मायावती और बसपा का वोट शेयर: 2002 से 2024 तक के आधिकारिक आंकड़े

मायावती और बसपा का वोट शेयर: 2002 से 2024 तक के आधिकारिक आंकड़े
सांकेतिक तस्वीर (AI द्वारा निर्मित) सांकेतिक तस्वीर (AI द्वारा निर्मित)

संक्षेप में

  • में बसपा को 30.43% वोट और 206 सीटें मिलीं।
  • में 25.91% वोट और 80 सीटें, 2017 में 22.23% वोट और 19 सीटें।
  • में बसपा का वोट शेयर 12.88% रहा और 1 सीट मिली।
  • लोकसभा में 9.46% वोट मिले, कोई सीट नहीं।

बसपा का वोट शेयर उत्तर प्रदेश की राजनीति के सबसे बड़े बदलावों में से एक की कहानी कहता है। 2007 में मायावती के नेतृत्व में बसपा ने अपने दम पर बहुमत की सरकार बनाई थी। उसके बाद हर विधानसभा चुनाव में पार्टी का वोट घटा। इस लेख के सभी आंकड़े चुनाव आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्टों से हैं। पार्टी के इतिहास पर अलग लेख बसपा का इतिहास में है।

विधानसभा चुनावों में बसपा का वोट शेयर

  • 2002: 401 सीटों पर लड़ी, 98 जीतीं, 23.06% वोट
  • 2007: 403 सीटों पर लड़ी, 206 जीतीं, 30.43% वोट (1,58,72,561 वोट)
  • 2012: 403 सीटों पर लड़ी, 80 जीतीं, 25.91% वोट (1,96,47,303 वोट)
  • 2017: 403 सीटों पर लड़ी, 19 जीतीं, 22.23% वोट (1,92,81,340 वोट)
  • 2022: 403 सीटों पर लड़ी, 1 जीती, 12.88% वोट (1,18,73,137 वोट)

उत्तर प्रदेश विधानसभा के रिकॉर्ड के अनुसार मायावती 13 मई 2007 से 15 मार्च 2012 तक मुख्यमंत्री रहीं। यह उनका चौथा कार्यकाल था। इससे पहले वे 3 जून 1995 से 18 अक्टूबर 1995, 21 मार्च 1997 से 20 सितंबर 1997 और 3 मई 2002 से 29 अगस्त 2003 तक मुख्यमंत्री रहीं। यानी 2007 में पहली बार उन्होंने लगभग पूरे पांच साल सरकार चलाई। उस चुनाव में बसपा का वोट शेयर 2002 के मुकाबले 7.37 प्रतिशत अंक बढ़ा था।

वोट और सीटों का अंतर

आंकड़े दिखाते हैं कि बसपा के वोट उतनी तेजी से नहीं घटे जितनी तेजी से सीटें घटीं। 2012 में बसपा को 2007 से ज्यादा वोट मिले थे, 1,96,47,303, फिर भी सीटें 206 से घटकर 80 रह गईं। 2017 में भी बसपा को करीब 1.93 करोड़ वोट मिले, लेकिन सीटें 19 रहीं। इसका कारण यह है कि दूसरी पार्टियों का वोट उससे ज्यादा बढ़ा और मुकाबला दो-ध्रुवीय होता गया।

2022 में पहली बार बसपा के वोट की संख्या भी तेजी से गिरी। 2017 के मुकाबले पार्टी को करीब 74 लाख वोट कम मिले। उस चुनाव में बसपा के 287 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई।

आरक्षित सीटों पर असर

अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित 84 सीटों पर बसपा ने 2017 में 2 सीटें जीती थीं। 2022 में वह इनमें से एक भी सीट नहीं जीत सकी। इन सीटों पर 2022 में भाजपा को 58 और सपा को 16 सीटें मिलीं।

2024 लोकसभा चुनाव

2024 के लोकसभा चुनाव में बसपा ने प्रदेश की 79 सीटों पर उम्मीदवार उतारे। पार्टी को 82,53,489 वोट मिले, यानी बसपा का वोट शेयर 9.46% रहा, लेकिन कोई सीट नहीं मिली। कांग्रेस को 17 सीटों पर लड़कर 9.53% वोट मिले, जो बसपा से थोड़ा ज्यादा था।

2027 के लिए क्या मायने

बसपा का वोट शेयर अब भी करीब 9-13% के बीच है, जो कई सीटों पर नतीजा प्रभावित करने के लिए काफी है। 2024 में NDA और INDIA गठबंधन के बीच वोट का अंतर सिर्फ 0.16 प्रतिशत अंक था। ऐसे में बसपा का प्रदर्शन 2027 में अहम रहेगा। पार्टी के संगठन में हाल के बदलावों पर आकाश आनंद की वापसी लेख है। आंकड़े चुनाव आयोग की रिपोर्ट में हैं।

यह भी पढ़ें: मायावती ने बसपा को तीन सेक्टर में बांटा

स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2002, 2007, 2012, 2017 और 2022 तथा लोकसभा 2024 की सांख्यिकीय रिपोर्टें; उत्तर प्रदेश विधानसभा का मुख्यमंत्री कार्यकाल रिकॉर्ड।

स्रोत

  1. ECI: Statistical Reports, Uttar Pradesh Legislative Assembly and Lok Sabha

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Sudhanshu Tiwari

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी UP Election News (upelectionnews.com) के संस्थापक और संपादक हैं। वे उत्तर प्रदेश की राजनीति, 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों, राज्यसभा और उपचुनावों, चुनाव आयोग से जुड़ी खबरों और ओपिनियन पोल पर लिखते हैं। वेबसाइट पर क्या प्रकाशित होगा, इसका अंतिम फैसला और प्रकाशित खबरों की संपादकीय ज़िम्मेदारी उन्हीं की है। UP Election News का संचालन DB PR Solution करती है; जिन खबरों में DB PR Solution के किसी क्लाइंट या उसके अपने सर्वे का ज़िक्र होता है, उन पर अलग से खुलासा (डिस्क्लोज़र) दिया जाता है। किसी खबर में गलती दिखे तो info@upelectionnews.com पर लिखें।

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