वाराणसी कैंट विधानसभा सीट: 1991 से लगातार 8 चुनाव जीती भाजपा, 2022 में 86,844 वोटों का अंतर

रात में रोशनी से जगमगाता वाराणसी जंक्शन रेलवे स्टेशन और बाहर खड़े ऑटो
Gannu03 / Wikimedia Commons, लाइसेंस: CC BY-SA 4.0

संक्षेप में

  • वाराणसी कैंट विधानसभा सीट (क्रमांक 390) पर भाजपा 1991 से 2022 तक लगातार 8 चुनाव जीती है।
  • ज्योत्सना श्रीवास्तव यहां से 4 बार, हरीश चंद्र श्रीवास्तव 2 बार और सौरभ श्रीवास्तव 2 बार जीते।
  • में सौरभ श्रीवास्तव को 60.63% वोट मिले और उन्होंने सपा की पूजा यादव को 86,844 वोटों से हराया।
  • यहां मतदान राज्य औसत से कम रहता है; 2022 में यह 53.09% था।

वाराणसी कैंट विधानसभा सीट यूपी में भाजपा के सबसे भरोसेमंद शहरी गढ़ों में गिनी जाती है। चुनाव आयोग के रिकॉर्ड के मुताबिक, 1991 से अब तक हुए सभी 8 विधानसभा चुनाव यहां भाजपा ने जीते हैं। इस दौरान सीट एक ही परिवार के तीन सदस्यों के पास रही। इस लेख में सीट का इतिहास और पिछले नतीजे हैं।

वाराणसी कैंट विधानसभा सीट की पहचान

2008 के परिसीमन के बाद इस सीट का क्रमांक 390 है। पहले यह वाराणसी कैंटोनमेंट नाम से क्रमांक 246, 241 और 225 पर दर्ज रही। यह सामान्य सीट है और वाराणसी लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है, जहां से नरेंद्र मोदी 2014 से सांसद हैं। 2022 में यहां 4,59,277 मतदाता थे।

1967 से 1989: समाजवादी धारा का असर

1967 में भारतीय जनसंघ के वी. पांडेय जीते। 1969 में कांग्रेस के लाल बहादुर विधायक बने। इसके बाद शतरुद्र प्रकाश का दौर आया। वे 1974 में भारतीय क्रांति दल, 1977 में जनता पार्टी, 1985 में लोकदल और 1989 में जनता दल से जीते।

1980 में कांग्रेस (आई) के मांडवी प्रसाद सिंह जीते। उस चुनाव में भाजपा को सिर्फ 12.46% वोट मिले थे। 1985 में भी भाजपा 11.86% पर तीसरे नंबर पर रही।

1991 से भाजपा का लगातार कब्जा

1991 में भाजपा की ज्योत्सना श्रीवास्तव ने 37.39% वोट लेकर जनता दल के अतहर जमाल लारी को हराया। 1993 में वे फिर जीतीं। 1996 और 2002 में भाजपा के हरीश चंद्र श्रीवास्तव विधायक बने।

2007 में ज्योत्सना श्रीवास्तव ने सपा के मनोज राय पप्पू को 5,479 वोटों से हराया। 2012 में उन्होंने कांग्रेस के अनिल श्रीवास्तव को 12,852 वोटों से हराया। तब उनका वोट शेयर 32.05% था। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 2017 और 2022 में जीते सौरभ श्रीवास्तव, ज्योत्सना और हरीश चंद्र श्रीवास्तव के बेटे हैं।

वाराणसी कैंटोनमेंट इलाके में पेड़ों से घिरी एक खाली सड़क
वाराणसी कैंटोनमेंट इलाके की एक सड़क। फोटो: R3Rstandard / Wikimedia Commons, लाइसेंस: CC BY-SA 3.0

2017 और 2022 के नतीजे

2017 में वाराणसी कैंट विधानसभा सीट पर सौरभ श्रीवास्तव को 1,32,609 वोट (58.46%) मिले। सपा-कांग्रेस गठबंधन से कांग्रेस के अनिल श्रीवास्तव 71,283 वोट के साथ दूसरे नंबर पर रहे। अंतर 61,326 वोट रहा।

2022 में सौरभ श्रीवास्तव को 1,47,833 वोट (60.63%) मिले। सपा की पूजा यादव 60,989 वोट (25.01%) के साथ दूसरे नंबर पर रहीं। जीत का अंतर 86,844 वोट रहा। कांग्रेस के राजेश कुमार मिश्रा को 23,807 वोट (9.76%) और बसपा को 7,068 वोट (2.90%) मिले। ये आंकड़े चुनाव आयोग की 2022 की रिपोर्ट से हैं।

कम मतदान वाली शहरी सीट

वाराणसी कैंट विधानसभा सीट पर मतदान अक्सर राज्य औसत से कम रहता है। 2012 में यहां 51.70%, 2017 में 55.20% और 2022 में 53.09% मतदान हुआ। 2022 में राज्य का कुल मतदान 61.03% था।

विश्लेषण: 2027 में वाराणसी कैंट विधानसभा सीट

आंकड़ों के हिसाब से भाजपा यहां मजबूत स्थिति में है। 2012 से 2022 के बीच उसका वोट शेयर 32% से बढ़कर 60% से ऊपर गया। विपक्ष के लिए चुनौती यह है कि 2022 में सपा और कांग्रेस के वोट मिलाकर 34.77% थे, जो भाजपा के 60.63% से काफी कम है। 2027 में वाराणसी कैंट विधानसभा सीट पर विपक्ष किसे उतारेगा, यह अभी तय नहीं है।

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स्रोत

  1. ECI: Uttar Pradesh General Legislative Election 2022 - Statistical Reports
  2. ECI: Uttar Pradesh General Legislative Election 2017 - Statistical Reports
  3. ECI: Uttar Pradesh Legislative Assembly 2012 - Statistical Report
  4. ECI: Statistical Reports index (UP 1967-2007 assembly elections)
  5. Wikimedia Commons: Varanasi Junction railway station
  6. Wikimedia Commons: Roads in Varanasi Cantonment

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Sudhanshu Tiwari

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी UP Election News (upelectionnews.com) के संस्थापक और संपादक हैं। वे उत्तर प्रदेश की राजनीति, 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों, राज्यसभा और उपचुनावों, चुनाव आयोग से जुड़ी खबरों और ओपिनियन पोल पर लिखते हैं। वेबसाइट पर क्या प्रकाशित होगा, इसका अंतिम फैसला और प्रकाशित खबरों की संपादकीय ज़िम्मेदारी उन्हीं की है। UP Election News का संचालन DB PR Solution करती है; जिन खबरों में DB PR Solution के किसी क्लाइंट या उसके अपने सर्वे का ज़िक्र होता है, उन पर अलग से खुलासा (डिस्क्लोज़र) दिया जाता है। किसी खबर में गलती दिखे तो info@upelectionnews.com पर लिखें।

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