लखनऊ लोकसभा सीट प्रदेश की राजधानी की सीट है और भाजपा का पुराना गढ़ मानी जाती है। 2024 में यहां केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की। उन्होंने सपा के रविदास मेहरोत्रा को 1,35,159 वोटों से हराया। यह लेख चुनाव आयोग के आंकड़ों पर आधारित है।
लखनऊ लोकसभा सीट 2024 का नतीजा
राजनाथ सिंह को 6,12,709 वोट मिले। यह कुल वैध वोटों का 54.24% था। रविदास मेहरोत्रा को 4,77,550 वोट (42.28%) मिले। बसपा के मोहम्मद सरवर मलिक 30,192 वोट (2.67%) के साथ तीसरे स्थान पर रहे। कुल 11 उम्मीदवार मैदान में थे। NOTA को 7,350 वोट मिले।
सीट पर 21,73,953 मतदाता थे। मतदान 52.45% रहा, जो प्रदेश के औसत 56.99% से काफी कम था। यानी करीब हर दो में से एक मतदाता ने ही वोट डाला।
उम्मीदवार और डाक मतपत्र
आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार चुनाव के समय राजनाथ सिंह की उम्र 72 वर्ष और रविदास मेहरोत्रा की 69 वर्ष थी। डाक मतपत्र में राजनाथ सिंह को 2,112 और रविदास मेहरोत्रा को 1,247 वोट मिले। अंतर के हिसाब से यह 2024 में यूपी की 80 सीटों में 20वीं सबसे बड़ी जीत थी।
लखनऊ लोकसभा सीट का इतिहास
लखनऊ लोकसभा सीट का इतिहास भाजपा के लिए खास है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी 1991 से 2004 तक लगातार पांच बार यहां से सांसद चुने गए। राजनाथ सिंह 2014 से इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वे यूपी के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं।
पांच विधानसभा क्षेत्र और 2022 का हाल
परिसीमन आदेश 2008 के अनुसार इस सीट में लखनऊ पश्चिम, लखनऊ उत्तर, लखनऊ पूर्व, लखनऊ मध्य और लखनऊ कैंट विधानसभा क्षेत्र हैं। 2022 में इनमें से तीन भाजपा और दो सपा ने जीती थीं।
- लखनऊ पश्चिम: सपा के अरमान खान 8,184 वोटों से जीते
- लखनऊ उत्तर: भाजपा के नीरज बोरा 33,953 वोटों से जीते
- लखनऊ पूर्व: भाजपा के आशुतोष टंडन 68,731 वोटों से जीते
- लखनऊ मध्य: सपा के रविदास मेहरोत्रा 10,935 वोटों से जीते
- लखनऊ कैंट: भाजपा के ब्रजेश पाठक 39,512 वोटों से जीते
2022 में इन पांचों क्षेत्रों को मिलाकर भाजपा को 6,10,100 और सपा को 4,87,023 वोट मिले थे। यानी दोनों चुनावों में भाजपा की बढ़त 1.2 से 1.4 लाख के बीच रही। विधानसभा और लोकसभा चुनाव में रुझान अलग होता है, इसलिए यह तुलना सिर्फ संकेत देती है।
लगातार तीसरी जीत
2024 की जीत के साथ राजनाथ सिंह ने लगातार तीसरी बार लखनऊ लोकसभा सीट जीती। इस बार उनका वोट शेयर 54.24% रहा। मुकाबला लगभग सीधा था, क्योंकि बसपा का वोट 3% से कम रहा।
विश्लेषण: स्थिर बढ़त
लखनऊ लोकसभा सीट पर भाजपा का वोट शेयर 50% से ऊपर रहा। सपा ने अपने मौजूदा विधायक को उतारा, फिर भी अंतर एक लाख से ज्यादा रहा। लेकिन 2027 में लखनऊ पश्चिम और लखनऊ मध्य जैसी सीटों पर मुकाबला कड़ा रह सकता है। पूरे प्रदेश का हाल यूपी लोकसभा चुनाव 2024 नतीजे लेख में है। आधिकारिक आंकड़े चुनाव आयोग की वेबसाइट पर हैं।
यह भी पढ़ें: गोरखपुर लोकसभा सीट 2024 | यूपी में मतदान का रुझान
स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग, लोकसभा आम चुनाव 2024 की सांख्यिकीय रिपोर्टें; उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 की रिपोर्ट; परिसीमन आदेश 2008।
और पढ़ें: आपके लिए चुनी गई ख़बरें → (प्रायोजित)


