मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार निर्वाचन आयोग की मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर संशोधन की प्रक्रिया चल रही है। इस विशेष अभियान के तहत देश भर की वोटर लिस्ट से लगभग डेढ़ करोड़ से ज्यादा नाम हटाए जा चुके हैं। इस पूरी कार्रवाई को लेकर तमाम तरह की प्रक्रियाएं और सवाल भी खड़े किए जा रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक यह पूरी कार्रवाई एसआईआर प्रक्रिया के अंतर्गत संचालित की जा रही है। सूची की इस बड़ी समीक्षा के दौरान कई राज्यों में संदिग्ध मामलों की पहचान का काम भी प्राथमिकता से किया गया है। अधिकारियों द्वारा देश के विभिन्न क्षेत्रों में विदेशी नागरिकों से जुड़े मामलों की भी छानबीन की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार छह अलग अलग राज्यों के भीतर लगभग सोलह सौ से अधिक ऐसे संदिग्ध नागरिकों की शिनाख्त की गई है। इस तरह के मामलों के सामने आने के बाद प्रशासनिक तंत्र और निर्वाचन से जुड़े अधिकारी अत्यधिक सतर्कता बरत रहे हैं। सूचियों को त्रुटिहीन बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाए जाने की बात कही जा रही है।
कार्रवाई के अन्य पहलू
इस संपूर्ण प्रक्रिया के दौरान कई मोर्चों पर नए अपडेट सामने आ रहे हैं जिनका असर चुनावी व्यवस्थाओं पर पड़ सकता है। हालांकि इस संदर्भ में अभी तमाम आधिकारिक और विस्तृत जानकारियों के आने का इंतजार किया जा रहा है।
इस पूरी नीतिगत प्रक्रिया और सूची पुनरीक्षण के दीर्घकालिक प्रभावों का आकलन विशेषज्ञों द्वारा किया जाना बाकी है। प्रशासनिक स्तर पर इस मुहिम से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर आगे की स्पष्टता आने के बाद ही पूरी स्थिति सामने आ सकेगी।
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स्रोत: प्रभात खबर
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