मथुरा विधानसभा सीट ब्रज क्षेत्र की सबसे चर्चित शहरी सीट है। यहां कांग्रेस और भाजपा के बीच लंबा मुकाबला रहा है। 2012 में कांग्रेस सिर्फ 501 वोटों से जीती थी। 2017 और 2022 में भाजपा एक लाख से ज्यादा के अंतर से जीती। इस लेख के सभी आंकड़े चुनाव आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्टों से हैं।
मथुरा विधानसभा सीट की पहचान
2008 के परिसीमन के बाद इस सीट का क्रमांक 84 है। इससे पहले इसका क्रमांक 363 और फिर 347 था। 2022 में यहां 4,59,369 मतदाता थे और 57.39% मतदान हुआ।
कांग्रेस का शुरुआती दौर
1962 से 1974 के बीच ज्यादातर चुनाव कांग्रेस जीती। 1967 में एक निर्दलीय उम्मीदवार को जीत मिली। 1977 में जनता पार्टी के कन्हैया लाल जीते। 1980 में कांग्रेस (आई) के दयाल कृष्ण और 1985 में कांग्रेस के प्रदीप माथुर विधायक बने। 1985 में प्रदीप माथुर को 39.50% वोट मिले थे।
भाजपा के चार चुनाव
1989 में भाजपा के रविकांत गर्ग ने प्रदीप माथुर को 22,207 वोटों से हराया। 1991 में भी वही जीते। 1993 में भाजपा के राम स्वरूप शर्मा ने 48.71% वोट लेकर कांग्रेस के विजय कुमार को 14,096 वोटों से हराया। 1996 में राम स्वरूप शर्मा फिर जीते, लेकिन अंतर घटकर 5,240 वोट रह गया।
प्रदीप माथुर की वापसी
2002 में प्रदीप माथुर ने 41.56% वोट लेकर सीट कांग्रेस को लौटाई। 2007 में उन्होंने भाजपा के मुरारी लाल को 21,090 वोटों से हराया। उस चुनाव में मथुरा विधानसभा सीट पर बसपा के देवेंद्र गौतम 22,550 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहे।
2012: त्रिकोणीय मुकाबला
2012 में मथुरा विधानसभा सीट पर बेहद कड़ा त्रिकोणीय मुकाबला हुआ। प्रदीप माथुर को 54,498 वोट (27.16%) मिले। भाजपा के देवेंद्र कुमार शर्मा को 53,997 वोट (26.91%) मिले। सपा के अशोक अग्रवाल 53,049 वोट (26.44%) के साथ तीसरे स्थान पर रहे। पहले और तीसरे उम्मीदवार के बीच सिर्फ 1,449 वोट का अंतर था।
श्रीकांत शर्मा का दौर
2017 में भाजपा ने श्रीकांत शर्मा को उतारा। उन्हें 1,43,361 वोट (56.93%) मिले और उन्होंने प्रदीप माथुर को 1,01,161 वोटों से हराया। वह योगी सरकार के पहले कार्यकाल में ऊर्जा मंत्री रहे।
2022 में श्रीकांत शर्मा को 1,58,859 वोट (60.26%) मिले। प्रदीप माथुर को 49,056 वोट (18.61%) मिले। अंतर 1,09,803 वोट रहा। पूरे आंकड़े चुनाव आयोग की 2022 रिपोर्ट में हैं।
विश्लेषण: 2027 में मथुरा विधानसभा सीट
2012 और 2017 के बीच यहां की तस्वीर पूरी तरह बदली। एक चुनाव में तीन दल एक-एक प्रतिशत के अंतर पर थे। अगले चुनाव में भाजपा अकेले आधे से ज्यादा वोट ले गई। 2022 में कांग्रेस दूसरे स्थान पर जरूर रही, लेकिन भाजपा से 40 अंक से ज्यादा पीछे थी।
बसपा यहां 2017 में 12.38% और 2022 में 11.97% वोट के साथ तीसरे स्थान पर रही। मतदान 2012 के 56.01% से बढ़कर 2017 में 59.44% हुआ, फिर 2022 में 57.39% रहा। 2027 में मथुरा विधानसभा सीट पर विपक्ष के सामने बड़ा सवाल होगा। उसे भाजपा के 60% वोट शेयर को चुनौती देनी होगी।
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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग की उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव सांख्यिकीय रिपोर्टें (1962 से 2022)।


