अखिलेश यादव 2024 के लोकसभा चुनाव में दोहरी भूमिका में थे। वे खुद कन्नौज से उम्मीदवार थे और सपा के प्रदेशव्यापी अभियान का नेतृत्व भी कर रहे थे। नतीजों में सपा 37 सीटों के साथ प्रदेश की सबसे बड़ी पार्टी बनी। इस लेख के सभी आंकड़े चुनाव आयोग की रिपोर्टों से हैं।
कन्नौज का नतीजा
कन्नौज लोकसभा सीट पर अखिलेश यादव को 6,42,292 वोट मिले। यह कुल वैध वोटों का 52.95% था। भाजपा के मौजूदा सांसद सुब्रत पाठक को 4,71,370 वोट (38.86%) मिले। जीत का अंतर 1,70,922 वोट रहा। बसपा के इमरान बिन जफर 81,639 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
सीट पर 19,93,616 मतदाता थे और 12,18,971 वोट पड़े। मतदान करीब 61.1% रहा। कन्नौज सीट के बारे में अलग से कन्नौज विधानसभा सीट का इतिहास लेख में भी जानकारी है।
करहल सीट से इस्तीफा
अखिलेश यादव 2022 में करहल विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे। उस चुनाव में उन्होंने 67,504 वोटों से जीत दर्ज की थी। लोकसभा पहुंचने के बाद उन्होंने यह सीट छोड़ी। नवंबर 2024 के उपचुनाव में सपा के तेज प्रताप सिंह यादव यहां 14,725 वोटों से जीते।
अखिलेश यादव 2024: सपा का प्रदर्शन
सपा ने 2024 में प्रदेश की 62 सीटों पर उम्मीदवार उतारे। इनमें से 37 सीटें जीतीं। पार्टी को कुल 2,95,34,902 वोट मिले, जो 33.84% है। कांग्रेस के साथ INDIA गठबंधन में सपा ने लड़ाई लड़ी। कांग्रेस ने 6 सीटें जीतीं। गठबंधन को कुल 43 सीटें मिलीं।
2019 में सपा ने 5 सीटें जीती थीं। यानी अखिलेश यादव 2024 में पार्टी की सीटें सात गुना से ज्यादा बढ़ाने में कामयाब रहे। भाजपा 33 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही।
भाजपा से सीधा मुकाबला
सपा की 37 जीत में से 35 सीटों पर दूसरे स्थान पर भाजपा रही। सलेमपुर, हमीरपुर और धौरहरा में सपा की जीत का अंतर 5,000 वोट से भी कम था। हमीरपुर में सपा के अजेंद्र सिंह लोधी सिर्फ 2,629 वोटों से जीते। दूसरी ओर, भाजपा की 33 जीत में से 21 सीटों पर सपा दूसरे स्थान पर रही।
इन आंकड़ों से पता चलता है कि अखिलेश यादव 2024 में कई सीटों पर बहुत करीबी मुकाबले में थे। कुछ हजार वोट इधर-उधर होने से नतीजा बदल सकता था।
परिवार की सीटें
यादव परिवार के पांच सदस्य 2024 में लोकसभा पहुंचे।
- डिंपल यादव, मैनपुरी: 2,21,639 वोटों से जीतीं
- धर्मेंद्र यादव, आजमगढ़: 1,61,035 वोटों से जीते
- अक्षय यादव, फिरोजाबाद: 89,312 वोटों से जीते
- आदित्य यादव, बदायूं: 34,991 वोटों से जीते
अखिलेश यादव 2024 में परिवार के इन चार सदस्यों के साथ खुद कन्नौज से जीते। पांचों सीटें सपा के खाते में गईं।
विश्लेषण: 2027 के लिए क्या मायने
सपा के लिए 2024 के नतीजे बड़ी बढ़त थे। लेकिन लोकसभा और विधानसभा चुनाव में मतदाता का रुझान अलग हो सकता है। 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा को 111 सीटें मिली थीं, जबकि भाजपा ने 255 सीटें जीती थीं। अखिलेश यादव 2024 की बढ़त को विधानसभा सीटों में कितना बदल पाते हैं, यही 2027 का मुख्य सवाल है। आंकड़े चुनाव आयोग की रिपोर्ट में हैं।
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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग, लोकसभा आम चुनाव 2024 की सांख्यिकीय रिपोर्टें; उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 और उपचुनाव 2024 के आंकड़े।


