मिर्जापुर विधानसभा सीट: कैलाश चौरसिया की तीन जीत के बाद रत्नाकर मिश्र दो बार जीते

मिर्जापुर में गंगा किनारे नारघाट की सीढ़ियां
Utkarshsingh.1992 / Wikimedia Commons, लाइसेंस: CC BY-SA 3.0

संक्षेप में

  • से 1996 तक भाजपा के सरजीत सिंह डांग चार बार जीते।
  • , 2007 और 2012 में सपा के कैलाश चौरसिया जीते।
  • में भाजपा के रत्नाकर मिश्र 57,412 वोटों से जीते।
  • में उन्हें 52.09% वोट मिले और अंतर 39,876 रहा।

मिर्जापुर विधानसभा सीट पर पिछले साढ़े तीन दशक में दो दलों का बारी-बारी से दबदबा रहा। 1989 से 1996 तक भाजपा, 2002 से 2012 तक सपा और 2017 से फिर भाजपा यहां जीती है। इस लेख के आंकड़े चुनाव आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्टों से हैं।

1951 से 1985 तक

1951 में मिर्जापुर दक्षिण और उत्तर, दोनों सीटें कांग्रेस ने जीतीं। 1957 में कांग्रेस के अमरेश चंद जीते। 1962 में जनसंघ के भगवान दास और 1967 में संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी ने यह सीट जीती। 1969 में भारतीय जनसंघ के विजय बहादुर सिंह और 1974 में जनसंघ के आशा राम विधायक बने।

1977 में जनता पार्टी ने यह सीट जीती। 1980 में कांग्रेस (इंदिरा) के अजहर इमाम और 1985 में कांग्रेस की अशरफीमन विधायक बनीं।

सरजीत सिंह डांग का दौर

1989, 1991, 1993 और 1996 में भाजपा के सरजीत सिंह डांग लगातार चार बार जीते। 1991 में उन्हें 33,669 वोट (41.67%) मिले और जनता दल के शिव बहादुर 13,566 वोट पीछे रहे। 1993 में मुकाबला करीबी रहा। डांग को 38,238 वोट (33.22%) और बसपा के बदरुद्दीन हाशमी को 35,943 वोट (31.22%) मिले। अंतर 2,295 वोट रहा। 1996 में डांग ने 47,058 वोट (39.97%) पाकर सपा के कैलाश को 11,588 वोट से हराया।

कैलाश चौरसिया और सपा

2002 में सपा के कैलाश चौरसिया ने 42,238 वोट (34.21%) पाकर डॉ. सरजीत सिंह डांग को 8,296 वोट से हराया। बसपा के फूलचंद यादव 19.65% पर रहे। 2007 में चौरसिया को 38,617 वोट मिले और उन्होंने बसपा के रामचंद्र मौर्य को 9,077 वोट से हराया। उस चुनाव में प्रदेश में बसपा को बहुमत मिला था, फिर भी मिर्जापुर विधानसभा सीट सपा के पास रही।

परिसीमन के बाद मिर्जापुर विधानसभा सीट का क्रमांक 396 है। 2012 में कैलाश नाथ चौरसिया ने 69,099 वोट (36.51%) पाकर बसपा के रंगनाथ मिश्र को 22,299 वोट से हराया। भाजपा के मनोज कुमार जायसवाल 19.57% के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

रत्नाकर मिश्र का दौर

2017 में भाजपा के रत्नाकर मिश्र ने 1,09,196 वोट (48.77%) पाकर कैलाश चौरसिया को 57,412 वोट से हराया। बसपा के मोहम्मद परवेज खान को 22.31% वोट मिले। कैलाश चौरसिया का वोट शेयर 2012 के 36.51% से घटकर 23.13% रह गया।

मिर्जापुर विधानसभा सीट पर 2022 का नतीजा

2022 में रत्नाकर मिश्र को 1,18,642 वोट (52.09%) मिले। सपा के कैलाश चौरसिया को 78,766 वोट (34.58%) मिले। अंतर 39,876 वोट रहा। बसपा के राजेश कुमार पांडेय 8.57% पर रहे। पूरे आंकड़े चुनाव आयोग की 2022 रिपोर्ट में हैं।

मतदाता और मतदान

मिर्जापुर विधानसभा सीट पर 2012 में 3,35,079 मतदाता थे और 56.48% मतदान हुआ। 2017 में 3,85,084 मतदाता और 58.49% मतदान रहा। 2022 में 4,03,374 मतदाता थे और 56.46% मतदान हुआ।

भाजपा का वोट शेयर यहां 2012 के 19.57% से बढ़कर 2022 में 52.09% हुआ। सपा का हिस्सा 2017 के 23.13% से बढ़कर 2022 में 34.58% हुआ। 2027 में मिर्जापुर विधानसभा सीट पर सपा के सामने करीब 40,000 वोट का अंतर पाटने की चुनौती होगी।

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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग की उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव सांख्यिकीय रिपोर्टें (1951 से 2022)।

स्रोत

  1. ECI: Uttar Pradesh General Legislative Election 2022 - Statistical Reports
  2. ECI: Statistical Reports, Uttar Pradesh Legislative Assembly (1951-2017)
  3. Wikimedia Commons: Nar ghat Mirzapur

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Sudhanshu Tiwari

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी UP Election News (upelectionnews.com) के संस्थापक और संपादक हैं। वे उत्तर प्रदेश की राजनीति, 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों, राज्यसभा और उपचुनावों, चुनाव आयोग से जुड़ी खबरों और ओपिनियन पोल पर लिखते हैं। वेबसाइट पर क्या प्रकाशित होगा, इसका अंतिम फैसला और प्रकाशित खबरों की संपादकीय ज़िम्मेदारी उन्हीं की है। UP Election News का संचालन DB PR Solution करती है; जिन खबरों में DB PR Solution के किसी क्लाइंट या उसके अपने सर्वे का ज़िक्र होता है, उन पर अलग से खुलासा (डिस्क्लोज़र) दिया जाता है। किसी खबर में गलती दिखे तो info@upelectionnews.com पर लिखें।

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