मेरठ लोकसभा सीट पर 2024 में यूपी के सबसे करीबी मुकाबलों में से एक हुआ। भाजपा के अरुण गोविल ने सपा की सुनीता वर्मा को सिर्फ 10,585 वोटों से हराया। अंतर के हिसाब से यह प्रदेश की 80 सीटों में सातवां सबसे छोटा अंतर था। यह लेख चुनाव आयोग के आंकड़ों पर आधारित है।
मेरठ लोकसभा सीट 2024 का नतीजा
अरुण गोविल को 5,46,469 वोट मिले। यह कुल वैध वोटों का 46.4% था। सुनीता वर्मा को 5,35,884 वोट (45.5%) मिले। बसपा के देवव्रत त्यागी 87,025 वोट (7.39%) के साथ तीसरे स्थान पर रहे। कुल 9 उम्मीदवार मैदान में थे। NOTA को 4,776 वोट मिले।
सीट पर 20,05,669 मतदाता थे और 59.01% मतदान हुआ। यह प्रदेश के औसत 56.99% से करीब दो प्रतिशत अंक ज्यादा था।
उम्मीदवार और डाक मतपत्र
आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार चुनाव के समय अरुण गोविल की उम्र 72 वर्ष और सुनीता वर्मा की 47 वर्ष थी। डाक मतपत्र में अरुण गोविल को 2,094 और सुनीता वर्मा को 875 वोट मिले। यानी डाक वोट का अंतर 1,219 रहा। EVM वोटों में अंतर करीब 9,400 रहा।
पांच विधानसभा क्षेत्र और 2022 का हाल
परिसीमन आदेश 2008 के अनुसार मेरठ लोकसभा सीट में किठौर, मेरठ कैंट, मेरठ, मेरठ दक्षिण और हापुड़ (SC) विधानसभा क्षेत्र हैं। हापुड़ विधानसभा क्षेत्र हापुड़ जिले में है। 2022 में इनमें से तीन भाजपा और दो सपा ने जीती थीं।
- किठौर: सपा 2,180 वोटों से जीती
- मेरठ कैंट: भाजपा के अमित अग्रवाल 1,18,072 वोटों से जीते
- मेरठ: सपा के रफीक अंसारी 26,065 वोटों से जीते
- मेरठ दक्षिण: भाजपा 7,942 वोटों से जीती
- हापुड़ (SC): भाजपा 7,034 वोटों से जीती
2022 में इन पांचों क्षेत्रों में भाजपा को 5,74,815 वोट मिले थे। सपा-रालोद गठबंधन के उम्मीदवारों को मिलाकर करीब 4.70 लाख वोट मिले थे। मेरठ कैंट को छोड़ दें, तो बाकी चार सीटों पर 2022 में भी मुकाबला करीबी था। विधानसभा और लोकसभा चुनाव में रुझान अलग होता है, इसलिए यह तुलना सिर्फ संकेत देती है।
2024 में मेरठ लोकसभा सीट पर क्या बदला
2024 में रालोद भाजपा के साथ आ गई। इसके बावजूद भाजपा का वोट 2022 के मुकाबले करीब 28 हजार कम रहा। सपा का वोट 2022 में सपा-रालोद को मिले कुल वोट से भी करीब 66 हजार ज्यादा रहा। मेरठ लोकसभा सीट पर बसपा का वोट भी घटा। 2022 में पांचों क्षेत्रों में उसे करीब 1.55 लाख वोट मिले थे, जो 2024 में 87 हजार रह गए।
विश्लेषण: 2027 में कड़ी टक्कर के संकेत
मेरठ लोकसभा सीट के नतीजे बताते हैं कि यहां भाजपा और सपा के बीच अंतर बहुत कम है। किठौर, मेरठ दक्षिण और हापुड़ जैसी सीटों पर 2022 में भी अंतर 8 हजार से कम था। 2027 में इन सीटों पर मुकाबला फिर कड़ा रह सकता है। करीबी सीटों पर यूपी की सबसे करीबी सीटें लेख पढ़ें। आधिकारिक आंकड़े चुनाव आयोग की वेबसाइट पर हैं।
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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग, लोकसभा आम चुनाव 2024 की सांख्यिकीय रिपोर्टें; उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 की रिपोर्ट; परिसीमन आदेश 2008।
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