मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हालिया लोकसभा चुनाव को गैरकानूनी करार देते हुए कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। देश के राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है कि किस प्रकार से चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे ने निर्वाचन अधिकारी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ छह प्रमुख आरोप दर्ज कराए हैं। इन शिकायतों में विशेष तौर पर तेरह करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने का गंभीर मामला शामिल है।
विपक्ष की ओर से यह भी उठाया गया है कि संसद की किसी भी प्रकार की निगरानी के बिना फॉर्म छह के नियमों में बदलाव किए गए। इस पूरी प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों का मानना है कि इसके माध्यम से चुनावी प्रणाली में बड़े पैमाने पर फेरबदल किया गया है।
युवाओं के मताधिकार पर सवाल
दूसरी ओर छात्र संगठन आइसा की अध्यक्ष नेहा बोरा ने भी फॉर्म छह में किए गए संशोधनों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने इन बदलावों को देश के युवाओं को उनके मतदान के अधिकार से वंचित रखने की सोची समझी रणनीति बताया है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर भी तीखे बयान दिए गए हैं जिनमें उन्हें जेल भेजने की मांग तक शामिल है। इस विषय पर अन्य संबंधित पक्षों की विस्तृत प्रतिक्रियाओं और आधिकारिक बयानों का फिलहाल इंतजार किया जा रहा है।
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स्रोत: द हिंदू; प्रभात खबर
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