UP पंचायत चुनाव 2026 तय समय पर नहीं हो पाए। ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायतों का कार्यकाल मई 2026 में खत्म हो गया। नए चुनाव की अधिसूचना अभी जारी नहीं हुई है। 14 अक्टूबर 2026 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तीन महीने में चुनाव पूरे करने का निर्देश दिया। इस लेख में अदालत के आदेश और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर अब तक की स्थिति दी गई है।
पंचायत चुनाव कौन कराता है
संविधान के अनुच्छेद 243K के तहत पंचायत चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग कराता है, भारत निर्वाचन आयोग नहीं। मतदाता सूची तैयार करना, आरक्षित सीटों की अधिसूचना के बाद चुनाव कार्यक्रम घोषित करना और मतगणना कराना इसी आयोग का काम है। ग्राम पंचायतें यूपी पंचायत राज अधिनियम 1947 के तहत चलती हैं। क्षेत्र और जिला पंचायतें 1961 के अधिनियम के तहत चलती हैं।
अनुच्छेद 243E के अनुसार पंचायत का कार्यकाल पहली बैठक से पांच वर्ष का होता है। UP पंचायत चुनाव 2026 का विवाद इसी प्रावधान से जुड़ा है।
UP पंचायत चुनाव 2026 की मतदाता सूची
हाईकोर्ट के समक्ष रखी गई जानकारी के अनुसार पंचायत मतदाता सूची का पुनरीक्षण कई चरणों में हुआ। 18 जुलाई 2025 की अधिसूचना के बाद सूची 18 नवंबर 2025 को अंतिम होनी थी। इसके बाद 6 जनवरी 2026 और 17 अप्रैल 2026 को संशोधित अधिसूचनाएं आईं। आयोग ने अदालत को बताया कि अंतिम सूची 10 जून 2026 को प्रकाशित हुई। इसके बाद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी।
पंचायत चुनाव की मतदाता सूची विधानसभा सूची से अलग होती है। विधानसभा सूची भारत निर्वाचन आयोग की देखरेख में बनती है, जबकि पंचायत सूची राज्य निर्वाचन आयोग तैयार करता है।
OBC आरक्षण और समर्पित आयोग
सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के अनुसार स्थानीय निकायों में OBC आरक्षण के लिए तिहरी जांच (ट्रिपल टेस्ट) जरूरी है। पहली शर्त समर्पित आयोग से पिछड़ेपन का अध्ययन है। दूसरी, आयोग की सिफारिश के अनुसार आरक्षण तय करना। तीसरी, कुल आरक्षण 50% से ऊपर न जाना।
राज्य सरकार ने 18 मई 2026 को पांच सदस्यीय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग गठित किया। इसके अध्यक्ष पूर्व न्यायाधीश राम अवतार सिंह हैं। 25 मई 2026 को निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किया गया। सरकार का पक्ष था कि आयोग की रिपोर्ट आने तक चुनाव रुके रहें। इसी देरी के खिलाफ याचिकाएं दायर हुईं।
हाईकोर्ट ने क्या कहा
न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने कहा कि अनुच्छेद 243E अनिवार्य है। आयोग की रिपोर्ट के नाम पर चुनाव टाले नहीं जा सकते। अदालत के अनुसार UP पंचायत चुनाव 2026 मौजूदा आरक्षण व्यवस्था में होंगे। इसमें 27% OBC आरक्षण शामिल है। सरकार को आयोग को कर्मचारी, धन और सुरक्षा उपलब्ध कराने को कहा गया। आदेश का विवरण LiveLaw Hindi की रिपोर्ट में है।
अदालत ने यह भी कहा कि समर्पित आयोग अपनी जांच जारी रखेगा और तय या बढ़ाई गई अवधि में रिपोर्ट देगा।
आगे क्या
UP पंचायत चुनाव 2026 का कार्यक्रम राज्य निर्वाचन आयोग घोषित करेगा। उससे पहले आरक्षित पदों की सूची जारी होगी, उस पर आपत्तियां ली जाएंगी और फिर अंतिम आरक्षण तय होगा। अदालत ने आयोग से अगली सुनवाई से पहले पूरा कार्यक्रम रिकॉर्ड पर रखने को कहा है। सरकार इस आदेश पर आगे क्या कदम उठाती है, यह आधिकारिक अधिसूचना से ही स्पष्ट होगा।
UP पंचायत चुनाव 2026 से जुड़ी हर आधिकारिक अधिसूचना की जानकारी UP Election News पर दी जाएगी।
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स्रोत: भारत का संविधान (अनुच्छेद 243E, 243K); इलाहाबाद हाईकोर्ट का 14 अक्टूबर 2026 का आदेश, LiveLaw Hindi और The New Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार।


