवादी राजनीति के इतिहास में खास जगह रखती है। यहीं से मुलायम सिंह यादव ने 1967 में पहला विधानसभा चुनाव जीता। 1996 से यह सीट उनके भाई शिवपाल सिंह यादव के पास है। इस लेख के सभी आंकड़े चुनाव आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्टों से हैं।
जसवंतनगर विधानसभा सीट की पहचान
2008 के परिसीमन के बाद इस सीट का क्रमांक 199 है। यह इटावा जिले में है। इससे पहले इसका क्रमांक 305 और फिर 289 था। 2022 में यहां 3,92,072 मतदाता थे और 64.69% मतदान हुआ।
मुलायम सिंह यादव का दौर
चुनाव आयोग के रिकॉर्ड के मुताबिक, मुलायम सिंह यादव यहां से सात बार जीते। 1967 में वह संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी से जीते। 1974 में भारतीय क्रांति दल और 1977 में जनता पार्टी के टिकट पर उन्हें जीत मिली।
1985 में वह लोकदल और 1989 में जनता दल से जीते। 1991 में आयोग के रिकॉर्ड में उनकी पार्टी जनता पार्टी दर्ज है। 1993 में वह नई बनी समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीते।
1991 में जसवंतनगर विधानसभा सीट पर मुलायम को 45.96% वोट मिले और कांग्रेस के दर्शन सिंह 29.44% पर रहे। जीत का अंतर 17,164 वोट था। 1993 में उनका वोट शेयर बढ़कर 46.88% हुआ। दर्शन सिंह बाद में 1996 में शिवपाल के सामने भी कांग्रेस के उम्मीदवार रहे।
बीच के दो चुनाव
1969 में कांग्रेस के बिशंभर सिंह यादव जीते। 1980 में कांग्रेस (आई) के बलराम सिंह यादव को जीत मिली। इन दो चुनावों को छोड़ दें, तो 1967 से 1993 तक यह सीट मुलायम सिंह यादव के पास रही।
शिवपाल सिंह यादव के छह चुनाव
1996 में सपा ने शिवपाल सिंह यादव को उतारा। उन्होंने कांग्रेस के दर्शन सिंह को 10,939 वोटों से हराया। 2002 में उनकी जीत का अंतर 52,989 और 2007 में 30,807 वोट रहा। दोनों बार बसपा दूसरे स्थान पर रही। 2007 में शिवपाल को करीब 57.8% वोट मिले थे।
2012 में जसवंतनगर विधानसभा सीट पर शिवपाल को 1,33,563 वोट (61.90%) मिले। उन्होंने बसपा के मनीष यादव पतरे को 81,084 वोटों से हराया। 2017 में मनीष यादव भाजपा के टिकट पर उतरे। शिवपाल ने उन्हें 52,616 वोटों से हराया।
2022 का नतीजा
2022 में शिवपाल सिंह यादव सपा के चुनाव चिह्न पर लड़े। उन्हें 1,59,718 वोट (62.97%) मिले। भाजपा के विवेक शाक्य को 68,739 वोट (27.10%) मिले। अंतर 90,979 वोट रहा, जो उनकी अब तक की सबसे बड़ी जीत है। पूरे आंकड़े चुनाव आयोग की 2022 रिपोर्ट में हैं।
विश्लेषण: 2027 में जसवंतनगर विधानसभा सीट
1996 के बाद से सपा यहां कभी 50% से कम वोट पर नहीं जीती। 2002 में शिवपाल को 61.41%, 2017 में 54.73% और 2022 में 62.97% वोट मिले। भाजपा 2017 और 2022 में दूसरे स्थान पर रही, लेकिन उसका वोट शेयर 32.03% से घटकर 27.10% हुआ।
आंकड़े बताते हैं कि जसवंतनगर विधानसभा सीट सपा के सबसे सुरक्षित गढ़ों में है। 2027 में यहां मुकाबले से ज्यादा जीत के अंतर पर नजर रहेगी।
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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग की उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव सांख्यिकीय रिपोर्टें (1967 से 2022)।


