समाजवादी पार्टी का इतिहास करीब तीन दशक का है, लेकिन इस दौरान पार्टी तीन बार उत्तर प्रदेश में सरकार बना चुकी है। मुलायम सिंह यादव ने 4 अक्टूबर 1992 को इसकी स्थापना की। 1 जनवरी 2017 से अखिलेश यादव इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। इस लेख में चुनाव आयोग के आंकड़ों के साथ पार्टी का सफर है।
स्थापना और पहला चुनाव
जनता दल के बिखराव के बाद मुलायम सिंह यादव ने 1992 में समाजवादी पार्टी बनाई। वे इससे पहले 1989 में जनता दल की सरकार में मुख्यमंत्री बन चुके थे। पार्टी का चुनाव चिह्न साइकिल है।
1993 का विधानसभा चुनाव सपा ने बसपा के साथ गठबंधन में लड़ा। तब उत्तर प्रदेश में 425 सीटें थीं, क्योंकि उत्तराखंड अलग नहीं हुआ था। चुनाव आयोग के मुताबिक, सपा ने 109 सीटें जीतीं और उसे 17.94% वोट मिले। बसपा को 67 सीटें मिलीं। मुलायम सिंह यादव दूसरी बार मुख्यमंत्री बने। यह गठबंधन 1995 में टूट गया।
समाजवादी पार्टी का इतिहास: चुनाव दर चुनाव
1996 में सपा ने 110 सीटें और 21.80% वोट हासिल किए। 2002 में वह 143 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी। अगस्त 2003 में मुलायम सिंह यादव तीसरी बार मुख्यमंत्री बने।
2007 में बसपा को पूर्ण बहुमत मिला और सपा 97 सीटों पर रही। हालांकि उसका वोट शेयर 25.43% था, जो 2002 के 25.37% से थोड़ा ज्यादा था।

2012: पहला पूर्ण बहुमत
2012 में सपा ने 403 में से 224 सीटें जीतीं और 29.13% वोट पाए। यह पार्टी का पहला पूर्ण बहुमत था। 15 मार्च 2012 को अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बने।
2017 और 2022
2017 का चुनाव सपा ने कांग्रेस के साथ लड़ा, लेकिन उसे सिर्फ 47 सीटें मिलीं। 2022 में सपा ने रालोद और सुभासपा जैसे दलों के साथ गठबंधन किया। गठबंधन को 125 सीटें मिलीं, जिनमें 111 सपा की थीं। उसका वोट शेयर 32.06% रहा, जो चुनाव आयोग के आंकड़ों में पार्टी का अब तक का सबसे ऊंचा विधानसभा वोट शेयर है।
तीन मुख्यमंत्री कार्यकाल
समाजवादी पार्टी का इतिहास तीन सरकारों से जुड़ा है। मुलायम सिंह यादव 1993 से 1995 और 2003 से 2007 तक सपा के मुख्यमंत्री रहे। अखिलेश यादव 2012 से 2017 तक मुख्यमंत्री रहे और पूरा कार्यकाल चलाया। 38 साल की उम्र में वे राज्य के सबसे युवा मुख्यमंत्रियों में गिने गए।
लोकसभा में सपा
2019 का लोकसभा चुनाव सपा ने बसपा के साथ लड़ा और उसे यूपी में 5 सीटें मिलीं। 2024 में कांग्रेस के साथ गठबंधन में सपा ने 37 सीटें जीतीं। इस चुनाव में उसका यूपी में वोट शेयर 33.59% रहा और वह राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनी। पूरे आंकड़े चुनाव आयोग की 2024 की सांख्यिकीय रिपोर्ट में हैं।
10 अक्टूबर 2022 को मुलायम सिंह यादव का निधन हुआ। उनकी पुण्यतिथि पर हमारी रिपोर्ट सैफई में श्रद्धांजलि कार्यक्रम पढ़ें।
विश्लेषण: समाजवादी पार्टी का इतिहास और 2027
समाजवादी पार्टी का इतिहास बताता है कि उसका वोट शेयर 1993 से 2012 तक हर विधानसभा चुनाव में बढ़ा। 2017 में यह घटा, लेकिन 2022 में फिर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा। 2027 में पार्टी के सामने यह बढ़त सीटों में बदलने की चुनौती होगी।
समाजवादी पार्टी का इतिहास गठबंधनों से भी जुड़ा रहा है। 1993 और 2019 में बसपा, जबकि 2017 और 2024 में कांग्रेस उसकी साथी रही। 2027 के लिए कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे की चर्चा पर हमारी रिपोर्ट सपा-कांग्रेस सीट शेयरिंग देखें।


