जेवर एयरपोर्ट का नाम होगा ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट’, योगी कैबिनेट ने पास किया प्रस्ताव

जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल पर लगा हिंदी-अंग्रेजी नाम-पट
फाइल फोटो: जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल पर लगा हिंदी-अंग्रेजी नाम-पट। फोटो: Prime Minister's Office / Wikimedia Commons, GODL-India (क्रॉप/रीसाइज़ किया गया)

संक्षेप में

  • यूपी कैबिनेट ने 9 अक्टूबर को जेवर एयरपोर्ट का नाम 'नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नोएडा-जेवर' रखने का प्रस्ताव पास किया।
  • सीएम योगी ने PM मोदी के सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे होने पर अभिनंदन प्रस्ताव की जानकारी दी।
  • नाम बदलने पर अंतिम मंजूरी केंद्रीय कैबिनेट देती है; बैठक में मुफ्त सिलेंडर, अग्निवीर आरक्षण समेत कुल 39 फैसले हुए।

नोएडा के जेवर एयरपोर्ट का नाम अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखा जाएगा। उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने शुक्रवार को इसका प्रस्ताव पास किया। इंडिया टीवी के मुताबिक, लखनऊ में कैबिनेट बैठक के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने यह ऐलान किया। इकोनॉमिक टाइम्स में छपी PTI की खबर के अनुसार, नया पूरा नाम ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नोएडा-जेवर’ होगा।

सीएम योगी ने क्या कहा?

सीएम कार्यालय ने एक्स पर मुख्यमंत्री का बयान साझा किया। इसमें जेवर एयरपोर्ट के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया गया। बयान में कहा गया, “उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की आभारी है…” आगे कहा गया कि उन्होंने प्रदेश को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर की सौगात दी। बयान के मुताबिक, यह प्रदेश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट है। भविष्य में यह देश का सबसे बड़ा एविएशन हब बनने जा रहा है।

PM मोदी के 25 साल पर अभिनंदन प्रस्ताव

कैबिनेट ने एक अभिनंदन प्रस्ताव भी पास किया। यह सरकार के प्रमुख के तौर पर PM मोदी के 25 साल पूरे होने पर था। सीएम योगी ने कहा, “7 अक्टूबर देश के इतिहास में एक गौरवशाली अध्याय के रूप में दर्ज हुआ है।” उन्होंने इस यात्रा को “जनसेवा से जनकल्याण, जनभागीदारी से जनविश्वास की अनूठी मिसाल” बताया।

योगी ने 2014 का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि काशी आने पर प्रधानमंत्री ने कहा था, “मुझे मां गंगा ने बुलाया है।” इंडिया टीवी के मुताबिक, सीएम ने 2017 से पहले के यूपी का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, तब प्रदेश प्रशासनिक अस्थिरता और असुरक्षा की भावना से जूझ रहा था। वहीं, उनके मुताबिक अब सुशासन, कानून व्यवस्था, इन्फ्रास्ट्रक्चर और निवेश का माहौल प्रदेश की पहचान बन गए हैं।

जेवर एयरपोर्ट अभी किस स्थिति में है?

NDTV के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने 28 मार्च को जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था। यहां 15 जून को लखनऊ से आई इंडिगो की पहली फ्लाइट उतरी थी।

जेवर एयरपोर्ट को यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड ने विकसित किया है। यह स्विस कंपनी ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल AG की सहायक कंपनी है। वहीं, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड राज्य सरकार की ओर से कार्यदायी संस्था है। एयरपोर्ट से जुड़ी आधिकारिक जानकारी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

जेवर एयरपोर्ट का नाम बदलने की प्रक्रिया क्या है?

