मैनपुरी विधानसभा सीट उस जिले में है, जिसे सपा का मजबूत इलाका माना जाता है। फिर भी इस सीट पर पिछले छह चुनावों में भाजपा और सपा तीन-तीन बार जीती हैं। इस लेख के आंकड़े चुनाव आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्टों से हैं।
1957 से 1989 तक
1957 में भारतीय जनसंघ के मलिखान सिंह जीते। 1962 में कांग्रेस और 1967 व 1969 में फिर जनसंघ ने यह सीट जीती। 1974 में माकपा के बाबा राम नाथ विधायक बने। 1977 में जनता पार्टी के मलिखान सिंह जीते।
1980 और 1985 में कांग्रेस के रघुवीर सिंह यादव जीते। 1989 में जनता दल के इंदल सिंह चौहान विधायक बने।
1991 से 2007 तक
1991 और 1993 में भाजपा के नरेंद्र सिंह जीते। 1991 में उन्हें 34,014 वोट (39.81%) मिले। जनता पार्टी के कालीचरण यादव 29.82% के साथ दूसरे और 1989 के विजेता इंदल सिंह चौहान 11.57% के साथ तीसरे स्थान पर रहे। 1993 में नरेंद्र सिंह ने सपा के कुंवर सत्येंद्र सिंह को 3,105 वोट से हराया।
1996 में सपा के मानिक चंद यादव ने 64,973 वोट (46.95%) पाकर उन्हें हराया। नरेंद्र सिंह 29.36% पर रहे और अंतर 24,342 वोट रहा।
2002 में भाजपा के अशोक सिंह चौहान ने 36,239 वोट (28.38%) पाकर मानिक चंद्र यादव को 1,829 वोट से हराया। 2007 में चौहान फिर जीते। उन्हें 49,367 और सपा के प्रो. कालीचरण यादव को 44,898 वोट मिले। अंतर 4,469 वोट रहा।
परिसीमन के बाद मैनपुरी विधानसभा सीट
2008 के परिसीमन के बाद इस सीट का क्रमांक 107 है। 2012 में सपा के राजकुमार उर्फ राजू यादव को 54,990 वोट (32.94%) मिले। बसपा की रमा शाक्य 40,781 वोट (24.43%) के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। अंतर 14,209 वोट रहा। कांग्रेस के प्रो. कालीचरण यादव 14.55% वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे। आयोग के रिकॉर्ड में 2007 के सपा उम्मीदवार का नाम भी प्रो. कालीचरण यादव दर्ज है।
2017 में राजू यादव ने 75,787 वोट (38.73%) पाकर भाजपा के अशोक कुमार को 8,831 वोट से हराया। बसपा के महाराज सिंह को 24.69% वोट मिले। 2017 में प्रदेश में भाजपा को भारी बहुमत मिला था, फिर भी यहां सपा जीती।
मैनपुरी विधानसभा सीट पर 2022 का नतीजा
2022 में भाजपा के जयवीर सिंह ने 99,814 वोट (46.73%) पाकर मैनपुरी विधानसभा सीट जीती। सपा के राजकुमार उर्फ राजू यादव को 93,048 वोट (43.56%) मिले। अंतर 6,766 वोट रहा। बसपा 8.06% पर सिमट गई। पूरे आंकड़े चुनाव आयोग की 2022 रिपोर्ट में हैं।
मतदाता, मतदान और 2027
मैनपुरी विधानसभा सीट पर 2012 में 2,90,690 मतदाता थे और 57.43% मतदान हुआ। 2017 में मतदाता 3,26,542 और मतदान 60.27% रहा। 2022 में 3,45,335 मतदाता थे और 61.85% मतदान हुआ।
2017 से 2022 के बीच बसपा का वोट 24.69% से घटकर 8.06% रह गया। इसी दौरान भाजपा और सपा, दोनों का हिस्सा बढ़ा। मैनपुरी विधानसभा सीट पर पिछले तीन चुनावों में जीत का अंतर 15,000 वोट से कम रहा है, इसलिए 2027 में भी यहां करीबी मुकाबले की संभावना है।
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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग की उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव सांख्यिकीय रिपोर्टें (1957 से 2022)।


