Ex CBI Officer Director Nageshwar Rao: पार्टी के चार स्तंभ
| स्तंभ | जो कहा गया |
|---|---|
| शिक्षा | आधुनिक और वैश्विक शिक्षा के साथ भारतीय सभ्यता, इतिहास और ज्ञान परंपरा का जुड़ाव |
| स्वास्थ्य | आधुनिक चिकित्सा और भारतीय स्वास्थ्य परंपरा मिलाकर सुलभ सेवा |
| आजीविका | युवा, किसान, कारीगर, मजदूर, छोटे व्यवसाय और उद्यमियों के लिए अवसर |
| सभ्यतागत जुड़ाव | भाषा, कला, मंदिर, तीर्थ, त्योहार, परिवार और सांस्कृतिक संस्थानों को राष्ट्र की शक्ति मानना |
Ex CBI Officer Director Nageshwar Rao: सनातन को उन्होंने किस रूप में रखा
राव ने कहा कि पार्टी की सोच में सनातन केवल पूजा-पद्धति नहीं है। इसे सत्य, धर्म, कर्तव्य, करुणा, न्याय, आत्म-संयम, प्रकृति, परिवार, समाज और जन-कल्याण पर आधारित जीवन-दृष्टिकोण बताया। पार्टी का कहना है कि मकसद अतीत में लौटना नहीं, जड़ों पर खड़े होकर आधुनिक भारत बनाना है। तकनीकी और आर्थिक रूप से आधुनिक, पर सांस्कृतिक पहचान से कटा हुआ नहीं।
उन्होंने कहा कि सनातन को केवल चुनावी प्रतीक नहीं, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, शासन, संस्कृति और सामाजिक जीवन में मूल्यों के रूप में देखा जाना चाहिए। मंदिरों और तीर्थ स्थलों को केवल पूजा की जगह नहीं, सभ्यता के जीवंत संस्थान बताते हुए सम्मान, पारदर्शिता और सामाजिक भागीदारी पर जोर दिया। यह भी कहा कि सनातन किसी के खिलाफ नहीं है और पार्टी का मकसद किसी जाति या समुदाय का विरोध नहीं, बंटवारे की जगह सभी के लिए काम करना है।
Ex CBI Officer Director Nageshwar Rao: कौन हैं एम. नागेश्वर राव?
वे ओडिशा कैडर के 1986 बैच के IPS अधिकारी हैं। पहली पोस्टिंग 1989-90 में ओडिशा के तलचर में उप-मंडल पुलिस अधिकारी के रूप में हुई। अवैध खनन के लिए चर्चित तलचर में अपराध पर लगाम लगाने की उनकी पहचान का जिक्र है। पश्चिम बंगाल और ओडिशा में चिटफंड घोटाले की जांच से भी उनका नाम जुड़ा है। विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक, असाधारण सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक और ओडिशा के गवर्नर पदक मिल चुके हैं।
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