किसी एयरपोर्ट का नाम बदलने का अंतिम फैसला केंद्र सरकार करती है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने लोकसभा में इसकी प्रक्रिया बताई थी। India.com के मुताबिक, राज्य सरकार नाम का प्रस्ताव देती है। इसके साथ राज्य विधानसभा का पारित प्रस्ताव होना चाहिए। इसके बाद दूसरे मंत्रालयों से सलाह होती है और प्रस्ताव केंद्रीय कैबिनेट के पास अंतिम मंजूरी के लिए जाता है।

मंजूरी के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय अधिसूचना जारी करता है। इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, चंडीगढ़ एयरपोर्ट का नाम भगत सिंह के नाम पर इसी तरह अधिसूचित हुआ था। जेवर के मामले में केंद्र की मंजूरी की खबर अभी सामने नहीं आई है।

कैबिनेट के दूसरे बड़े फैसले

लाइव हिन्दुस्तान के मुताबिक, बैठक में कुल 39 प्रस्तावों पर मुहर लगी। इनमें ये फैसले अहम हैं:

  • होली-दिवाली पर मुफ्त सिलेंडर। इसके लिए 2142 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
  • अग्निवीरों को पुलिस, वन, कारागार और परिवहन विभाग की सिपाही भर्ती में 20% आरक्षण। उम्र में तीन साल की छूट भी मिलेगी।
  • पश्चिमी यूपी में 15 अक्टूबर से और पूर्वी यूपी में 1 नवंबर से धान खरीद। लक्ष्य 65 लाख टन रखा गया है।
  • मक्का का खरीद मूल्य 2410 रुपये प्रति क्विंटल।
  • 18 नगर निगम क्षेत्रों में 1725 नई इलेक्ट्रिक बसें।
  • उत्तर प्रदेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन को मंजूरी।
  • भदोही जिले का नाम अब संत रविदास नगर भदोही होगा।

इससे पहले हाल ही में सरकार ने खेल कोटे से 470 खिलाड़ियों को नौकरी देने का कार्यक्रम भी किया था।

जेवर एयरपोर्ट के नाम पर विपक्ष की प्रतिक्रिया

AIMIM ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। एबीपी न्यूज के मुताबिक, पार्टी प्रवक्ता शादाब चौहान ने कहा कि यह सरकार का फैसला है और उन्हें मुबारक। हालांकि, उन्होंने कहा कि बेहतर होता अगर नाम किसान नायकों या स्वतंत्रता सेनानियों पर रखा जाता। उन्होंने सरकार पर अपनी ब्रांडिंग करने का आरोप भी लगाया।

खबर लिखे जाने तक सपा और कांग्रेस की ओर से इस फैसले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। मार्च में जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन पर अखिलेश यादव ने यूपी के बाकी हवाई अड्डों के हाल पर सवाल उठाए थे।

विश्लेषण: चुनाव से पहले बड़ा सियासी संदेश

यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव में ज्यादा वक्त नहीं बचा है। ऐसे में जेवर एयरपोर्ट को PM मोदी का नाम देना BJP के विकास वाले संदेश को मजबूत करता है। दूसरी ओर, विपक्ष इसे ब्रांडिंग बताकर घेर सकता है। 2027 के चुनावी समीकरण में ये फैसले कितना असर डालेंगे, यह आने वाला वक्त बताएगा।

फीचर्ड फोटो (फाइल): Prime Minister of Bharat, Shri Narendra Damodardas Modi at the inauguration ceremony of the Noida International Airport, Jewar.jpg, Prime Minister's Office, Wikimedia Commons, GODL-India लाइसेंस के तहत; 1280×720 में क्रॉप किया गया।

स्रोत

  1. India TV Hindi

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Sudhanshu Tiwari

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी UP Election News (upelectionnews.com) के संस्थापक और संपादक हैं। वे उत्तर प्रदेश की राजनीति, 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों, राज्यसभा और उपचुनावों, चुनाव आयोग से जुड़ी खबरों और ओपिनियन पोल पर लिखते हैं। वेबसाइट पर क्या प्रकाशित होगा, इसका अंतिम फैसला और प्रकाशित खबरों की संपादकीय ज़िम्मेदारी उन्हीं की है। UP Election News का संचालन DB PR Solution करती है; जिन खबरों में DB PR Solution के किसी क्लाइंट या उसके अपने सर्वे का ज़िक्र होता है, उन पर अलग से खुलासा (डिस्क्लोज़र) दिया जाता है। किसी खबर में गलती दिखे तो info@upelectionnews.com पर लिखें।

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