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भाजपा (BJP)

मनीष रावत: सिधौली से भाजपा के विधायक, 2022 में 9,716 वोट से जीत

मनीष रावत सिधौली विधानसभा सीट से भाजपा के विधायक हैं। 2022 में 9,716 वोट से जीत, 2017 का नतीजा, हलफनामे की जानकारी और सीट का गणित।

मनीष रावत (सिधौली विधायक) की प्रोफाइल का ग्राफिक
ग्राफिक: UP Election News

मनीष रावत उत्तर प्रदेश की सिधौली विधानसभा सीट (क्रमांक 152) से विधायक हैं। यह सीट सीतापुर जिले में आती है और मोहनलालगंज लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। सिधौली सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। 2022 के विधानसभा चुनाव में मनीष रावत भाजपा के टिकट पर जीते थे।

UP Election News की इस प्रोफाइल में मनीष रावत के चुनावी सफर, सिधौली सीट के 2017 और 2022 के नतीजे, जीत का अंतर और चुनावी हलफनामे में दी गई जानकारी एक जगह रखी गई है। सभी आंकड़े भारत निर्वाचन आयोग और ADR/MyNeta पर उपलब्ध हलफनामों से लिए गए हैं।

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2022 का चुनाव: सिधौली में कितने वोट, कितना अंतर

2022 के विधानसभा चुनाव में सिधौली सीट पर मनीष रावत (भाजपा) को 1,06,222 वोट यानी 43.58% वोट मिले। दूसरे स्थान पर डॉ. हरगोविंद भार्गव (सपा) रहे, जिन्हें 96,506 वोट (39.60%) मिले। इस तरह जीत का अंतर 9,716 वोट रहा, जिसे करीबी जीत कहा जा सकता है। तीसरे स्थान पर बसपा के पुष्पेंद्र कुमार उर्फ डॉ. पुष्पेंद्र पासी को 31,530 वोट मिले।

इस चुनाव में सीट पर कुल 3,55,182 मतदाता थे और मतदान 68.62% रहा। मैदान में 12 उम्मीदवार थे, जबकि 1,556 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया।

2017 में सिधौली सीट का हाल

2017 के विधानसभा चुनाव में सिधौली सीट बसपा के हरगोविंद भार्गव ने जीती थी। उन्हें 78,506 वोट (34.05%) मिले थे और उन्होंने सपा के मनीष रावत को 2,510 वोटों से हराया था। उस चुनाव में मतदान 70.70% रहा था। यानी 2022 में यह सीट बसपा के हाथ से निकलकर भाजपा के पास चली गई। मनीष रावत 2017 में भी इसी सीट से मैदान में थे और दूसरे स्थान पर रहे थे।

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चुनाव विजेता दल वोट जीत का अंतर
2017 हरगोविंद भार्गव बसपा 78,506 2,510
2022 मनीष रावत भाजपा 1,06,222 9,716

हलफनामे में क्या जानकारी दी गई

2022 के विधानसभा चुनाव में दाखिल हलफनामे के मुताबिक नामांकन के समय उनकी उम्र 38 साल थी और शैक्षणिक योग्यता परास्नातक (पोस्ट ग्रेजुएट) है। हलफनामे के मुताबिक उन्होंने कुल ₹4,11,61,881 (करीब 4.12 करोड़ रुपये) की संपत्ति घोषित की थी, जबकि देनदारियां ₹1,51,47,528 (करीब 1.51 करोड़ रुपये) बताई गई थीं। आपराधिक मामलों के कॉलम में हलफनामे के मुताबिक उन पर 5 मामले घोषित थे।

ये आंकड़े उम्मीदवार की ओर से खुद दी गई जानकारी हैं। घोषित आपराधिक मामलों का मतलब दोषसिद्धि नहीं है, ज्यादातर मामले जांच या सुनवाई के स्तर पर होते हैं। संपत्ति का आंकड़ा नामांकन के समय का है और उसके बाद इसमें बदलाव संभव है।

सीतापुर जिले और 2027 के लिहाज से सीट

सीतापुर जिले में विधानसभा की 9 सीटें हैं। 2022 में इनमें से भाजपा 8, सपा 1 सीटें जीती थीं। सिधौली में 2017 से 2022 के बीच मतदाताओं की संख्या 3,29,188 से बढ़कर 3,55,182 हुई और मतदान 2.08 प्रतिशत अंक घटा। नोटा को 2017 में 2,169 और 2022 में 1,556 वोट मिले थे।

मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 तक है और मुख्य चुनाव आयुक्त के मुताबिक अगला विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च 2027 में तय समय पर होगा। सिधौली में पिछले दो चुनावों के नतीजे बताते हैं कि मुकाबला आगे भी दिलचस्प रह सकता है। टिकट और गठबंधन की तस्वीर साफ होने के बाद ही सीट का असली समीकरण सामने आएगा।

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स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग (उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017, 2022 के परिणाम), ADR/MyNeta पर उपलब्ध चुनावी हलफनामा। मूल आंकड़े: भारत निर्वाचन आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्ट और MyNeta पर मनीष रावत का हलफनामा।

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