मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आगामी चुनाव से पहले पंजाब की राजनीति में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। दो दिनों के भीतर आम आदमी पार्टी के तीन विधायकों ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। इन सभी नेताओं ने सत्तारूढ़ दल का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है। इस राजनीतिक घटनाक्रम से आम संगठन के भीतर खलबली मच गई है और सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस बड़े बदलाव की शुरुआत एक नवंबर को हुई थी। उस दिन आम संगठन के दो प्रमुख नेताओं ने अपना इस्तीफा सौंप दिया था। इनमें चेतन सिंह और हरमीत सिंह शामिल थे जिन्होंने अपने पदों को अलविदा कह दिया था। इसके बाद एक और विधायक विजय प्रताप ने भी अपनी विधायकी छोड़ने का फैसला किया।
इन लगातार इस्तीफों के सिलसिले ने राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान खींचा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इन तीनों जनप्रतिनिधियों ने विपक्षी दल का दामन थाम लिया है। इस तरह कम समय में तीन नेताओं के पार्टी छोड़ने से संगठन को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। इस राजनीतिक उथल-पुथल के पीछे के कारणों और विस्तृत घटनाक्रम की जानकारी अभी सामने आनी बाकी है।
पार्टी छोड़ने वाले नेताओं का घटनाक्रम
इस राजनीतिक घटना के बाद विरोधी दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। हालांकि मुख्य दल के भीतर मचे इस हड़कंप से चुनावी समीकरणों पर पड़ने वाले असर का आकलन किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जिन नेताओं ने दल बदला है उनके नाम चेतन सिंह जौरामाजरा, हरमीत सिंह पठानमाजरा और विजय प्रताप बताए गए हैं।
इन सभी ने पिछले दो दिनों के भीतर अपने पुराने संगठन से नाता तोड़ लिया है। भाजपा में इनके शामिल होने से राज्य का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इस पूरे मामले से जुड़ी अन्य और अधिक विस्तृत जानकारियों के लिए अभी आधिकारिक बयानों और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
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स्रोत: इंडिया टीवी; आज तक; प्रभात खबर
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