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यूपी राजनीति

राज्य निर्वाचन आयोग और भारत निर्वाचन आयोग में क्या अंतर है

पंचायत चुनाव और विधानसभा चुनाव अलग-अलग संस्थाएं कराती हैं। संविधान के अनुच्छेद 324, 243K और 243ZA के आधार पर दोनों आयोगों का अंतर आसान भाषा में।

राज्य निर्वाचन आयोग और भारत निर्वाचन आयोग में क्या अंतर है विषय का ग्राफिक
ग्राफिक: UP Election News

राज्य निर्वाचन आयोग और भारत निर्वाचन आयोग, दोनों चुनाव कराते हैं। लेकिन दोनों के काम, अधिकार और संवैधानिक आधार अलग हैं। यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव और पंचायत चुनाव, दोनों की चर्चा है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि कौन सा चुनाव कौन सी संस्था कराती है। यह लेख संविधान के प्रावधानों पर आधारित है।

भारत निर्वाचन आयोग क्या करता है

संविधान का अनुच्छेद 324 भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को अधिकार देता है। यह संसद, राज्य विधानसभाओं और विधान परिषदों के चुनाव कराता है। राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव भी यही कराता है। आयोग में एक मुख्य चुनाव आयुक्त और दो चुनाव आयुक्त हैं। इस समय ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त हैं। राज्यों में इसके प्रतिनिधि मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) होते हैं। यूपी में भी CEO का अलग कार्यालय लखनऊ में है।

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राज्य निर्वाचन आयोग क्या करता है

1992 के 73वें और 74वें संविधान संशोधन के बाद हर राज्य में राज्य निर्वाचन आयोग बना। अनुच्छेद 243K के तहत यह पंचायत चुनाव कराता है। अनुच्छेद 243ZA के तहत यह नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत के चुनाव भी कराता है। इसमें एक राज्य निर्वाचन आयुक्त होता है, जिसे राज्यपाल नियुक्त करते हैं।

अनुच्छेद 243K के अनुसार राज्य निर्वाचन आयुक्त को उसी तरीके और आधार पर हटाया जा सकता है, जैसे हाईकोर्ट के जज को। इससे उसकी स्वतंत्रता सुनिश्चित होती है।

नियुक्ति और हटाने का तरीका

मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं। 2023 के कानून के तहत इसके लिए एक चयन समिति नाम सुझाती है। इसमें प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक केंद्रीय मंत्री होते हैं। अनुच्छेद 324 के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त को सुप्रीम कोर्ट के जज की तरह ही हटाया जा सकता है।

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दूसरी ओर राज्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति राज्यपाल करते हैं। उसकी सेवा शर्तें राज्य का कानून तय करता है। यानी एक संस्था केंद्र के स्तर पर और दूसरी राज्य के स्तर पर काम करती है।

मुख्य अंतर एक नजर में

चुनाव का दायरा

ECI लोकसभा और विधानसभा जैसे चुनाव कराता है। राज्य निर्वाचन आयोग ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत और शहरी निकायों के चुनाव कराता है।

मतदाता सूची

दोनों की मतदाता सूचियां अलग बनती हैं। विधानसभा की सूची में नाम होने से पंचायत की सूची में नाम अपने आप नहीं जुड़ता। पंचायत सूची के बारे में पंचायत वोटर लिस्ट लेख पढ़ें।

आचार संहिता

दोनों आयोग अपने-अपने चुनावों के लिए आचार संहिता लागू करते हैं। विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के बारे में आदर्श आचार संहिता लेख में जानकारी है।

विश्लेषण: दोनों में तालमेल क्यों जरूरी

राज्य निर्वाचन आयोग और ECI स्वतंत्र संस्थाएं हैं। लेकिन मतदान कर्मचारी, सुरक्षा बल और प्रशासनिक मशीनरी अक्सर एक ही होती है। अगर पंचायत चुनाव और विधानसभा चुनाव पास-पास हों, तो दोनों के कार्यक्रम में तालमेल अहम हो जाता है। यूपी में पंचायत चुनाव का कार्यक्रम राज्य निर्वाचन आयोग तय करेगा। ECI की जानकारी भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर है।

यह भी पढ़ें: UP पंचायत चुनाव 2026

स्रोत: भारत का संविधान, अनुच्छेद 324, 243K और 243ZA; भारत निर्वाचन आयोग।

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